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11वीं फेल छात्रों को 12वीं की परीक्षा दिलाने के मामले ने पकड़ा तूल
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:39 PM IST
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11वीं फेल छात्रों को 12वीं की परीक्षा दिलाने के मामले ने पकड़ा तूल
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। गांव चौसाला के निजी स्कूल द्वारा 11वीं फेल छात्रों को 12वीं की परीक्षा दिलाने का मामला तूल पकड़ गया है। मामले की जांच के लिए वीरवार को जांच कमेटी ने तथ्य खंगाले। जिसमें सामने आया कि मामला संदेहास्पद है। जिसमें इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मामले की कलई उस वक्त खुली थी जब गांव बड़सीकरी के पंच सुुशील कुमार ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाई कि गांव कमालपुर के दो विद्यार्थी 12वीं की परीक्षा कैसे दे पाए। जबकि उन्होंने 11वीं की परीक्षा पास ही नहीं की है। सुशील ने इस बात की शिकायत सीएम विंडो में भी की थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम का गठन कर मामले की जांच का काम सौंपा गया। टीम में शिमला स्कूल के प्रधानाचार्य विजय कुमार, सीनियर लिपिक मोहन शर्मा व खड़ालवा स्कूल के लेक्चरार ईश्वर सिंह शामिल थे। जांच के लिए दोनों पार्टियों को दस्तावेज सहित बुलाया गया व शिकायत से संबंधित तथ्य जुटाए गए। जांच में पाया गया कि छात्रों का रिकार्ड संदेहास्पद है।
जांच अधिकारी महेश चन्द ने बताया कि शिकायत को लेकर दोनों पक्षों से आवश्यक दस्तावेज जुटाए गए हैं। जिनके आधार पर छात्रों का रिकार्ड संदेहास्पद है। आगामी कार्रवाई हेतु विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है।
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बड़सीकरी निवासी शिकायतकर्ता पंच सुशील कुमार ने कहा कि उनके पास स्कूल के फर्जीवाड़े के काफी सबूत हैं। इसकी विजिलेंस से जांच होनी चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। गांव चौसाला के निजी स्कूल द्वारा 11वीं फेल छात्रों को 12वीं की परीक्षा दिलाने का मामला तूल पकड़ गया है। मामले की जांच के लिए वीरवार को जांच कमेटी ने तथ्य खंगाले। जिसमें सामने आया कि मामला संदेहास्पद है। जिसमें इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मामले की कलई उस वक्त खुली थी जब गांव बड़सीकरी के पंच सुुशील कुमार ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाई कि गांव कमालपुर के दो विद्यार्थी 12वीं की परीक्षा कैसे दे पाए। जबकि उन्होंने 11वीं की परीक्षा पास ही नहीं की है। सुशील ने इस बात की शिकायत सीएम विंडो में भी की थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम का गठन कर मामले की जांच का काम सौंपा गया। टीम में शिमला स्कूल के प्रधानाचार्य विजय कुमार, सीनियर लिपिक मोहन शर्मा व खड़ालवा स्कूल के लेक्चरार ईश्वर सिंह शामिल थे। जांच के लिए दोनों पार्टियों को दस्तावेज सहित बुलाया गया व शिकायत से संबंधित तथ्य जुटाए गए। जांच में पाया गया कि छात्रों का रिकार्ड संदेहास्पद है।
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जांच अधिकारी महेश चन्द ने बताया कि शिकायत को लेकर दोनों पक्षों से आवश्यक दस्तावेज जुटाए गए हैं। जिनके आधार पर छात्रों का रिकार्ड संदेहास्पद है। आगामी कार्रवाई हेतु विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है।
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बड़सीकरी निवासी शिकायतकर्ता पंच सुशील कुमार ने कहा कि उनके पास स्कूल के फर्जीवाड़े के काफी सबूत हैं। इसकी विजिलेंस से जांच होनी चाहिए।