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Kaithal News: कोरोना की आहट... ठंडा है ऑक्सीजन प्लांट
Tue, 04 Apr 2023 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 04 Apr 2023 01:09 AM IST
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कैथल। कोरोना की आहट के बीच स्वास्थ्य विभाग की तैयारी अधूरी दिख रही है। जिला नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट करीब डेढ़ साल से बंद पड़ा है। शुरुआत में केवल छह महीने ही ऑक्सीजन प्लांट चला और इसके बाद बंद पड़ गया। गनीमनत है कि इस समय जिले में कोरोना का कोई सक्रिय मामला नहीं है।
इस संबंध में जानकारी दी गई है कि ऑक्सीजन प्लांट में कुछ तकनीकी खामी आई है। प्लांट को कोरोना महामारी कम होने के कारण ठीक ही नहीं करवाया है। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट बंद होने के कारण सिलिंडरों के माध्यम से ही काम चलाया जा रहा है। यह ऑक्सीजन प्लांट पिछले डेढ़ साल से खराब पड़ा है। इसे ठीक करवाने को लेकर भी अधिकारी कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
गौरतलब है कि ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण अक्तूबर 2021 में पीएम केयर फंड के तहत किया था। इसके निर्माण के बाद यह छह महीने तक ही चल पाया। इस ऑक्सीजन प्लांट से प्रति मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन अस्पताल बनाई जा सकती है।
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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जरूरत न होने की स्थिति में इसे नहीं चलाया जा रहा है। इस ऑक्सीजन प्लांट से अस्पताल में बनाए गए आईसीयू में पाइपलाइन से ऑक्सीजन दी जानी है। ऐसे में राहत वाली बात यह है कि जिले में इस समय कोरोना का कोई भी संक्रमित मरीज नहीं है।
जहां तक आंकड़ों की बात करें तो अब तक 377 मौतें कोरोना के कारण जिले मंे हो चुकी हैं। पूरे जिले में अब तक पांच लाख चार हजार 642 सैंपल लिए गए हैं। इसमें से एक लाख चार हजार 308 लोग पॉजिटिव मिले हैं। जिले में सोमवार को कुल 118 कोरोना के सैंपल लिए गए हैं। अभी कुल 343 लोगों की सैंपल की रिपोर्ट पेंडिंग है।
इंजीनियर बुलाए गए : डॉ. सचिन मांडले जिला नागरिक अस्पताल के कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट को जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके लिए इंजीनियर बुलाए गए हैं। इसे जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा।
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इस संबंध में जानकारी दी गई है कि ऑक्सीजन प्लांट में कुछ तकनीकी खामी आई है। प्लांट को कोरोना महामारी कम होने के कारण ठीक ही नहीं करवाया है। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट बंद होने के कारण सिलिंडरों के माध्यम से ही काम चलाया जा रहा है। यह ऑक्सीजन प्लांट पिछले डेढ़ साल से खराब पड़ा है। इसे ठीक करवाने को लेकर भी अधिकारी कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
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गौरतलब है कि ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण अक्तूबर 2021 में पीएम केयर फंड के तहत किया था। इसके निर्माण के बाद यह छह महीने तक ही चल पाया। इस ऑक्सीजन प्लांट से प्रति मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन अस्पताल बनाई जा सकती है।
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स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जरूरत न होने की स्थिति में इसे नहीं चलाया जा रहा है। इस ऑक्सीजन प्लांट से अस्पताल में बनाए गए आईसीयू में पाइपलाइन से ऑक्सीजन दी जानी है। ऐसे में राहत वाली बात यह है कि जिले में इस समय कोरोना का कोई भी संक्रमित मरीज नहीं है।
जहां तक आंकड़ों की बात करें तो अब तक 377 मौतें कोरोना के कारण जिले मंे हो चुकी हैं। पूरे जिले में अब तक पांच लाख चार हजार 642 सैंपल लिए गए हैं। इसमें से एक लाख चार हजार 308 लोग पॉजिटिव मिले हैं। जिले में सोमवार को कुल 118 कोरोना के सैंपल लिए गए हैं। अभी कुल 343 लोगों की सैंपल की रिपोर्ट पेंडिंग है।
इंजीनियर बुलाए गए : डॉ. सचिन मांडले जिला नागरिक अस्पताल के कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट को जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके लिए इंजीनियर बुलाए गए हैं। इसे जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा।