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Kaithal News: हार से सीख आगे बढ़ेंगे बच्चे, मिलेगा आत्मविश्वास
Fri, 01 May 2026 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 01 May 2026 12:41 AM IST
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डीसी अपराजिता
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकारी स्कूलों में स्टंबल लैब प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों के मन से असफलता का डर दूर करने की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस प्रोजेक्ट के जरिए बच्चों को सिखाया जा रहा है कि हारना भी सफलता की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है और असफलता के बाद कैसे मजबूत होकर आगे बढ़ा जाए।
तीन माह पहले उपायुक्त अपराजिता की पहल पर शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से लगातार कार्य किया जा रहा है। डीसी का मानना है कि जीवन में हर व्यक्ति को कभी न कभी असफलता का सामना करना पड़ता है, लेकिन उससे घबराने के बजाय उसके कारणों को समझकर आगे बढ़ना जरूरी है।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। अक्सर असफलता के बाद बच्चे निराश हो जाते हैं और कई बार अवसाद तक का शिकार हो जाते हैं।
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छोटे-छोटे प्रयोगों से सीख रहे बच्चे
स्टंबल लैब के तहत कक्षाओं में बच्चों को विभिन्न गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर बच्चों को कुछ वस्तुएं दिखाकर उनसे पूछा गया कि कौन-सी वस्तु पानी में डूबेगी और कौन-सी नहीं। इसके बाद उनके उत्तरों के आधार पर उन्हें घनत्व जैसी वैज्ञानिक अवधारणाओं की जानकारी दी गई। इसी तरह गेहूं के दानों की संख्या का अनुमान लगाने जैसी गतिविधियों से बच्चों की सोच और विश्लेषण क्षमता को विकसित किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत हर कक्षा में सप्ताह में कम से कम एक गतिविधि करवाई जा रही है।
स्टंबल लैब
n
उद्देश्य
छात्रों में असफलता का डर खत्म करना, आत्मविश्वास, धैर्य, जिज्ञासा और मानसिक मजबूती विकसित करना।
n
प्रक्रिया
बच्चों को किसी गतिविधि में असफल होने पर निराश होने के बजाय उत्साह के साथ प्रयास के लिए प्रेरित किया जाता है।
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कैथल। सरकारी स्कूलों में स्टंबल लैब प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों के मन से असफलता का डर दूर करने की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस प्रोजेक्ट के जरिए बच्चों को सिखाया जा रहा है कि हारना भी सफलता की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है और असफलता के बाद कैसे मजबूत होकर आगे बढ़ा जाए।
तीन माह पहले उपायुक्त अपराजिता की पहल पर शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से लगातार कार्य किया जा रहा है। डीसी का मानना है कि जीवन में हर व्यक्ति को कभी न कभी असफलता का सामना करना पड़ता है, लेकिन उससे घबराने के बजाय उसके कारणों को समझकर आगे बढ़ना जरूरी है।
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इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। अक्सर असफलता के बाद बच्चे निराश हो जाते हैं और कई बार अवसाद तक का शिकार हो जाते हैं।
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छोटे-छोटे प्रयोगों से सीख रहे बच्चे
स्टंबल लैब के तहत कक्षाओं में बच्चों को विभिन्न गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर बच्चों को कुछ वस्तुएं दिखाकर उनसे पूछा गया कि कौन-सी वस्तु पानी में डूबेगी और कौन-सी नहीं। इसके बाद उनके उत्तरों के आधार पर उन्हें घनत्व जैसी वैज्ञानिक अवधारणाओं की जानकारी दी गई। इसी तरह गेहूं के दानों की संख्या का अनुमान लगाने जैसी गतिविधियों से बच्चों की सोच और विश्लेषण क्षमता को विकसित किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत हर कक्षा में सप्ताह में कम से कम एक गतिविधि करवाई जा रही है।
स्टंबल लैब
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उद्देश्य
छात्रों में असफलता का डर खत्म करना, आत्मविश्वास, धैर्य, जिज्ञासा और मानसिक मजबूती विकसित करना।
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प्रक्रिया
बच्चों को किसी गतिविधि में असफल होने पर निराश होने के बजाय उत्साह के साथ प्रयास के लिए प्रेरित किया जाता है।