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Kaithal News: राइस मिलों के प्रदूषण के खिलाफ शिकायत दर्ज
Fri, 09 Jan 2026 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 09 Jan 2026 01:33 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। खुशहाल माजरा और आसपास के गांवों में राइस मिलों से फैल रहे वायु और जल प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले को हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने गंभीर विषय मानते हुए सख्त रुख अपनाया है। वहीं, ग्रामीणों ने राइस मिल मालिकों के खिलाफ गुहला थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
गांव खुशहाल माजरा की सरपंच सर्वजीत कौर, गुरजंट सिंह, प्रगट सिंह, जसबीर सिंह, बलविंद्र सिंह, सतनाम सिंह, राजेंद्र सिंह, सतपाल और बलकार सिंह ने बताया कि राइस मिल मालिक अपने मिलों से निकलने वाला दूषित पानी और मिल के अंदर बने टॉयलेटों का गंदा पानी बोर के माध्यम से जमीन में छोड़ रहे हैं। इससे गांव का भूजल दूषित हो रहा है, जिसे पीने से लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
नाराज ग्रामीणों ने बताया कि दूषित पानी पीने से कैंसर, पीलिया, टीबी और त्वचा रोग फैल रहे हैं, जिससे अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, राइस मिलों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं और राख वायु मंडल को प्रदूषित कर रहा है और आसपास के गांवों में जीवन कठिन बना रहा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि मानवाधिकार आयोग ने चार राइस मिलों को सील किया है और सुनवाई में एक अन्य राइस मिल को दोषी पाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले राइस मिल मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए।
खुशहाल माजरा के ग्रामीण ने राइस मिल मालिकों के खिलाफ शिकायत दी है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसकी के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
वीरभान, गुहला थाना प्रभारी।
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गुहला चीका। खुशहाल माजरा और आसपास के गांवों में राइस मिलों से फैल रहे वायु और जल प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले को हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने गंभीर विषय मानते हुए सख्त रुख अपनाया है। वहीं, ग्रामीणों ने राइस मिल मालिकों के खिलाफ गुहला थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
गांव खुशहाल माजरा की सरपंच सर्वजीत कौर, गुरजंट सिंह, प्रगट सिंह, जसबीर सिंह, बलविंद्र सिंह, सतनाम सिंह, राजेंद्र सिंह, सतपाल और बलकार सिंह ने बताया कि राइस मिल मालिक अपने मिलों से निकलने वाला दूषित पानी और मिल के अंदर बने टॉयलेटों का गंदा पानी बोर के माध्यम से जमीन में छोड़ रहे हैं। इससे गांव का भूजल दूषित हो रहा है, जिसे पीने से लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
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नाराज ग्रामीणों ने बताया कि दूषित पानी पीने से कैंसर, पीलिया, टीबी और त्वचा रोग फैल रहे हैं, जिससे अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, राइस मिलों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं और राख वायु मंडल को प्रदूषित कर रहा है और आसपास के गांवों में जीवन कठिन बना रहा है।
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ग्रामीणों ने बताया कि मानवाधिकार आयोग ने चार राइस मिलों को सील किया है और सुनवाई में एक अन्य राइस मिल को दोषी पाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पर्यावरण को प्रदूषित करने वाले राइस मिल मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए।
खुशहाल माजरा के ग्रामीण ने राइस मिल मालिकों के खिलाफ शिकायत दी है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसकी के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
वीरभान, गुहला थाना प्रभारी।