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Kaithal News: स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए परिषद की टीमें तैयार मगर पोर्टल हो गया बंद

Sat, 25 Apr 2026 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 25 Apr 2026 12:34 AM IST
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Council teams ready for Swachh Survey but portal closed
करनाल रोड पर दीवारों को पेंटिंग से सजाता कलाकार। - फोटो : सांकेतकि
नरेंद्र पंडित
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कैथल। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए केंद्र की टीमें निरीक्षण को तैयार हैं, लेकिन आवेदन के लिए पोर्टल बंद पड़ा है। इसने नगर परिषद के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। इससे परिषद की आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। अफसरों के पास दस्तावेज तो तैयार हैं, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल की सुस्ती ने गार्बेज फ्री सिटी और वॉटर प्लस जैसी श्रेणियों में दावेदारी को अधर में लटका दिया है।

नगर परिषद के अधिकारियों ने स्वच्छ सर्वेक्षण के विभिन्न मापदंडों के लिए सभी जरूरी फाइलों और डेटा को अंतिम रूप दे दिया है। हालांकि, आवेदन के लिए निर्धारित पोर्टल न चलने से मामला अटका हुआ है। नगर परिषद की स्वच्छता विशेषज्ञ भारती मलिक ने बताया कि यदि समय रहते आवेदन नहीं हुआ, तो परिषद की साल भर की मेहनत बेकार जा सकती है, क्योंकि केंद्र की टीमों का फील्ड निरीक्षण मई के पहले सप्ताह में होने की संभावना है।
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गौरतलब है कि पिछली बार नगर परिषद की रैंकिंग अपेक्षाकृत कम रही थी, इसलिए इस बार कवायद जोरों पर है। हालांकि इस बार भी पोर्टल समस्या और मौजूदा हालात को देखते हुए बेहतर प्रदर्शन पर संशय बना हुआ है। संवाद
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दीवारों पर कलाकारी धरातल पर चुनौती

नगर परिषद की टीमें शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग बनाने में जुटी हैं। चित्रों से स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। हालांकि, पिछली बार की पिछड़ी रैंकिंग और वर्तमान में सफाई व्यवस्था पर पूर्ण काबू न मिल पाना बड़ी चुनौती है। वहीं नागरिक भी शिकायतें आधिकारिक स्वच्छता एप के जरिए दर्ज कर सकते हैं, जिससे परिषद पर जवाबदेही का दबाव बना रहे।

स्वच्छ सर्वेक्षण में अंक वितरण
कचरा मुक्त शहर
1000 अंक

ओडीएफ
1000 अंक

कचरा उठान व छंटनी
1000 अंक

सफाई
1500 अंक

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
1500 अंक

स्वच्छता तक पहुंच
1000 अंक

प्रयुक्त जल प्रबंधन
1000 अंक

सेप्टिक टैंक व मशीनीकरण
500 अंक

संस्थागत मापदंड
1000 अंक

स्वच्छता जागरूकता
1500 अंक

सफाईकर्मियों के लिए कार्य
500 अंक

जनता की प्रतिक्रिया
1000 अंक

नगर परिषद की तरफ से स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंकिंग प्राप्त करने के लिए जमीनी स्तर पर मेहनत की जा रही है। हालांकि अभी पोर्टल बंद होने के कारण आवेदन नहीं हो पाया है। परिषद गार्बेज फ्री सिटी और वाटर प्लस पर फोकस कर रहा है। -कपिल शर्मा, जिला नगर आयुक्त



पिछली बार रैंकिंग में पीछे रह गया था जिला

पिछली बार रैंकिंग में जिला काफी पीछे रह गया था, जिसका मुख्य कारण जमीनी स्तर पर सफाई की अनदेखी थी। परिषद इस बार कचरा मुक्त शहर और वाटर प्लस प्रमाणपत्र के लिए विशेष रूप से आवेदन करने की तैयारी में है। कचरा मुक्त के तहत शहर के सार्वजनिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में कचरे का शून्य स्तर सुनिश्चित करना होता है।

वाटर प्लस प्रमाणपत्र उन शहरों को मिलता है जो अपने सीवरेज और इस्तेमाल किए गए पानी का 100 प्रतिशत उपचार और कम से कम 20 प्रतिशत पुन: उपयोग करते हैं।
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