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Kaithal News: मिलकर बनाए पारंपरिक व्यंजन, सहयोग को बढ़ावा
Wed, 24 Dec 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 24 Dec 2025 12:57 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। डीएवी कॉलेज, चीका में प्रेरणा: एक पहल के अंतर्गत ‘हरियाणवी रसोई गेट-टुगेदर’ कार्यक्रम में लोगों ने मिलकर पारंपरिक व्यंजन बनाए। आयोजन का उद्देश्य साथ पकाएँ, साथ खाएँ, साथ मुस्कुराएँ की भावना को साकार करना रहा।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जसबीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्टाफ सदस्यों में सहयोग की भावना विकसित करना, आत्मविश्वास को बढ़ाना तथा टीम भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन आपसी संवाद को बढ़ावा देते हैं और कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल विकसित करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने हरियाणवी संस्कृति और पारंपरिक खान-पान की सराहना की। स्टाफ सदस्यों ने मिलकर पारंपरिक हरियाणवी व्यंजन तैयार किए। किसी ने रोटियां बनाईं, किसी ने सब्जी, तो किसी ने चटनी, मिठाई और परोसने की जिम्मेदारी निभाई।
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सभी ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे आपसी सहयोग, अपनापन और सौहार्द का वातावरण बना। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम कर्मचारियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं और संस्थान में एकता व सहयोग की भावना को प्रबल करते हैं। कार्यक्रम अंत में सभी प्रतिभागियों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।
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गुहला चीका। डीएवी कॉलेज, चीका में प्रेरणा: एक पहल के अंतर्गत ‘हरियाणवी रसोई गेट-टुगेदर’ कार्यक्रम में लोगों ने मिलकर पारंपरिक व्यंजन बनाए। आयोजन का उद्देश्य साथ पकाएँ, साथ खाएँ, साथ मुस्कुराएँ की भावना को साकार करना रहा।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जसबीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्टाफ सदस्यों में सहयोग की भावना विकसित करना, आत्मविश्वास को बढ़ाना तथा टीम भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन आपसी संवाद को बढ़ावा देते हैं और कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल विकसित करने में सहायक होते हैं।
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कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने हरियाणवी संस्कृति और पारंपरिक खान-पान की सराहना की। स्टाफ सदस्यों ने मिलकर पारंपरिक हरियाणवी व्यंजन तैयार किए। किसी ने रोटियां बनाईं, किसी ने सब्जी, तो किसी ने चटनी, मिठाई और परोसने की जिम्मेदारी निभाई।
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सभी ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे आपसी सहयोग, अपनापन और सौहार्द का वातावरण बना। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम कर्मचारियों को मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं और संस्थान में एकता व सहयोग की भावना को प्रबल करते हैं। कार्यक्रम अंत में सभी प्रतिभागियों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया।