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हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी में विवाद बढ़ा
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Controversy escalated in Haryana Sikh Gurdwara Committee
- फोटो : Kaithal
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान पद की वैधता को लेकर विवाद बढ़ गया है। कमेटी के पूर्व वरिष्ठ उपप्रधान दीदार सिंह नलवी ने वीरवार को गुहला-चीका में मीडिया से बातचीत में बलजीत सिंह दादूवाल की अगुवाई में बनी कमेटी को अवैध करार दे दिया है। उन्होंने कहा कि इस अवैध कमेटी को बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। नलवी ने कहा कि जिस कमेटी को हरियाणा गुरुद्वारा एक्ट के प्रावधानों के अनुसार जनरल हाउस की स्वीकृति ही नहीं मिली, वह कैसे बड़े बड़े फैसले ले सकती है। नलवी ने कहा कि आगामी 3 सितंबर को गुरुद्वारा छटी व नौंवी पातशाही चीका के हाल में आम सिख संगत की बैठक बुलाई गई है, जिसमें दादूवाल की अगुवाई वाली कमेटी को हटाने व उसके द्वारा की जा रही असंवैधानिक कार्रवाईयों को रोकने के लिए रणनीति तय की जाएगी।
दीदार सिंह नलवी ने कहा कि 13 अगस्त 2020 को हरियाणा कमेटी का चुनाव हुआ था, जिसमें बलजीत सिंह दादूवाल को प्रधान चुना गया था। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा एक्ट के अनुसार चुनाव कमिश्नर को उसके बाद हाउस की मीटिंग बुलाकर निर्वाचित प्रधान को स्वीकृति दिलानी जरूरी थी, जो कि नहीं किया गया। नलवी ने कहा कि कार्यकारिणी के गठन के लिए भी मनमानी की गई। इसके लिए हाउस की बैठक नहीं बुलाई गई। अगस्त 20 में कमेटी बनी तो उसके बाद नई कमेटी को आम इजलास बुलाकर 31 मार्च 2020 तक का व उसके बाद 31 मार्च 2021 तक का बजट स्वीकृत करवाना चाहिए था। नलवी ने आरोप लगाया कि बिना बजट पास करवाए दादूवाल ने कमेटी के डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर दिए जो कि अवैध हैं। उन्होंने दावा किया कि 36 सदस्यों में से उन्हें 23 सदस्यों का समर्थन हासिल है। वीरवार को हुई बैठक में भी जगदीश सिंह झींडा, बलदेव सिंह बल्ली, जसविंद्र सिंह पिपलथा, मोहनजीत पानीपत, हरपाल सिंह पाली, हरप्रीत सिंह नरूला व अजमेर सिंह सैनी सहित कार्यकारिणी सदस्य शामिल रहे।
वहीं इस संबंध में कमेटी के प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि दीदार सिंह नलवी पंजाब के बादल परिवार के खास आदमी हैं तथा वे उनके इशारे पर ही हरियाणा कमेटी को नुकसान पहुंचाने के लिए बेवजह बयानबाजी कर रहे हैं। सारा कार्य कमेटी के संविधान के अनुसार हो रहा है। दीदार सिंह नलवी गुट या कोई और इस संबंध में अगर कागजी कार्रवाई देखना चाहते हैं तो चीका स्थित कमेटी के मुख्यालय में सारा रिकार्ड मौजूद है, वहां जाकर देख सकता है।
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दीदार सिंह नलवी ने कहा कि 13 अगस्त 2020 को हरियाणा कमेटी का चुनाव हुआ था, जिसमें बलजीत सिंह दादूवाल को प्रधान चुना गया था। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा एक्ट के अनुसार चुनाव कमिश्नर को उसके बाद हाउस की मीटिंग बुलाकर निर्वाचित प्रधान को स्वीकृति दिलानी जरूरी थी, जो कि नहीं किया गया। नलवी ने कहा कि कार्यकारिणी के गठन के लिए भी मनमानी की गई। इसके लिए हाउस की बैठक नहीं बुलाई गई। अगस्त 20 में कमेटी बनी तो उसके बाद नई कमेटी को आम इजलास बुलाकर 31 मार्च 2020 तक का व उसके बाद 31 मार्च 2021 तक का बजट स्वीकृत करवाना चाहिए था। नलवी ने आरोप लगाया कि बिना बजट पास करवाए दादूवाल ने कमेटी के डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर दिए जो कि अवैध हैं। उन्होंने दावा किया कि 36 सदस्यों में से उन्हें 23 सदस्यों का समर्थन हासिल है। वीरवार को हुई बैठक में भी जगदीश सिंह झींडा, बलदेव सिंह बल्ली, जसविंद्र सिंह पिपलथा, मोहनजीत पानीपत, हरपाल सिंह पाली, हरप्रीत सिंह नरूला व अजमेर सिंह सैनी सहित कार्यकारिणी सदस्य शामिल रहे।
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वहीं इस संबंध में कमेटी के प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि दीदार सिंह नलवी पंजाब के बादल परिवार के खास आदमी हैं तथा वे उनके इशारे पर ही हरियाणा कमेटी को नुकसान पहुंचाने के लिए बेवजह बयानबाजी कर रहे हैं। सारा कार्य कमेटी के संविधान के अनुसार हो रहा है। दीदार सिंह नलवी गुट या कोई और इस संबंध में अगर कागजी कार्रवाई देखना चाहते हैं तो चीका स्थित कमेटी के मुख्यालय में सारा रिकार्ड मौजूद है, वहां जाकर देख सकता है।
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