{"_id":"5ae2142c4f1c1b9c098b6bb5","slug":"131524765740-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला परिषद घोटाले का आरोपी इंद्रजीत गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जिला परिषद घोटाले का आरोपी इंद्रजीत गिरफ्तार
Updated Thu, 26 Apr 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिला परिषद घोटाले का आरोपी इंद्रजीत गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। करीब एक करोड़ 32 लाख रुपये के गबन मामले में न्यायालय द्वारा पीओ करार दिए गये आरोपी का थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। जिसे व्यापक पूछताछ के बाद अदालत में पेश कर दिया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। थाना प्रबंधक सिविल लाईन सबइंस्पेक्टर रामचंद्र ने बताया कि 30 नवंबर 2017 को आरोपी इंद्रजीत सिंह निवासी राधा स्वामी कालोनी कैथल जालसाजी पूर्वक नकदी हड़पने के एक मामले में न्यायालय द्वारा पीओ करार दिया गया था। सिविल लाईन पुलिस के सहायक उपनिरिक्षक सत्यवान सिंह के ब्यान पर आरोपी इंद्रजीत सिंह के खिलाफ 16 अप्रैल को थाना सिविल लाइन में भादसं. की धारा 174 ए तहत मामला दर्ज किया गया था। किसी मामले में पटियाला जेल में विचाराधीन बंदी चल रहे आरोपी इंद्रजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट जारी करवाए गये थे। नियमानुसार कार्रवाई दौरान एएसआई सत्यवान सिंह द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसे न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ये था मामला:-
तत्कालीन एडीसी कैथल दिनेश यादव के पत्र पर दर्ज मामले अनुसार डीआरडीए कर्मचारी इंद्रजीत लिपित 4 अक्टूबर 2008 से 26 अप्रैल 2012 मध्य संपूर्ण स्वच्छता अभियान के कार्य दकौरान लेखाकार के तौर पर कार्य कर रहा था। इस दौरान आरोपी व उसके साथियों द्वारा अधिकारियों के हस्ताक्षर युक्त चेकों में हेराफेरी करके कैशबुक व वाउचर में वजत राशी से अधिक नकदी निकाल कर 13203550 रुपये का गबन करने के आरोप में मामला दर्ज था।
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। करीब एक करोड़ 32 लाख रुपये के गबन मामले में न्यायालय द्वारा पीओ करार दिए गये आरोपी का थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। जिसे व्यापक पूछताछ के बाद अदालत में पेश कर दिया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। थाना प्रबंधक सिविल लाईन सबइंस्पेक्टर रामचंद्र ने बताया कि 30 नवंबर 2017 को आरोपी इंद्रजीत सिंह निवासी राधा स्वामी कालोनी कैथल जालसाजी पूर्वक नकदी हड़पने के एक मामले में न्यायालय द्वारा पीओ करार दिया गया था। सिविल लाईन पुलिस के सहायक उपनिरिक्षक सत्यवान सिंह के ब्यान पर आरोपी इंद्रजीत सिंह के खिलाफ 16 अप्रैल को थाना सिविल लाइन में भादसं. की धारा 174 ए तहत मामला दर्ज किया गया था। किसी मामले में पटियाला जेल में विचाराधीन बंदी चल रहे आरोपी इंद्रजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट जारी करवाए गये थे। नियमानुसार कार्रवाई दौरान एएसआई सत्यवान सिंह द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसे न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ये था मामला:-
तत्कालीन एडीसी कैथल दिनेश यादव के पत्र पर दर्ज मामले अनुसार डीआरडीए कर्मचारी इंद्रजीत लिपित 4 अक्टूबर 2008 से 26 अप्रैल 2012 मध्य संपूर्ण स्वच्छता अभियान के कार्य दकौरान लेखाकार के तौर पर कार्य कर रहा था। इस दौरान आरोपी व उसके साथियों द्वारा अधिकारियों के हस्ताक्षर युक्त चेकों में हेराफेरी करके कैशबुक व वाउचर में वजत राशी से अधिक नकदी निकाल कर 13203550 रुपये का गबन करने के आरोप में मामला दर्ज था।
विज्ञापन