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गुहला थाने की शौचालय सीट तोड़कर तलाशी नकदी
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पुलिस रिमांड पर चल रहे इंस्पेक्टर जयवीर को लेकर विजिलेंस टीम शुक्रवार सायं पांच हजार रुपये की नकद रिश्वत राशि बरामद करने के लिए गुहला पुलिस थाने में पहुंची। जहां थाने की शौचालय सीट तोड़कर व बाहर सीवरेज के ढक्कन उठाकर नकदी तलाशने का प्रयास किया, लेकिन नकदी बरामद नहीं हो पाई।
थाने में जयवीर के साथ जब कोई वकील नहीं था तो लोग मौके पर पहुंच गए। न्यायालय के निर्देशानुसार वकील को पूछताछ में साथ रखने की मांग रखी। लोगों ने जब नारेबाजी शुरू की तो विजिलेंस टीम ने वकील बलिंद्र को थाने के अंदर आने दिया।
शुक्रवार सायं चीका थाने में इंस्पेक्टर जयवीर के साथ पहुंची विजिलेंस की टीम ने एसएचओ के कमरे में बने शौचालय की सीट तोड़ डाली, लेकिन नकदी नहीं मिली। इसके बाद विजिलेंस टीम के सदस्य थाना परिसर के बाहर बने सीवरेज के गड्डे का ढक्कन उठाक अंदर झांककर रुपये तलाशने का प्रयास किया, लेकिन विजिलेंस के कर्मचारियों को यहां भी निराशा ही हाथ लगी। टीम एसएचओ को लेकर लगभग 25 मिनट तक थाना परिसर में रही। जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो आरोपी जयवीर को लेकर वहां से रवाना हो गई।
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दूसरी ओर अदालत के आदेशों के अनुसार आरोपी एसएचओ से पूछताछ व तलाशी अभियान एक वकील की मौजूदगी में किया जाना है। विजिलेंस की टीम कमरे की तलाशी के लिए एसएचओ जयवीर को उनके कार्यालय में लेकर गई लेकिन वकील को अंदर नहीं जाने दिया। यह मंजर देखकर वहां पर मौजूद लोग एक बार फिर से भड़क उठे और टीम के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों के विरोध को देखते हुए विजिलेंस के अधिकारियों को जयवीर के वकील बलिंद्र को कमरे के अंदर बुलाना पड़ा।
डीएसपी गुहला किशोरी लाल ने कहा कि शुक्रवार सायं विजिलेंस टीम जयवीर को थाना में लेकर आई थी और उन्होंने यहां पर काफी देर तक अपनी कार्रवाई की। यह कार्रवाई टीम की जांच का हिस्सा है। थाना परिसर के आसपास कानून व्यवस्था पूरी तरह से चाकचौबंद रखी गई थी ताकि टीम को अपना काम करने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
दूसरी ओर पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर भी अब सामने आए हैं और उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जो मामला हुआ है, उसमें सच्चाई निकल कर आनी चाहिए। नाजायज किसी के साथ नहीं होना चाहिए। यह बात उन्होंने यहां जारी ब्यान में कही।
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थाने में जयवीर के साथ जब कोई वकील नहीं था तो लोग मौके पर पहुंच गए। न्यायालय के निर्देशानुसार वकील को पूछताछ में साथ रखने की मांग रखी। लोगों ने जब नारेबाजी शुरू की तो विजिलेंस टीम ने वकील बलिंद्र को थाने के अंदर आने दिया।
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शुक्रवार सायं चीका थाने में इंस्पेक्टर जयवीर के साथ पहुंची विजिलेंस की टीम ने एसएचओ के कमरे में बने शौचालय की सीट तोड़ डाली, लेकिन नकदी नहीं मिली। इसके बाद विजिलेंस टीम के सदस्य थाना परिसर के बाहर बने सीवरेज के गड्डे का ढक्कन उठाक अंदर झांककर रुपये तलाशने का प्रयास किया, लेकिन विजिलेंस के कर्मचारियों को यहां भी निराशा ही हाथ लगी। टीम एसएचओ को लेकर लगभग 25 मिनट तक थाना परिसर में रही। जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो आरोपी जयवीर को लेकर वहां से रवाना हो गई।
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दूसरी ओर अदालत के आदेशों के अनुसार आरोपी एसएचओ से पूछताछ व तलाशी अभियान एक वकील की मौजूदगी में किया जाना है। विजिलेंस की टीम कमरे की तलाशी के लिए एसएचओ जयवीर को उनके कार्यालय में लेकर गई लेकिन वकील को अंदर नहीं जाने दिया। यह मंजर देखकर वहां पर मौजूद लोग एक बार फिर से भड़क उठे और टीम के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों के विरोध को देखते हुए विजिलेंस के अधिकारियों को जयवीर के वकील बलिंद्र को कमरे के अंदर बुलाना पड़ा।
डीएसपी गुहला किशोरी लाल ने कहा कि शुक्रवार सायं विजिलेंस टीम जयवीर को थाना में लेकर आई थी और उन्होंने यहां पर काफी देर तक अपनी कार्रवाई की। यह कार्रवाई टीम की जांच का हिस्सा है। थाना परिसर के आसपास कानून व्यवस्था पूरी तरह से चाकचौबंद रखी गई थी ताकि टीम को अपना काम करने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए।
दूसरी ओर पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर भी अब सामने आए हैं और उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि जो मामला हुआ है, उसमें सच्चाई निकल कर आनी चाहिए। नाजायज किसी के साथ नहीं होना चाहिए। यह बात उन्होंने यहां जारी ब्यान में कही।