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Kaithal News: लैब में धूल फांक रहे कंप्यूटर सिस्टम, अंधेरे में तकनीकी शिक्षा

Wed, 15 Apr 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 15 Apr 2026 12:51 AM IST
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Computer systems gather dust in labs, technical education in the dark
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के दावे जिले में धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। तकनीकी युग में जहां छात्र कंप्यूटर के जरिए नई ऊंचाइयों को छूने का सपना देख रहे हैं, वहीं जिले के 156 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्थापित कंप्यूटर लैब सफेद हाथी साबित हो रही हैं। ज्यादातर स्कूलों में लैब केवल कागजों और कमरों तक सीमित हैं, जहां धूल फांकते कंप्यूटर सिस्टम शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

शहीद सिपाही रामचंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कैलरम में सभी 14 कंप्यूटर सिस्टम खराब पड़े हैं। जिले के कई स्कूलों में स्थिति यह है कि 15 कंप्यूटरों की लैब में केवल 2-3 सिस्टम ही चालू हालत में हैं, जिससे 40-50 छात्रों की कक्षाओं में प्रायोगिक ज्ञान देना लगभग असंभव हो गया है। कहीं मॉनिटर खराब हैं तो कहीं सीपीयू काम नहीं कर रहे।
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सरकार ने छात्रों को डिजिटल साक्षर बनाने के उद्देश्य से इन लैब पर भारी बजट खर्च किया था, लेकिन रखरखाव की कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण इसका लाभ छात्रों तक नहीं पहुंच पा रहा। बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं में कंप्यूटर विषय की बढ़ती महत्ता के बावजूद विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल प्रशिक्षण से वंचित रहना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही लैब को दुरुस्त नहीं किया गया और तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई, तो खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र डिजिटल दौड़ में पिछड़ जाएंगे।
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ऑनलाइन लर्निंग बनी कागजी हकीकत : लैब की बदहाली का कारण केवल खराब हार्डवेयर नहीं है। कई ग्रामीण स्कूलों में बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है। जनरेटर और यूपीएस लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे बिजली कटते ही लैब ठप हो जाती है। इसके अलावा, कई स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी भी बाधित रहती है। ऐसे में कोडिंग, इंटरनेट रिसर्च और ऑनलाइन लर्निंग जैसी गतिविधियां केवल किताबों तक सीमित होकर रह गई हैं।

कंप्यूटरों के रखरखाव के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिलना भी बड़ी समस्या है। वारंटी समाप्त होने के बाद खराब उपकरणों की मरम्मत कराना स्कूलों के लिए मुश्किल हो जाता है। वहीं, कई स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जिसके चलते कई जगह लैब के ताले तक नहीं खुलते।


लैब में कंप्यूटर सामान्यतः चालू हालत में रहते हैं। यदि कहीं कोई तकनीकी खामी आती है तो उसे दुरुस्त कराया जाता है। जहां भी समस्या होगी, उसकी जांच कर समाधान किया जाएगा। -सुभाष चंद्र, जिला शिक्षा अधिकारी
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