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तीन जगहाो पर 157 एकड पऊफसल राख्ा
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Thu, 13 Apr 2017 12:33 AM IST
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कानपुर फसल में आग
- फोटो : SELF
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प्यौंदा में गेहूं की 80 एकड़ फसल जलने के मामले में बुधवार को पुलिस ने किसानों की शिकायत पर बिजली विभाग के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इसमें किसानों ने बताया कि उन्होंने बिजली विभाग को फसल पकने के समय से ही बिजली बंद करने की सूचना दी हुई थी। लेकिन बिजली विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। तितरम थाना पुलिस को दी शिकायत में गांव प्यौंदा निवासी रामनिवास ने बताया कि 9 अप्रैल रविवार को उनके खेतों में शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। यह आग बिजली विभाग की लापरवाही के कारण लगी है। इसमें 25 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। किसान ने बताया कि उन्होंने बिजली विभाग को फसल पकने के कारण बिजली बंद करने के लिए पहले की सूचना दी थी। वाबजूद इसके बिजली विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। एएसआई धर्मपाल ने बताया कि पुलिस ने बिजली विभाग की लापरवाही का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं गांव प्यौंदा निवासी कृष्ण ने बताया कि 10 अप्रैल को उसके खेतों में सुबह 10 बजे शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। यह आग बिजली विभाग की लापरवाही के कारण लगी है। इसमें 55 एकड़ फसल जलकर राख हो गई। एएसआई जयकिशन ने बताया कि पुलिस ने बिजली विभाग के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
आग लगने से क्षेत्र के गांवों फरल और दुसैन में खेतों में खड़ी लगभग 70 एकड़ गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन जब तक आग बुझ पाई आग से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल तबाह हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार फरल से खेड़ी मटरवा रोड़ के नजदीक स्थित खेतों में आज दोपहर अचानक आग लग गई और तेज हवा के कारण ये आग देखते ही देखते घोड़ा पुली के खेतों तक पहुंच गई। ग्रामीणों ने आग की सूचना फायर बिग्रेड को दी, लेकिन साथ-साथ दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ खुद ही आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। सूचना के आधे घंटे बाद फायर बिग्रेड की एक गाड़ी ही मौके पर पहुंची। आग पर काबू होने के बाद दूसरी फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची। इससे पहले ग्रामीणों ने खेतों में खड़ी फसल को ट्रैक्टर से नष्ट करके आग को आग जाने से रोका। आग की सूचना के बाद सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने के लिए पेड़ों की टहनियों व पानी के साथ आग पर काबू पाने में जुट गए। ये ग्रामीणों का ही प्रयास था कि खेतों में बने डेरे-ढानियां आग की चपेट में आने से बच गए। यदि आग इन डेरों तक पहुंच जाती तो जान-माल की भी भारी क्षति हो सकती थी। आग के तांडव ने कई किसानों की खड़ी फसल और पशु चारे को तबाह करके रख दिया।
इन किसानों की जली फसले- गांव फरल में कशमीर सिंह 8 एकड़, रतन सिंह की 8 एकड़, गुरबचन की 8 एकड़, साहब सिंह के 5 एकड़, मालक सिंह के अढ़ाई किले, रजवंत सिंह के अढ़ाई एकड़, टहल सिंह के 3, शीशा सिंह के 3, निशान सिंह के 3, करनैल सैनी के करीब दो एकड़, कृष्ण सैनी के 4, गौपाल सैनी की एक, रमन सैनी की एक, निशाबर सिंह की करीब दो एकड़, कश्मीर सिंह की दो एकड़, जसविंद्र की दो, महल सिंह की दो, पलविंद्र की दो, जंगीर सिंह की दो, टहल पुत्र सिंगारा की दो, बीरा सिंह की दो, चमकार की दो एकड़ फसल जलकर राख हो गई। इसके अलावा मंगलवार शाम गांव दुसैन के खेतों में लगी आग से शेर सिंह की 4 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई और किसान सिंदर सिंह के चार एकड़ में खड़े फाने भी जल गए।
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आग ने निकाले किसानों के आंसू
दोपहर फरल के खेतों में लगी आग से किसानों की आंखों से आंसु निकल आए। उनकी मेहनत की कमाई उनकी आंखों के सामने जलकर राख हो गई और वे कुछ नहीं कर पाए।
बेटे की मेहनत की कमाई को जलता देख मां के भी निकले आंसु निकल आए। दोपहर जब फरल के खेतों में आग जल रही थी तब एक किसान की मां किरपाल कौर (85 वर्षीय) दहाड़ मार कर रो रही थी और हर कोई उस मां को दिलासा देने में जुटा हुआ था। मां का कहना था कि वे रब्बा मेरे पुत दी सारी फसल जला ती आ, हुन मेरा पुत किथे जाउंगा।
जली हुई फसलों को तुरंत मिले मुआवजा-
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिन किसानों की फसलें आगजनी का शिकार हुए है। उन्हें तुरंत नुकसान का मुआवजा दिया जाए व खाने का अनाज भी मुहैया करवाया जाए।
