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बोहनी के टाइम पैसे मांगें तो कागज चैक करने शुरू कर दिए...
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Tue, 28 Jul 2015 12:34 AM IST
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स्टॉफ से हैं....कैथल शहर में ये तीन शब्द ऑटो चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ऑटो चालकों को बिना किराया दिए हर रोज अनेक पुलिस कर्मचारी ऑटो में सफर करते हैं।
पैसे मांगने पर वे ऑटो चालकों को कागजात की जांच की धमकी देते हैं। वहीं, एकाध का तो किराया वसूलने पर निशाना बनाकर चालान भी किया गया है। पुलिस कर्मियों की इस दादागिरी के खिलाफ ऑटो चालकों ने एसपी को शिकायत देने का फैसला लिया है।
ऐसा ही कुछ वाक्या मंगलवार सुबह हुआ ऑटो चालक राहुल के साथ। ऑटो चालक राहुल ने बताया कि वह दो घंटे तक लाइन में लगने के बाद बस अड्डे से 8 सवारी लेकर आया था। जहां से दो पुलिस कर्मचारी सादी वर्दी में उसके ऑटो में बैठ गए। लघु सचिवालय के निकट पहुंच कर जब वे दोनों उतरे तो उसने उनसे पैसे मांगे। लेकिन दोनों ने कहा कि स्टॉफ से हैं...।
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उसने कहा कि साहब... बोहनी का समय है...एसपी साहब ने भी कहा है कि सभी से पैसे लिया करो। राहुल का इतना कहते ही दोनों पुलिस कर्मचारी आग बबूला हो गए तथा कहा कि एसपी साहब ने ये भी कहा है कि सभी ऑटो चालकों के कागजात की जांच करनी है।
ला...दिखा अपने कागजात...इंपाउंड करवा देंगे तेरी ऑटो को। इतना विवाद होते ही उसकी शेष सवारी भी उतर कर चली गई। बाद में वह उनसे किसी तरह छूट कर मायूस होकर वापिस स्टैंड पर पहुंचा तथा प्रधान को यह जानकारी दी।
राहुल ने बताया कि इससे पूर्व उसकी ऑटो को इम्पाउंड किया गया था। जिस पर 10 हजार रुपये देकर छुड़वाया था। इसके बाद फिर से एक बार उसकी ऑटो का चालान किया गया। एक अन्य ऑटो चालक ने थाना सिविल लाइन में के एक पुलिस कर्मी से पैसे ले लिए। बाद में यातायात पुलिस ने उसे ढूंढकर उसके ऑटो को निशाना बनाकर चालान किया।
ऑटो यूनियन के प्रधान बादल का कहना है कि एक दिन में एक ऑटो चालक औसतन 20 पुलिस कर्मियों को ढोता है बिना पैसे के। ऑटो की जो सीट उतरवाई जा रही है, पुलिस कर्मचारी उसी सीट पर बैठ कर पैसे देते समय केवल इतना कहते हैं कि स्टॉफ से हैं...जब एसपी साहब ने सभी से पैसे लेने की बात कही है तो सभी पुलिस कर्मचारियों को किराये के भी पैसे देने चाहिए।
वहीं इस संबंध में एसपी कृष्ण मुरारी का कहना है कि यदि ऐसी शिकायत है तो ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी तक ऑटो चालकों की उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। मीटिंग में ऑटो चालकों को कहा गया है कि वे नियमों का पालन करें। किसी पुलिस कर्मचारी को फ्री में ना ढोएं।
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पैसे मांगने पर वे ऑटो चालकों को कागजात की जांच की धमकी देते हैं। वहीं, एकाध का तो किराया वसूलने पर निशाना बनाकर चालान भी किया गया है। पुलिस कर्मियों की इस दादागिरी के खिलाफ ऑटो चालकों ने एसपी को शिकायत देने का फैसला लिया है।
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ऐसा ही कुछ वाक्या मंगलवार सुबह हुआ ऑटो चालक राहुल के साथ। ऑटो चालक राहुल ने बताया कि वह दो घंटे तक लाइन में लगने के बाद बस अड्डे से 8 सवारी लेकर आया था। जहां से दो पुलिस कर्मचारी सादी वर्दी में उसके ऑटो में बैठ गए। लघु सचिवालय के निकट पहुंच कर जब वे दोनों उतरे तो उसने उनसे पैसे मांगे। लेकिन दोनों ने कहा कि स्टॉफ से हैं...।
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उसने कहा कि साहब... बोहनी का समय है...एसपी साहब ने भी कहा है कि सभी से पैसे लिया करो। राहुल का इतना कहते ही दोनों पुलिस कर्मचारी आग बबूला हो गए तथा कहा कि एसपी साहब ने ये भी कहा है कि सभी ऑटो चालकों के कागजात की जांच करनी है।
ला...दिखा अपने कागजात...इंपाउंड करवा देंगे तेरी ऑटो को। इतना विवाद होते ही उसकी शेष सवारी भी उतर कर चली गई। बाद में वह उनसे किसी तरह छूट कर मायूस होकर वापिस स्टैंड पर पहुंचा तथा प्रधान को यह जानकारी दी।
राहुल ने बताया कि इससे पूर्व उसकी ऑटो को इम्पाउंड किया गया था। जिस पर 10 हजार रुपये देकर छुड़वाया था। इसके बाद फिर से एक बार उसकी ऑटो का चालान किया गया। एक अन्य ऑटो चालक ने थाना सिविल लाइन में के एक पुलिस कर्मी से पैसे ले लिए। बाद में यातायात पुलिस ने उसे ढूंढकर उसके ऑटो को निशाना बनाकर चालान किया।
ऑटो यूनियन के प्रधान बादल का कहना है कि एक दिन में एक ऑटो चालक औसतन 20 पुलिस कर्मियों को ढोता है बिना पैसे के। ऑटो की जो सीट उतरवाई जा रही है, पुलिस कर्मचारी उसी सीट पर बैठ कर पैसे देते समय केवल इतना कहते हैं कि स्टॉफ से हैं...जब एसपी साहब ने सभी से पैसे लेने की बात कही है तो सभी पुलिस कर्मचारियों को किराये के भी पैसे देने चाहिए।
वहीं इस संबंध में एसपी कृष्ण मुरारी का कहना है कि यदि ऐसी शिकायत है तो ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी तक ऑटो चालकों की उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। मीटिंग में ऑटो चालकों को कहा गया है कि वे नियमों का पालन करें। किसी पुलिस कर्मचारी को फ्री में ना ढोएं।