{"_id":"58daa80f4f1c1b467763f538","slug":"tarkol-panipat-refinery-turck-driver-fraud-police-raid-factory-kaithal","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानीपत रिफाइनरी से आने वाले तारकोल में केमिकल मिलाकर बनाते थे नकली तारकोल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पानीपत रिफाइनरी से आने वाले तारकोल में केमिकल मिलाकर बनाते थे नकली तारकोल
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Tue, 28 Mar 2017 11:44 PM IST
विज्ञापन
ट्रक
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत रिफाइनरी से आने वाले तारकोल से भरे ट्रक चालकों के साथ साठ-गांठ कर राजौंद के दो युवक नकली तारकोल बनाने में जुटे थे। इसे गड़बड़झाले को वे अपनी नकली तारकोल बनाने वाली फैक्ट्री में अंजाम देते थे। मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते की सूचना पर की गई कार्रवाई में नकली फैक्ट्री से पुलिस ने तारकोल से भरे एक ट्रक को बरामद कर फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
राजौंद थाना एसएचओ रामकुमार ने बताया कि 27 मार्च को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से सूचना मिली थी कि राजौंद के मंडवाल रोड पर एक गैस एजेंसी की गोदाम के पास एक नकली तारकोल फैक्ट्री लगाई गई है।
जिसके पास कोई लाइसेंस व परमिट नहीं है। पानीपत रिफाइनरी से तारकोल लोड करके जो गाड़ियां पंजाब जाती है। उन गाड़ी चालकों की इस फैक्ट्री मालिक के साथ मिलीभगत है। उन गाड़ियों के चालक अपनी मालिकों व फर्म की अनुमति के बिना अपनी लोड हुई गाड़ियों को इस फैक्ट्री में लेकर आते हैं। फैक्ट्री को राजौंद निवासी अभिषेक और करनाल के कोहण निवासी रिंकू मिलकर चलाते हैं। मजदूरों को साथ लेकर आरोपी असली तारकोल निकाल कर बाकी का वजन पूरा करने के लिए केमिकल युक्त नकली तारकोल मिला देते हैं। इस तरह से ये दोनों ट्रक चालकों के साथ मिलीभगत करके उन फर्म मालिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं, जो पानीपत से तारकोल मंगवाते हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने सूचना मिलते ही एएसआई नरेश कुमार, हेड कांस्टेबल राजकुमार, ईएसआई भीम सिंह, देवेंद्र कुमार के साथ छापेमारी की। जिसमें एक तारकोल का ट्रक बरामद किया गया है। पुलिस ने उक्त दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
राजौंद थाना एसएचओ रामकुमार ने बताया कि 27 मार्च को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से सूचना मिली थी कि राजौंद के मंडवाल रोड पर एक गैस एजेंसी की गोदाम के पास एक नकली तारकोल फैक्ट्री लगाई गई है।
विज्ञापन
जिसके पास कोई लाइसेंस व परमिट नहीं है। पानीपत रिफाइनरी से तारकोल लोड करके जो गाड़ियां पंजाब जाती है। उन गाड़ी चालकों की इस फैक्ट्री मालिक के साथ मिलीभगत है। उन गाड़ियों के चालक अपनी मालिकों व फर्म की अनुमति के बिना अपनी लोड हुई गाड़ियों को इस फैक्ट्री में लेकर आते हैं। फैक्ट्री को राजौंद निवासी अभिषेक और करनाल के कोहण निवासी रिंकू मिलकर चलाते हैं। मजदूरों को साथ लेकर आरोपी असली तारकोल निकाल कर बाकी का वजन पूरा करने के लिए केमिकल युक्त नकली तारकोल मिला देते हैं। इस तरह से ये दोनों ट्रक चालकों के साथ मिलीभगत करके उन फर्म मालिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं, जो पानीपत से तारकोल मंगवाते हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने सूचना मिलते ही एएसआई नरेश कुमार, हेड कांस्टेबल राजकुमार, ईएसआई भीम सिंह, देवेंद्र कुमार के साथ छापेमारी की। जिसमें एक तारकोल का ट्रक बरामद किया गया है। पुलिस ने उक्त दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।