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तीन साल की बच्ची के साथ बर्बरता, क्षत-विक्षत मिला शव, दोनों हाथ व टांगे नहीं, आंखे भी निकाली

Sat, 12 Oct 2019 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैथल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैथल (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 12 Oct 2019 01:07 AM IST
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child murder In Kaithal Of haryana
सांकेतिक तस्वीर

 एक ईंट भट्ठे के पास लापता तीन साल की मासूम बच्ची का क्षत-विक्षत शव भट्ठे पर ही खाली पड़ी जगह में मिला। बच्ची के दोनों हाथ व टांगें नहीं हैं। शव को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस ने रोहतक पीजीआई भेजा है।

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शव मिलते ही पुलिस में भी हड़कंप मच गया और पुलिस की टीमों ने भट्ठे पर जाकर सुराग तलाशे। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस को शक है कि तंत्र विद्या करने वालों ने बच्ची की हत्या की होगी।
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बदायूं (यूपी) निवासी मजदूर परिवार यहां भट्ठे पर काम करने आया था। उनके परिवार की बच्ची तीन दिन से गायब है। उसे परिजन तलाश रहे थे लेकिन नहीं मिली। बच्ची की मां और दादी ने बताया कि वे प्रवासी मजदूर हैं। जो हर बार ईंटों के सीजन में भट्ठे पर काम करने के लिए जिला बदायूं उत्तर प्रदेश से यहां आते हैं। इस बार भी वे छह अक्टूबर को एक भट्ठे पर आए थे।
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सात अक्टूबर को उन्होंने वहां से आने के बाद भट्ठे पर विश्राम किया। आठ अक्टूबर को सुबह 11 से साढ़े 11 बजे के बीच उनकी तीन वर्षीय बच्ची खेलते हुए भट्ठे के बाहर सडक़ के पास चली गई। वहां के मजदूरों ने उसे अंतिम बार वहीं खेलते देखा। जब काफी देर बाद वह वापस नहीं लौटी तो पहले उन्होंने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी।

पुलिस ने भी लोगों के साथ मिलकर आसपास में बच्ची की तलाश की, लेकिन उस दिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। शुक्रवार 11 अक्तूबर को भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे सुबह करीब छह बजे खेलने के लिए घर से बाहर चले गए, उन्होंने शव को देखा और इसकी सूचना उन्हें दी। जिस पर पुलिस को बुलाया गया।

दशहरे को हुआ था बच्ची का अपहरण
बच्ची आठ अक्टूबर को घर से लापता हुई थी। इस संबंध में बच्ची के पिता की शिकायत के आधार पर थाने में अपहरण का केस दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज कर किया है।

थाना तितरम प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि पिछले दो दिन से पुलिस भट्ठे पर जांच कर रही है। शव मिलने से पहले भी पुलिस ने मजदूरों के साथ मिलकर खेतों में बच्ची की तलाश की। अब सुबूत जुटा रही है, पुलिस की ओर से मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रोहतक में बोर्ड से करवाने के लिए शव भेजा गया है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी जांच होगी। पहले अपहरण के आरोप में केस दर्ज था। अब हत्या के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

दशहरे के दिन ईंट भट्ठे से लापता तीन साल की मासूम का शव मिलने से परिजन स्तब्ध हैं। साथ में भट्ठे मालिक व आस-पास के लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि मासूम बच्ची को कोई इस तरह से मार सकता है। बच्ची के हाथ-पांव नहीं मिले। इसके अलावा आंखें भी निकाली हुई बताई गई हैं। ऐसे में लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। कोई मामले में तांत्रिक क्रिया होने का भी शक जाहिर कर रहा है तो कोई अन्य कारणों पर भी विचार कर रहा है।

अपने घरों के बाहर बैठकर विलाप कर रहे परिजनों ने अंदेशा जताया है कि बच्ची की हत्या कर शव को मिट्टी के ढेर पर रखा गया। बच्ची के गले में हसली (चांदी का मोटा तार) पहनाई हुई थी। जो शव के गले में नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अगर कोई जानवर बच्ची को मारता तो उसके शव के पास शरीर के टुकड़े मिलते और हसली भी गले में ही मिलती, क्योंकि उसे केवल व्यक्ति ही निकाल सकता था। जानवर उसे गले से नहीं निकाल सकते।

पुलिस अधिकारियों ने किया शव मिलने के बाद भट्ठे का दौरा
बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक भेजा गया है। इसके बाद पुलिस कर्मचारियों ने ईंट भट्ठे का दौरा किया। वहां जाकर सुबुत जुटाने का प्रयास किया। साथ ही मामले में छानबीन शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर सामाजिक संगठनों ने डीसी के नाम सीटीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें अपहरण कर इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कर उन्हें कड़ी सजा दिलवाने की मांग की है।

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