आग का तांडव रुकने का नाम ही नही ले रहा है। हर रोज आग की तबाही से किसानों का पीला सोना जलकर राख हो रहा है। शाम 5 बजे के आसपास गांव जाखौली में किच्छाना कच्चे मार्ग पर बलजीत सिंह व राधा सिंह के खेत में लगी आग से 7 एकड़ के लगभग गेहूं की फसल राख हो गई। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण व फायर बिग्रेड की गाड़ी ने पहुंचकर आग पर काबू पा लिया जिससे हजारों एकड़ गेहूं की फसल को बचा लिया गया। इसी तरह मंगलवार को रस मंगल तीर्थ जाखौली किसानों के 15 से 20 एकड़ गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई थी। कल शाम को सौंगल रोड़ पर 20 एकड़ के लगभग गेहूं की फसल जल गई थी। अब तक आग लगने का कारण का पता नही चल पाया। किसानों का यह भी कहना है कि बिजली की बड़ी लाइन खेतों से गुजर रही है हो सकता है इससे भी चिंगारी गिरकर फसल में आग लगी हो। इसी तरह गांव किठाना में शाम साढ़े तीन बजे के आसपास संडील मार्ग पर खेतों में लगी आग से गेहूं की 8 एकड़ की फसल जल गई। जिसमें किसान आजाद, राजपाल के 8 एकड़ गेहूं की फसल जल गई।
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आग लगने से क्षेत्र के गांवों फरल और दुसैन में खेतों में खड़ी लगभग 70 एकड़ गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन जब तक आग बुझ पाई आग से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल तबाह हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार फरल से खेड़ी मटरवा रोड़ के नजदीक स्थित खेतों में आज दोपहर अचानक आग लग गई और तेज हवा के कारण ये आग देखते ही देखते घोड़ा पुली के खेतों तक पहुंच गई। ग्रामीणों ने आग की सूचना फायर बिग्रेड को दी, लेकिन साथ-साथ दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ खुद ही आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। सूचना के आधे घंटे बाद फायर बिग्रेड की एक गाड़ी ही मौके पर पहुंची। आग पर काबू होने के बाद दूसरी फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची। इससे पहले ग्रामीणों ने खेतों में खड़ी फसल को ट्रैक्टर से नष्ट करके आग को आग जाने से रोका। आग की सूचना के बाद सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने के लिए पेड़ों की टहनियों व पानी के साथ आग पर काबू पाने में जुट गए। ये ग्रामीणों का ही प्रयास था कि खेतों में बने डेरे-ढानियां आग की चपेट में आने से बच गए। यदि आग इन डेरों तक पहुंच जाती तो जान-माल की भी भारी क्षति हो सकती थी। आग के तांडव ने कई किसानों की खड़ी फसल और पशु चारे को तबाह करके रख दिया।
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इन किसानों की जली फसले- गांव फरल में कशमीर सिंह 8 एकड़, रतन सिंह की 8 एकड़, गुरबचन की 8 एकड़, साहब सिंह के 5 एकड़, मालक सिंह के अढ़ाई किले, रजवंत सिंह के अढ़ाई एकड़, टहल सिंह के 3, शीशा सिंह के 3, निशान सिंह के 3, करनैल सैनी के करीब दो एकड़, कृष्ण सैनी के 4, गौपाल सैनी की एक, रमन सैनी की एक, निशाबर सिंह की करीब दो एकड़, कश्मीर सिंह की दो एकड़, जसविंद्र की दो, महल सिंह की दो, पलविंद्र की दो, जंगीर सिंह की दो, टहल पुत्र सिंगारा की दो, बीरा सिंह की दो, चमकार की दो एकड़ फसल जलकर राख हो गई। इसके अलावा मंगलवार शाम गांव दुसैन के खेतों में लगी आग से शेर सिंह की 4 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई और किसान सिंदर सिंह के चार एकड़ में खड़े फाने भी जल गए।
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आग ने निकाले किसानों के आंसू
दोपहर फरल के खेतों में लगी आग से किसानों की आंखों से आंसु निकल आए। उनकी मेहनत की कमाई उनकी आंखों के सामने जलकर राख हो गई और वे कुछ नहीं कर पाए।
बेटे की मेहनत की कमाई को जलता देख मां के भी निकले आंसु निकल आए। दोपहर जब फरल के खेतों में आग जल रही थी तब एक किसान की मां किरपाल कौर (85 वर्षीय) दहाड़ मार कर रो रही थी और हर कोई उस मां को दिलासा देने में जुटा हुआ था। मां का कहना था कि वे रब्बा मेरे पुत दी सारी फसल जला ती आ, हुन मेरा पुत किथे जाउंगा।
जली हुई फसलों को तुरंत मिले मुआवजा-
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिन किसानों की फसलें आगजनी का शिकार हुए है। उन्हें तुरंत नुकसान का मुआवजा दिया जाए व खाने का अनाज भी मुहैया करवाया जाए।
आग का तांडव रुकने का नाम ही नही ले रहा है। हर रोज आग की तबाही से किसानों का पीला सोना जलकर राख हो रहा है। शाम 5 बजे के आसपास गांव जाखौली में किच्छाना कच्चे मार्ग पर बलजीत सिंह व राधा सिंह के खेत में लगी आग से 7 एकड़ के लगभग गेहूं की फसल राख हो गई। मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण व फायर बिग्रेड की गाड़ी ने पहुंचकर आग पर काबू पा लिया जिससे हजारों एकड़ गेहूं की फसल को बचा लिया गया। इसी तरह मंगलवार को रस मंगल तीर्थ जाखौली किसानों के 15 से 20 एकड़ गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई थी। कल शाम को सौंगल रोड़ पर 20 एकड़ के लगभग गेहूं की फसल जल गई थी। अब तक आग लगने का कारण का पता नही चल पाया। किसानों का यह भी कहना है कि बिजली की बड़ी लाइन खेतों से गुजर रही है हो सकता है इससे भी चिंगारी गिरकर फसल में आग लगी हो। इसी तरह गांव किठाना में शाम साढ़े तीन बजे के आसपास संडील मार्ग पर खेतों में लगी आग से गेहूं की 8 एकड़ की फसल जल गई। जिसमें किसान आजाद, राजपाल के 8 एकड़ गेहूं की फसल जल गई।