फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   kaithal,renwe halt 2016

नया रेलवे हॉल्ट दे गया वर्ष 2016....रोडवेज को नहीं मिल पाई संजीवनी

Tue, 27 Dec 2016 11:59 PM IST
kaithal beuro
kaithal beuro Updated Tue, 27 Dec 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
kaithal,renwe halt 2016
f - फोटो : amar ujala
वर्ष 2016 शहर को नया रेलवे स्टेशन दे गया। साथ ही यहां दो रेलवे ओवर ब्रिज मंजूर हुए हैं। रोडवेज में इस साल कोई नई बस नहीं मिली। नए साल में एक ओर नई ट्रेन मिलने की उम्मीद है। तो दूसरी ओर नए रेलवे स्टेशन से आधे शहर को फायदा हुआ है। लोगों के समय व धन की बचत हुई है।
विज्ञापन

शहर में करीब दस साल पहले नया बस स्टैंड शिफ्ट होने के बाद से ही सेक्टर 19 के निकट रेलवे स्टेशन की मांग शुरू हुई थी। पूर्व सांसद नवीन जिंदल ने इस रेलवे स्टेशन की नींव रखी थी। इसके बाद यह बनकर तैयार हो गया था। लेकिन यहां ट्रेनों का ठहराव शुरू नहीं हो पाया। करीब साल भर यह बनकर तैयार पड़ रहा और लोग यहां ट्रेनों के रुकने की मांग करते रहे। लेकिन कभी सिविल प्रशासन तो कभी रेलवे के नियम आड़े आते रहे। इस साल लोगों की मांग पर अगस्त में कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी ने आखिरकार नए हॉल्ट का उद्घाटन कर ट्रेनों के ठहराव की शुरूआत करवाई। जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली।
विज्ञापन



इस रेलवे स्टेशन के शुरू होने से हुडा सेक्टर 18, 19 व 20 सहित करनाल, अंबाला व ढांड रोड पर स्थित कालोनियों के लोगों को भारी लाभ हुआ है। इससे पूर्व लोगों को पुराने स्टेशन से उतर कर इस एरिया में आने में समय व धन दोनों खर्च करने पड़ते थे। ट्रेनों के ठहराव से कई बस्तियों, लघु सचिवालय और न्यायिक परिसर तक पैदल भी पहुंचा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रेलवे फाटक भी हुई चौड़ी
करनाल रोड स्थित फाटक के डबल होने पर वाहन चालकों को काफी फायदा मिला। उन्हें अब फाटक में जाम में नहीं फसना पड़ता। 28 सितंबर को अनाज मंडी में हुई विकास रैली में सीएम ने करनाल रोड पर ओवरब्रिज बनाने की घोषणा की। जिसका इसी वर्ष सर्वे भी हुआ। इसके अलावा कैथल से नरवाना तक पांच अंडरब्रिज बनाने का कार्य भी शुरू हुआ। जिससे जिला के कई गांवों को अब रेलवे लाइन को पार नहीं करना पड़ेगा।
रेल कल्याण समिति के चैयरमेन सतपाल गुप्ता ने बताया कि कुरुक्षेत्र से नरवाना रेलवे लाईन के विद्युतीकरण की घोषणा 2012 में हुई थी। वष 2016 में इसका बजट पास हुआ। लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में उकलाना से नरवाना रेल लाइन को बनाने की घोषणा के साथ इसका 461 करोड़ का बजट पास हो चुका है। इसके निर्माण से कैथल के लोगों को काफी फायदा मिलेगा क्योंकि इससे हिसार को वाया कैथल के रास्ते सीधा चंडीगढ़ से जुड़ जाएगा। लेकिन इस पर अभी तक कार्य शुरु नहीं हुआ है।

2017 के बजट से उम्मीदें
कैथल से दिल्ली वाया कुरुक्षेत्र ट्रेन को चलाने की लोगों की मांग है। इसके अलावा कुरुक्षेत्र से जगाधरी रेल लाइन बनाने की मांग भी है। जिसकी घोषणा से कैथल के लोग कुरुक्षेत्र के रास्ते से सीधा हरिद्वार से जुडेंगे।

रोडवेज के हाथ रहे खाली
जाते जाते 2016 रोडवेज विभाग के लिए कुछ खास नहीं रहा। जितनी यात्रियों को इससे उम्मीदें थी। विभाग से कैथल डिपों में एक भी बस शामिल नहीं हो पाई है। बसों के रूटों को भी नहीं बढ़ाया गया है। जिससे बसों में सफर करने वाले यात्रियों को अपने स्थान पर पहुंचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। वर्तमान के डिपों में केवल 143 बसें हैं जबकि मांग 200 बसों की है। इसके अलावा 70 रूट है। जिसकी संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष भी बराबर रही है। बसों की कमी के कारण कई रुटों पर यात्रियों को घंटो भर इंतजार करना पड़ता है।
 
लड़कियों की सुविधा के लिए चलाई तीन बसें
शहर में पढ़ाई के लिए आने वाली लड़कियों की सुविधा के लिए दो रूटों पर तीन बसें चलाई गई। जो कैथल से चीका और कैथल से पूंडरी के बीच में चली। लेकिन अब वह भी बंद हो चुकी है।


बेड़े में शामिल नहीं हुई कोई बस
डिपो महाप्रंबधक रामकुमार ने बताया कि इस वर्ष एक भी बस नहीं चली है। उन्होंने बताया कि नई बसे चलाने की अनुमति केवल मुख्य कार्यालय चंडीगढ़ को है। उन्हीं के आदेशानुसार इसकी अनुमति दी जाती है। यात्रियों को विभाग से बसों की काफी उम्मीदें है। इस वर्ष रोडवेज के बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed