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बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी का जाल
ब्यूरो कैथल
Updated Fri, 17 Feb 2017 11:57 PM IST
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फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाता पीड़ित
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बेरोजगार युवाओं को केंद्रीय विभागों सहित सुरक्षा बलों में नियुक्ति के फर्जी प्रमाण पत्र भेजकर चपत लगाने वाला गिरोह सक्रिय है। अकेले कैथल में उन अनेक युवाओं को फर्जी प्रमाण पत्र भेजकर खातों में पैसा जमा करवाने के लिए कहा गया है, जिन्होंने किसी न किसी विभाग में किसी समय आवेदन किया था। ऐसे युवकों में कई ठग गिरोह के झांसे में आ रहे हैं और ज्वाइनिंग के लालच में गिरोह के बैंक खातों मेें पैसे जमा करवा रहे हैं। इस मामले में हैकर्स का बड़ा हाथ हो सकता है, जो ऑनलाइन आवेदन करते समय दिए जाने वाले युवकों के पते की जानकारी लगाकर उस पर फर्ज नियुक्ति पत्र भेज रहे हैं।
कई युवाओं को भेजे गए हैं पत्र
डिफेंस कालोनी निवासी ऋषिपाल पुत्र चंद्रभान ने बताया कि उसने आईटीबीपी में जॉब के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उसे न तो कोई परीक्षा या फिर न ही इंटरव्यू के लिए कॉल आई। करीब एक साल बाद अब उसके पास नियुक्ति पत्र आया है। इसमें लिखा गया है कि अतिरिक्त सेवा हेतु कर्मचारियों की सीधी भर्ती वर्ष 2017 क.भ.ग.1998 अनुभाग चार/2011 की ओर से बताया गया कि आपका चयन स्थायी सरकारी सेवा के लिए कर लिया गया है। आपको शीघ्र ही प्रशिक्षण पत्र, ट्रेनिंग लेटर जमानत राशि बैंक में जमा करवाने के बाद भेज दिया जाएगा। तीन माह के प्रशिक्षण के बाद शपथ दिलाकर नियुक्त कर दिया जाएगा। इससे पहले अनिवार्य जमानत राशि 18 हजार 500 रुपये जमा करवाने होंगे। इसके बाद नियुक्ति पत्र में व्यापक दिशा-निर्देश, नियुक्ति प्रक्रिया के बारे में बताया गया कि जिन युवाओं ने आईटीबीपी प्वाएनर में ट्रेड्समैन जीडी, सीटी के लिए आवेदन किया था उसमें मेरिट आधार पर चयन किया गया है। इसके बाद अनिवार्य नियम, शपथ पत्र दिया गया है।
आईटीबीपी से पता करवाया, सब फर्जी है
ऋषिपाल ने बताया कि उसने आईटीबीपी में उसके एक रिश्तेदार के माध्यम से इस बात का पता करवाया तो उसने कहा कि यह फर्जी है।
15 हजार रुपये की ठगी
इसी प्रकार से कैथल के ही नरेश कुमार ने कहा कि उसके पास भी दो नियुक्ति पत्र आए। पहले नियुक्ति पत्र के माध्यम से 15 हजार रुपये की मांग की गई जिसे उन्होंने उक्त खाते में जमा करवा दिया। इसके बाद अब आईटीबीपी का दूसरा नियुक्ति पत्र आया है। जिसमें 48 हजार रुपये जमा करवाने के लिए कहा गया है। यह फर्जीवाड़ा है। ऐसे नियुक्ति पत्र भेजने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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डाटा हो सकता है चोरी
जानकारों का मानना है कि जिस तरह से युवाओं के घर के पते पर नियुक्ति पत्र भेजे जा रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि इन सभी युवाओं ने आईटीबीपी सहित अन्य विभागों में आवेदन करते समय अपना जो पता दिया था, उसे ही प्रयोग किया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन से डाटा चोरी हो सकता है।
हैकर्स का भी हो सकता है काम
कंप्यूटर्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह काम हैकर्स का भी हो सकता है। जो कंप्यूटर हैक करके डाटा चुरा सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों की साइट से डाटा यदि चोरी हुआ है तो यह और भी गंभीर मामला हो सकता है।
मेरे पास अभी ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि किसी को परेशानी है तो वह आकर मिल सकता है।
सुमेर प्रताप सिंह, एसपी, कैथल।
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कई युवाओं को भेजे गए हैं पत्र
डिफेंस कालोनी निवासी ऋषिपाल पुत्र चंद्रभान ने बताया कि उसने आईटीबीपी में जॉब के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उसे न तो कोई परीक्षा या फिर न ही इंटरव्यू के लिए कॉल आई। करीब एक साल बाद अब उसके पास नियुक्ति पत्र आया है। इसमें लिखा गया है कि अतिरिक्त सेवा हेतु कर्मचारियों की सीधी भर्ती वर्ष 2017 क.भ.ग.1998 अनुभाग चार/2011 की ओर से बताया गया कि आपका चयन स्थायी सरकारी सेवा के लिए कर लिया गया है। आपको शीघ्र ही प्रशिक्षण पत्र, ट्रेनिंग लेटर जमानत राशि बैंक में जमा करवाने के बाद भेज दिया जाएगा। तीन माह के प्रशिक्षण के बाद शपथ दिलाकर नियुक्त कर दिया जाएगा। इससे पहले अनिवार्य जमानत राशि 18 हजार 500 रुपये जमा करवाने होंगे। इसके बाद नियुक्ति पत्र में व्यापक दिशा-निर्देश, नियुक्ति प्रक्रिया के बारे में बताया गया कि जिन युवाओं ने आईटीबीपी प्वाएनर में ट्रेड्समैन जीडी, सीटी के लिए आवेदन किया था उसमें मेरिट आधार पर चयन किया गया है। इसके बाद अनिवार्य नियम, शपथ पत्र दिया गया है।
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आईटीबीपी से पता करवाया, सब फर्जी है
ऋषिपाल ने बताया कि उसने आईटीबीपी में उसके एक रिश्तेदार के माध्यम से इस बात का पता करवाया तो उसने कहा कि यह फर्जी है।
15 हजार रुपये की ठगी
इसी प्रकार से कैथल के ही नरेश कुमार ने कहा कि उसके पास भी दो नियुक्ति पत्र आए। पहले नियुक्ति पत्र के माध्यम से 15 हजार रुपये की मांग की गई जिसे उन्होंने उक्त खाते में जमा करवा दिया। इसके बाद अब आईटीबीपी का दूसरा नियुक्ति पत्र आया है। जिसमें 48 हजार रुपये जमा करवाने के लिए कहा गया है। यह फर्जीवाड़ा है। ऐसे नियुक्ति पत्र भेजने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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डाटा हो सकता है चोरी
जानकारों का मानना है कि जिस तरह से युवाओं के घर के पते पर नियुक्ति पत्र भेजे जा रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि इन सभी युवाओं ने आईटीबीपी सहित अन्य विभागों में आवेदन करते समय अपना जो पता दिया था, उसे ही प्रयोग किया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन से डाटा चोरी हो सकता है।
हैकर्स का भी हो सकता है काम
कंप्यूटर्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह काम हैकर्स का भी हो सकता है। जो कंप्यूटर हैक करके डाटा चुरा सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों की साइट से डाटा यदि चोरी हुआ है तो यह और भी गंभीर मामला हो सकता है।
मेरे पास अभी ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। यदि किसी को परेशानी है तो वह आकर मिल सकता है।
सुमेर प्रताप सिंह, एसपी, कैथल।