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डेढ़ दशक पहले कैथल में दहशत का दूसरा नाम था ग्योंग

Fri, 02 Sep 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो कैथल
ब्यूरो कैथल Updated Fri, 02 Sep 2016 12:36 AM IST
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demo - फोटो : demo pic
जून माह में पेरोल से फरार होने के बाद सुरेंद्र ग्योंग को लेकर लोगों में जो दहशत थी, वह एक डॉक्टर से रंगदारी की बात सामने आने पर और गहरी हो गई है। करीब डेढ़ दशक पहले तक कैथल सहित आस-पास के इलाकों में दहशत का पर्याय रह चुके ग्योंग का नाम जिस तरह से इस मामले में सामने आया है, उससे शहर में एक बार फिर से रंगदारी वसूलने का धंधा जोर पकड़ सकता है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। पुलिस इन बदमाशों से सख्ती से निपटेगी।
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यहां से हुई शुरुआत
मामले में मिली जानकारी के अनुसार पिहोवा चौक के निकट एक अस्पताल में 25 अगस्त को तीन बदमाश आए थे। जिनमें से आंख दिखाने के बहाने एक बदमाश ने डॉक्टर के निकट पहुंच कर एक फोन पर बात करवाई। जिस पर सामने वाले ने बताया कि वह सुरेंद्र ग्योंग बोल रहा है। उसने 20 लाख रुपये मांगे थे। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई थी। जिस कारण पुलिस मामले मेें नजर रखे हुए थी। इसी बीच बताया गया कि बुधवार शाम फिर से तीन बदमाश डॉक्टर से मिलने के लिए पहुंचे। जहां बदमाशों ने डॉक्टर से मिलने की बात कही। लेकिन शक होने पर उनमें से एक को धर दबोचने की सूचनाएं मिल रही हैं। लेकिन पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर रही है।
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दिन भर रहा शहर में चर्चा का विषय
उधर, सुरेंद्र ग्योंग के नाम से फिरौती मांगने का मामला दिन भर शहर में चर्चा का विषय बना रहा। डॉक्टरों ने पीड़ित डॉक्टर के पास पहुंच कर हाल चाल जाना। वहीं लोगों में एक बार फिर से रंगदारी या फिर फिरौती के धंधे के सक्रिय होने का डर सता रहा है।
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ग्योंग ने मिलाया है गुड़गांव के गैंग से हाथ
मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने खुलासा किया है कि सुरेंद्र ग्योंग ने गुड़गांव के कौशल गैंग से हाथ मिलाया है। इस गैंग के कई सदस्य भी पेरोल पर फरार बताए जा रहे हैं। इससे पूर्व डेढ़ दशक पूर्व ग्योंग का नाम कैथल सहित आस-पास के इलाके में दहशत फैलाने के लिए काफी था। उस समय उस पर पत्रकार परमानंद सहित कई मर्डर, फिरौती के मामले दर्ज किए गए थे। लेकिन करीब एक दशक तक वह जेल में रहा। बाद में गत जून माह में पेरोल मिलने के बाद वह फरार हो गया था।

सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहा यह संगठित अपराध : सुरजेवाला
अखिल भारतीय कांग्रेस के मीडिया के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं कैथल के विधायक रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि कैथल में सुरेंद्र ग्योंग के गैंग द्वारा वरिष्ठ डॉक्टर दंपति से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। इस मामले में पकड़े गए आरोपी की गिरफ्तारी से यह साबित हो गया है कि क्षेत्र में यह संगठित अपराध राज्य पुलिस और सीधे खट्टर सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहा है। स्तब्ध कर देने वाली बात यह है कि जिला पुलिस नवीन नामक इस अपराधी की गिरफ्तारी और फिरौती के मामले दिखाने की बजाय उसकी गिरफ्तारी मुठभेड़ में दिखा कर मामले को हल्का करने व अपनी पीठ खुद थपथपाने की कोशिश कर रही है। सारे मामले में पुलिस व राज्य सरकार की भूमिका संदेह के घेरे में है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने पहले मकान की मरम्मत के बहाने, उम्र कैद की सजा काट रहे सुरेन्द्र ग्योंग को पेरोल देकर फरार होने का मौका दिया और अब पुलिस उसे दोबारा गिरफ्तार करने में नाकाम और नकारा साबित हो रही है। राज्य सरकार की इस नाकामी के लिए जितनी भी निंदा की जाए कम है। खट्टर सरकार उसे गिरफ्तार न करके कैथल की जनता और खुद मेरी सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है। सरकार क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को देखते हुए सुरेंद्र ग्योंग व उसके साथियों को तत्काल गिरफ्तार करवाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।


जनता की सुरक्षा करे सरकार
उधर, वर्ष 2004 में ग्योंग को गिरफ्तार करने वाले पूर्व डीआईजी एवं लोक स्वराज मंच के संयोजक आईजी रणबीर शर्मा ने कहा कि आज नेता अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, जबकि सरकार कैथल की जनता की सुरक्षा करे। ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार करे। ताकि लोग अमन से रह सकें।
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