फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Confusion ends after Sivan Municipality becomes Panchayat

Kaithal News: सीवन पालिका के पंचायत बनने पर असमंजस खत्म

Wed, 05 Feb 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 05 Feb 2025 01:14 AM IST
विज्ञापन
Confusion ends after Sivan Municipality becomes Panchayat
कमल बहल
विज्ञापन

सीवन/कैथल। नगर निकाय चुनाव की घोषणा के बाद वर्ष 2019 में नई बनी सीवन नगर पालिका के पंचायत बनने पर बरकरार असमंजस अब खत्म हो गया है। ऐसे में अब सीवन कस्बा के लोगों को चार साल के अंतराल बाद नई छोटी सरकार मिलेगी।

दरअसल, सीवन में नगरपालिका बनाने के पक्ष और विपक्ष में दो गुट बन गए थे। इसमें नगरपालिका का दर्जा भंग करने की मांग करने वाले लोग हाईकोर्ट में जाने के बावजूद सफल नहीं हो सके। अब पहली बार हो रहे सीवन नगर पालिका की चुनाव प्रक्रिया में 14 हजार से अधिक मतदाता हिस्सा लेंगे।
विज्ञापन


गौरतलब है कि सीवन नगर पालिका के अधीन आने वाले दो गांवों को कुछ समय पहले ही ग्रामीणों की ओर से विरोध करने पर बाहर किया गया था। इसमें पोलड़ और गोबिंदपुरा गांव शामिल है। अब यह चुनाव संपन्न होने के बाद इन दोनों गांवों में भी नई पंचायत का गठन हो पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है मामला ः वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव की घोषणा से तुरंत पहले ही अपनी जन आशीर्वाद यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से सीवन को पंचायत से नगर पालिका बनाने की घोषणा की थी। इसके कुछ समय बाद ही पंचायत बनाने की मांग उठने लगी थी।

इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध के साथ धरने-प्रदर्शन भी किए। इस दौरान गुहला से पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने भी पंचायत बनाने का आश्वासन दिया, परंतु सीवन नगर पालिका से पंचायत नहीं बन पाई। वहीं, विरोध करने वाले लोगों ने पीएम विंडों में भी प्रार्थना पत्र भेज कर जनमत करवाने की मांग की थी। इससे पहले इन लोगों ने पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन अक्तूबर 2024 में कोर्ट से यह ग्रामीण केस हार गए थे।

कोर्ट ने अपने टिप्पणी में यह हवाला दिया था कि नगर पालिका भंग कर पंचायत बनाने का अधिकार सरकार के पास है। ऐसे में इस केस को कोर्ट में दोबारा नहीं दाखिल किया जा सकता है। दरअसल, पंचायत बनाने की मांग करने वाले लोगों का कहना था कि नगर पालिका बनने के बाद से कस्बा के लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ा है। ऐसे में गरीब और मध्यम वर्ग के लोग भारी भरकम टैक्स अदा नहीं कर सकते हैं।


जिन दो गांवों पोलड़ और गोबिंदपुरा के लोगों का विरोध ज्यादा था, उन्हें नगर पालिका से बाहर किया जा चुका है। अब क्षेत्र के लोग चुनाव में हिस्सा लेंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed