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मशीन में आकर नाबालिग मजदूर का कटा हाथ
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कैथल। बात्ता गांव स्थित एक राइस मिल में काम करते समय बुधवार को एक नाबालिग श्रमिक का हाथ मशीन में आने से कट गया। मजदूर के परिजनों ने मिल मालिक और ठेकेदार पर सुरक्षा उपकरण न देने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने श्रमिक की शिकायत पर कलायत थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में लुधियाना निवासी 17 वर्षीय अंकुश कुमार ने बताया कि ठेकेदार जीवच्छ उसे मिल में बोरी सिलाई के काम के लिए बिहार के समस्तीपुर से लेकर आया था। ठेकेदार जीवच्छ और साजन ने उसे मशीन पर काम पर लगा दिया। कन्वेयर मशीन खतरनाक है। उसने मशीन पर काम करने के लिए सुरक्षा उपकरण मांगे लेकिन मिल मालिक त्रिलोकी चंद सिंगला ने नहीं दिए। त्रिलोकी चंद और संजीव राणा ने उसे जबरदस्ती काम पर भेज दिया। 12 हजार रुपये प्रति माह की तनख्वाह पर उसे रखा गया था। बुधवार को उसका दायां हाथ मशीन में आकर कट गया। उस दौरान संजीव राणा और त्रिलोकी चंद सिंगला मिल में ही थे। संजीव राणा उसे शहर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गया। निजी अस्पताल वालों ने इलाज नहीं किया तो उसे दूसरे निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां उसकी मरहम पट्टी हुई। आरोप है कि संजीव राणा, त्रिलोकी चंद और जीवच्छ तीनों ने मिलकर खर्च बचाने के लिए उसे पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया। संजीव राणा ने उसे नौकरी देने की भी बात कही। बाद में उसके पापा ने संजीव राणा और त्रिलोकी चंद सिंगला से इलाज के लिए रुपये मांगे तो आरोपियों ने पैसे न देकर धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में लुधियाना निवासी 17 वर्षीय अंकुश कुमार ने बताया कि ठेकेदार जीवच्छ उसे मिल में बोरी सिलाई के काम के लिए बिहार के समस्तीपुर से लेकर आया था। ठेकेदार जीवच्छ और साजन ने उसे मशीन पर काम पर लगा दिया। कन्वेयर मशीन खतरनाक है। उसने मशीन पर काम करने के लिए सुरक्षा उपकरण मांगे लेकिन मिल मालिक त्रिलोकी चंद सिंगला ने नहीं दिए। त्रिलोकी चंद और संजीव राणा ने उसे जबरदस्ती काम पर भेज दिया। 12 हजार रुपये प्रति माह की तनख्वाह पर उसे रखा गया था। बुधवार को उसका दायां हाथ मशीन में आकर कट गया। उस दौरान संजीव राणा और त्रिलोकी चंद सिंगला मिल में ही थे। संजीव राणा उसे शहर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गया। निजी अस्पताल वालों ने इलाज नहीं किया तो उसे दूसरे निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां उसकी मरहम पट्टी हुई। आरोप है कि संजीव राणा, त्रिलोकी चंद और जीवच्छ तीनों ने मिलकर खर्च बचाने के लिए उसे पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया। संजीव राणा ने उसे नौकरी देने की भी बात कही। बाद में उसके पापा ने संजीव राणा और त्रिलोकी चंद सिंगला से इलाज के लिए रुपये मांगे तो आरोपियों ने पैसे न देकर धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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