फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   demand action in sarpanch mruder case

सरपंच हत्याकांड में की कार्रवाई की मांग

Mon, 16 Nov 2015 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल Updated Mon, 16 Nov 2015 12:17 AM IST
विज्ञापन
गांव खरकड़ा के सरपंच के हत्या के मामले में परिजनों ने कार्रवाई की मांग की है। मृतक मुख्त्यार सिंह के भाई लखा सिंह अपने भाई बखा सिंह व कुछ रिश्तेदारों के साथ अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई।
विज्ञापन


परिजनों ने गुहला के पूर्व एसडीएम राजेश कुमार प्रजापति से पूछा है कि यदि एसडीएम मुख्तयार सिंह को नहीं जानते थे तो फिर उन्होंने अपने यहां बंधी अमरीकन गाय किससे मंगवाई थी। मुख्तयार सिंह के भाई लखा सिंह ने कहा कि इस समय भी चीका एसडीएम निवास पर एक अमरीकन गाय बंधी हुई है। यह गाय उसके भाई मुख्तयार सिंह ने 36 हजार में खरीदकर पूर्व एसडीएम राजेश कुमार प्रजापति को दी थी।
विज्ञापन


विदित रहे कि गांव खरकड़ा के निवर्तमान सरपंच मुख्तयार सिंह का शव मिलने के बाद उसके भाई लखा सिंह ने सीवन थाना में गुहला के पूर्व एसडीएम राजेश कुमार प्रजापति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया था। इस समय फरीदाबाद नगर निगम में बतौर ज्वाएंट कमिशनर तैनात राजेश कुमार प्रजापति ने आरोप लगने के बाद कहा था कि वे मुख्तयार सिंह को नहीं जानते।
विज्ञापन
विज्ञापन


लखा सिंह ने कहा कि राजेश कुमार प्रजापति की गुहला तैनाती के दौरान मुख्तयार सिंह का उनके दफ्तर व घर खूब आना जाना था तथा वह भी कई बार मुख्तयार सिंह के साथ जाकर राजेश कुमार प्रजापति से मिलकर आया था। लखा सिंह ने कहा कि उन्हें डर है कि राजेश कुमार प्रजापति अपने रुतबे का प्रयोग करके केस को कमजोर करवा सकते हैं इसलिए सरकार उन्हें सस्पेंड करके जांच का काम आगे बढ़ाए।

कहां गए कपड़े, बरनाला कैसे गया फोन
मृतक सरपंच मुख्तयार सिंह के भाई लखा सिंह ने कहा कि यह हत्याकांड एक गहरी साजिश बनाकर अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्तयार सिंह को 2 नवंबर को कहीं से फोन आया था और वह 3 नवंबर की सुबह 5 बजे घर से निकला था। 6 नवंबर की सुबह उसका शव गांव से कुछ दूर उसके खेतों में ही एक पेड़ से टंगा हुआ पाया गया। लखा सिंह ने कहा कि पुलिस को इस बात का पता लगाना चाहिए कि आखिर 3 दिनों तक मुख्तयार सिंह कहां और किस अवस्था में रहा। जब उसका शव मिला तो उसके जिस्म पर सिर्फ कच्छा और बनियान थे, जबकि वह घर से कुर्ता पायजामा डालकर गया था। उसके ये कपड़े कहां गए। लखा सिंह ने कहा कि पेड़ पर उतारे जाने के दौरान मुख्तयार सिंह के पैर चिकनी मिट्टी से सने हुए थे, जबकि उनके खेत में सारी रेतीली मिट्टी है। लखा सिंह ने कहा कि मुख्तयार सिंह का फोन भी अभी तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने उसकी आखिरी लोकेशन 4 तारीख को बरनाला में दर्ज की है। लखा सिंह ने कहा कि यह संभव ही नहीं है कि एक व्यक्ति फरीदाबाद जाने के लिए घर से मोटर साइकिल पर चले और उसका मोटरसाइकिल तो कैथल में मिले और मोबाइल 140 किलोमीटर विपरीत दिशा में बरनाला में लोकेशन दिखाए।

सवा करोड़ में बेची थी जमीन
लखा सिंह ने कहा कि मुख्तयार सिंह ने घर वालों को बिना बताए अपनी साढ़े चार एकड़ जमीन सवा करोड़ में बेची थी। पता चलने पर जब घर वालों ने पूछा तो मुख्तयार ने कहीं बड़ी संपत्ति खरीदने की जानकारी दी थी। लखा सिंह ने आरोप लगाया कि हो ना हो उक्त पैसे के चक्कर में ही मुख्तयार सिंह की हत्या की गई है।

इन आरोपों को लेकर जब गुहला के पूर्व एसडीएम राजेश कुमार प्रजापति से उनके फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका नंबर बंद आया। गुहला की मौजूदा एसडीएम कमलप्रीत कौर ने माना कि जब उन्होंने गुहला का कार्यभार संभाला तो एसडीएम निवास में एक गाय बंधी तो थी, लेकिन उसे उन्होंने कर्मचारियों से कहकर वहां से हटवा दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed