फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Crop residue management is the need of the hour: Dr. Jasbir

फसल अवशेष प्रबंधन समय की मांग : डॉ. जसबीर

Thu, 14 Nov 2024 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 14 Nov 2024 01:39 AM IST
विज्ञापन
Crop residue management is the need of the hour: Dr. Jasbir
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

राजौंद। जाखौली गांव में बुधवार को ग्राम स्तरीय फसल अवशेष प्रबंधन प्रशिक्षण शिविर लगाया। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र के विस्तार शिक्षा वैज्ञानिक डॉ. जसबीर सिंह ने किसानों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन समय की मांग है। शिविर में गांव जाखौली के लगभग 50 किसानों ने हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा कि यह फसल अवशेष नहीं, बल्कि किसानों के लिए विशेष है। उन्होंने किसानों को बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने के साथ साथ जमीन में उपस्थित मित्र कीट भी नष्ट होते है, जो हमारी पैदावार पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। उन्होंने किसानों को आह्वान किया कि वो फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करके कृषि विश्वविद्यालय व प्रशासन का सहयोग करे। केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. अमित कुमार ने बताया कि किसान भाई सरकार द्वारा अनुदान पर दी जाने वाली मशीनों जैसे सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, सरफेस सीडर, जीरो टिलेज मशीन, मल्चर, चॉपर तथा रोटावेटर द्वारा फसल अवशेषों का यथास्थान प्रबंधन कर सकते हैं तथा सरकार खेतों से बाहर फसल अवशेष प्रबंधन के लिए भी मशीनें जैसे हे रेकर, बेलर इत्यादि भी उपलब्ध करवा रही है।
विज्ञापन


उन्होंने इसके अतिरिक्त आगामी रबी फसल गेहूं की सिफारिश उन्नत किस्मों तथा खरपतवारनाशक की भी जानकारी दी। केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. दीपक कुमार ने किसानों को बताया कि जैविक कार्बन भूमि की उर्वरा शक्ति बढाने का प्रमुख कारक हैं। भूमि के जैविक कार्बन को तीन ही तरीकों से बढ़ाया जा सकता है या तो खेतों में जैविक खादों जैसे गोबर खाद, केंचुआ खाद आदि डाले, या अपने खेत में हरी खाद जैसे ढैंचा, मूंग इत्यादि उगाकर भूमि में मिला दे तथा तीसरा तरीका, फसल अवशेषों का यथास्थान प्रबंधन करके खेत में ही मिला दे।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं अधिकारी ः एसडीएम

कलायत। एसडीएम सत्यवान सिंह ने बुधवार को अपने कार्यालय में फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं और अधिक से अधिक समय फील्ड मे ही रहें।

किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करें। कहा कि पर्यावरण प्रदूषण गंभीर समस्या है, जिससे निपटना हम सबकी जिम्मेदारी है। सभी संबंधित अधिकारी फील्ड में रहकर पूरी सतर्कता से निगरानी करें, ताकि कोई भी किसान फसल अवशेष जलाने का प्रयास न करे। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा हरियाणा के मुख्य सचिव द्वारा दिए गए आदेशों का दृढ़ता के साथ पालन करें।


बैठक के बाद एसडीएम के नेतृत्व में गांव कोलेखां, ढूंढ़वा, कुराड़ में फ्लैग मार्च निकाला गया। इसके अलावा तहसीलदार कलायत के नेतृत्व में बालू व कैलरम में और बीडीपीओ के नेतृत्व में बात्ता व खरक पांडवा में फ्लैग मार्च निकाला गया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed