{"_id":"5baa853d867a557e84649d8b","slug":"121537901885-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलेशिया भिजवाने के नाम पर 3 लाख ठगे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मलेशिया भिजवाने के नाम पर 3 लाख ठगे
Updated Wed, 26 Sep 2018 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मलयेशिया भिजवाने के नाम पर 3 लाख ठगे, जेल में काटने पड़े छह माह
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलिस ने मलयेशिया भेजने के नाम पर 3 लाख रुपये की ठगी के आरोप में केस दर्ज किया है। पीड़ित को मलयेशिया में अवैध तरीके से भेज दिया। जिस कारण उसे वहां छह माह जेल में रहना पड़ा।
पुलिस को दी शिकायत में अर्जुन नगर निवासी मुकेश ने बताया कि वह राज मिस्त्री है। पिछले साल अर्जुन नगर निवासी प्रदीप कुमार ने मलयेशिया में एक बड़ी कंपनी में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया और बाबैन निवासी विजय कुमार से मिलवाया। उसने इसके लिए 3 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। जिस पर उसकी मां ने मकान गिरवी रखकर ढाई लाख रुपये दे दिए और शेष 50 हजार 11 नवंबर 2017 को उसके खाते में डलवा दिए। इसके बाद उसे मलयेशिया भेज दिया। जहां आरोपी का जानकार सतनाम सिंह उसे मलयेशिया एयरपोर्ट लेने आया। वहां आरोपी ने उसे गाड़ी में बैठाकर 1800 मलयेशिया रिगिट व मेरा पासपोर्ट यह कहकर ले लिया कि वर्क परमिट लगवा देगा। वह उसे एक कंपनी में साक्षात्कार के लिए भी ले गया। उसे पता चला कि सतनाम अवैध रूप से भारतीय युवकों से वसूली करता है। इसपर उसने सतनाम से अपने कागजात वापस मांगे। लेकिन सतनाम ने कहा कि विजय को उसकी कीमत दे रखी है। इसके बाद वह उसके साथ-साथ कुछ अन्य युवकों के पासपोर्ट लेकर भाग गया। साथ ही उसे मलयेशिया इमीग्रेशन के हवाले कर दिया। मलयेशिया इमीग्रेशन वालों ने कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे वीजा लगवाकर आए हैं। तो वहां पता चला की वीजा तो फर्जी है। कोर्ट ने दस-दस हजार का जुर्माना व छह माह की सजा सुनाई। जेल में काफी यातनाएं दी गई। जेल से रिहा होने के बाद वह लौटा और पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पुलिस ने मलयेशिया भेजने के नाम पर 3 लाख रुपये की ठगी के आरोप में केस दर्ज किया है। पीड़ित को मलयेशिया में अवैध तरीके से भेज दिया। जिस कारण उसे वहां छह माह जेल में रहना पड़ा।
पुलिस को दी शिकायत में अर्जुन नगर निवासी मुकेश ने बताया कि वह राज मिस्त्री है। पिछले साल अर्जुन नगर निवासी प्रदीप कुमार ने मलयेशिया में एक बड़ी कंपनी में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया और बाबैन निवासी विजय कुमार से मिलवाया। उसने इसके लिए 3 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। जिस पर उसकी मां ने मकान गिरवी रखकर ढाई लाख रुपये दे दिए और शेष 50 हजार 11 नवंबर 2017 को उसके खाते में डलवा दिए। इसके बाद उसे मलयेशिया भेज दिया। जहां आरोपी का जानकार सतनाम सिंह उसे मलयेशिया एयरपोर्ट लेने आया। वहां आरोपी ने उसे गाड़ी में बैठाकर 1800 मलयेशिया रिगिट व मेरा पासपोर्ट यह कहकर ले लिया कि वर्क परमिट लगवा देगा। वह उसे एक कंपनी में साक्षात्कार के लिए भी ले गया। उसे पता चला कि सतनाम अवैध रूप से भारतीय युवकों से वसूली करता है। इसपर उसने सतनाम से अपने कागजात वापस मांगे। लेकिन सतनाम ने कहा कि विजय को उसकी कीमत दे रखी है। इसके बाद वह उसके साथ-साथ कुछ अन्य युवकों के पासपोर्ट लेकर भाग गया। साथ ही उसे मलयेशिया इमीग्रेशन के हवाले कर दिया। मलयेशिया इमीग्रेशन वालों ने कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे वीजा लगवाकर आए हैं। तो वहां पता चला की वीजा तो फर्जी है। कोर्ट ने दस-दस हजार का जुर्माना व छह माह की सजा सुनाई। जेल में काफी यातनाएं दी गई। जेल से रिहा होने के बाद वह लौटा और पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
विज्ञापन