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Kaithal News: हत्या के प्रयास के मामले में दोषी को 10 साल कैद
Thu, 20 Mar 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 20 Mar 2025 01:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने हत्या के प्रयास के एक मामले में सजा सुनाते हुए दोषी को 10 साल की कैद व साढ़े 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 10 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
गांव कमालपुर के पूर्व सरपंच इंद्र दत्त ने कलायत थाने में 16 मार्च 2017 को यह केस दर्ज करवाया था। पुलिस के अनुसार, 14 मार्च 2017 को शिकायतकर्ता इंद्र दत्त अपने पोते सौरभ के साथ अपने घर जा रहा था। जब वे गांव के दरवाजे के पास पहुंचे तो वहां मोनू, बालकिशन, ईश्वर पहले से मौजूद थे। उनके हाथों में लोहे की राॅड और लाठियां थी। वे सौरभ का रास्ता रोककर उसके साथ गालीगलौज करने लगे।
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, जब इंद्र दत्त ने उनका विरोध किया तो मोनू ने रॉड से सौरव के सिर में वार किया और बालकिशन ने उसे लाठी मारी। इससे सौरभ बेहोश होकर गिर पड़ा। फिर ईश्वर ने भी सौरव को लाठी मारी। जब झगड़ा देखकर लोग इकट्ठे होने लगे तो तीनों अपने हथियारों के साथ वहां से फरार हो गए और जाते हुए जान से मारने की धमकी देकर गए।
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इस प्रकार तीनों ने मिलकर सौरभ को जान से मारने की कोशिश की। इस शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके तीनों को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान बालकिशन व ईश्वर के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले इसलिए उनके नाम एफआईआर से निकाल दिए गए।
पुलिस ने मोनू के खिलाफ चालान बनाकर अदालत के सुपुर्द कर दिया। ट्रायल दौरान कुल नौ गवाह एग्जामिन करवाए गए। एडीजे अमित गर्ग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मोनू को हत्या के प्रयास का दोषी पाया व उसे 10 साल कैद और 12 हजार 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
यह जुर्माना न देने पर 10 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने डीएलएसए को भी निर्देश दिए कि पीड़ित को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाए।
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कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने हत्या के प्रयास के एक मामले में सजा सुनाते हुए दोषी को 10 साल की कैद व साढ़े 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 10 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
गांव कमालपुर के पूर्व सरपंच इंद्र दत्त ने कलायत थाने में 16 मार्च 2017 को यह केस दर्ज करवाया था। पुलिस के अनुसार, 14 मार्च 2017 को शिकायतकर्ता इंद्र दत्त अपने पोते सौरभ के साथ अपने घर जा रहा था। जब वे गांव के दरवाजे के पास पहुंचे तो वहां मोनू, बालकिशन, ईश्वर पहले से मौजूद थे। उनके हाथों में लोहे की राॅड और लाठियां थी। वे सौरभ का रास्ता रोककर उसके साथ गालीगलौज करने लगे।
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पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, जब इंद्र दत्त ने उनका विरोध किया तो मोनू ने रॉड से सौरव के सिर में वार किया और बालकिशन ने उसे लाठी मारी। इससे सौरभ बेहोश होकर गिर पड़ा। फिर ईश्वर ने भी सौरव को लाठी मारी। जब झगड़ा देखकर लोग इकट्ठे होने लगे तो तीनों अपने हथियारों के साथ वहां से फरार हो गए और जाते हुए जान से मारने की धमकी देकर गए।
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इस प्रकार तीनों ने मिलकर सौरभ को जान से मारने की कोशिश की। इस शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके तीनों को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान बालकिशन व ईश्वर के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले इसलिए उनके नाम एफआईआर से निकाल दिए गए।
पुलिस ने मोनू के खिलाफ चालान बनाकर अदालत के सुपुर्द कर दिया। ट्रायल दौरान कुल नौ गवाह एग्जामिन करवाए गए। एडीजे अमित गर्ग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मोनू को हत्या के प्रयास का दोषी पाया व उसे 10 साल कैद और 12 हजार 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
यह जुर्माना न देने पर 10 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने डीएलएसए को भी निर्देश दिए कि पीड़ित को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाए।