{"_id":"65c7e22382e3a8f0850316a8","slug":"cheeka-vegetable-market-association-went-on-strike-kaithal-news-c-18-1-knl1004-323955-2024-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: चीका सब्जी मंडी एसोसिएशन ने की हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: चीका सब्जी मंडी एसोसिएशन ने की हड़ताल
Sun, 11 Feb 2024 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 11 Feb 2024 02:22 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला/चीका। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से सब्जी व फल व्यापारियों पर थोपी गई मार्केट फीस के विरोध में चीका सब्जी मंडी एसोसिएशन के व्यापारियों ने शनिवार को सुबह पांच बजे काम बंद कर दिया। सब्जी मंडी के बाहर सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र कालड़ा के नेतृत्व में आढ़तियों ने धरना लगाकर हड़ताल शुरू की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व फैसला वापस लेने की मांग की।
सब्जी मंडियां बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश की सब्जी मंडियों में आढ़ती एसोसिएशन हड़ताल पर है। शनिवार की सुबह से ही सब्जी मंडी में सन्नाटा नजर आया। सब्जी मंडी में आसपास के गांवों के अलावा पंजाब, कुरुक्षेत्र, नासिक सहित अन्य जिलों और राज्यों से भी सब्जियां आती हैं। हरेंद्र कालड़ा ने बताया कि सब्जी मंडी के सभी सदस्य एकमुश्त फीस प्रणाली का विरोध कर हैं।
उन्होंने कहा कि एक दिसंबर को मार्केट फीस को लेकर सरकार ने एक नया नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें एकमुश्त मार्केट फीस एडवांस में भरने को कहा गया है। इसके विरोध में पूरे हरियाणा में रोष है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के आढ़तियों का एक डेलिगेशन पंचकूला जाकर अधिकारियों से मिला था, उन्होंने आश्वासन दिया था कि यह ऑर्डर जल्द ही कैंसिल कर दिए जाएंगे। लेकिन, इस नोटिफिकेशन को न तो कैंसिल किया गया और न ही स्थगित किया गया।
विज्ञापन
इसके विरोध में उन्होंने 20 दिसंबर को प्रदेश की सभी सब्जी मंडियां बंद की थीं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोरोना काल में एक प्रतिशत मार्केट फीस और एक प्रतिशत ही एचडीआरएफ फीस लगाई थी। जबकि, कोरोना में राहत देने की बजाय सब्जी व्यापारियों पर मार्केट फीस लगाई गई थी। अब तो कोरोना खत्म हो चुका है, फिर भी सरकार सब्जी व्यापारियों से यह टैक्स ले रही है। अभी सरकार ने एक दिसंबर से एक नोटिस जारी कर दिया है कि सभी सब्जी विक्रेता एक साल का एडवांस में मार्केट फीस जमा करवाएं। दूसरे राज्यों में मार्केट फीस एडवांस में नहीं ली जाती, लेकिन सरकार ने इस काले कानून को लागू कर सब्जी विक्रेताओं के साथ भेदभाव कर रही है। उनकी सरकार से मांग है कि इस काले कानून को वापस करे। स्टेट कमेटी की सरकार से चंडीगढ़ में बैठक हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसको लेकर सभी सब्जी फल विक्रेताओं में काफी रोष है। इसलिए 10 फरवरी से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल की गई है। इस अवसर पर शेखर खट्टर, प्रदीप प्रजापति, विजय खुराना, ज्ञानचंद, महेंद्र सिंह, केवल खुराना व पुनीत छाबड़ा भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
गुहला/चीका। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से सब्जी व फल व्यापारियों पर थोपी गई मार्केट फीस के विरोध में चीका सब्जी मंडी एसोसिएशन के व्यापारियों ने शनिवार को सुबह पांच बजे काम बंद कर दिया। सब्जी मंडी के बाहर सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष हरेंद्र कालड़ा के नेतृत्व में आढ़तियों ने धरना लगाकर हड़ताल शुरू की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व फैसला वापस लेने की मांग की।
सब्जी मंडियां बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदेश की सब्जी मंडियों में आढ़ती एसोसिएशन हड़ताल पर है। शनिवार की सुबह से ही सब्जी मंडी में सन्नाटा नजर आया। सब्जी मंडी में आसपास के गांवों के अलावा पंजाब, कुरुक्षेत्र, नासिक सहित अन्य जिलों और राज्यों से भी सब्जियां आती हैं। हरेंद्र कालड़ा ने बताया कि सब्जी मंडी के सभी सदस्य एकमुश्त फीस प्रणाली का विरोध कर हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एक दिसंबर को मार्केट फीस को लेकर सरकार ने एक नया नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें एकमुश्त मार्केट फीस एडवांस में भरने को कहा गया है। इसके विरोध में पूरे हरियाणा में रोष है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के आढ़तियों का एक डेलिगेशन पंचकूला जाकर अधिकारियों से मिला था, उन्होंने आश्वासन दिया था कि यह ऑर्डर जल्द ही कैंसिल कर दिए जाएंगे। लेकिन, इस नोटिफिकेशन को न तो कैंसिल किया गया और न ही स्थगित किया गया।
विज्ञापन
इसके विरोध में उन्होंने 20 दिसंबर को प्रदेश की सभी सब्जी मंडियां बंद की थीं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कोरोना काल में एक प्रतिशत मार्केट फीस और एक प्रतिशत ही एचडीआरएफ फीस लगाई थी। जबकि, कोरोना में राहत देने की बजाय सब्जी व्यापारियों पर मार्केट फीस लगाई गई थी। अब तो कोरोना खत्म हो चुका है, फिर भी सरकार सब्जी व्यापारियों से यह टैक्स ले रही है। अभी सरकार ने एक दिसंबर से एक नोटिस जारी कर दिया है कि सभी सब्जी विक्रेता एक साल का एडवांस में मार्केट फीस जमा करवाएं। दूसरे राज्यों में मार्केट फीस एडवांस में नहीं ली जाती, लेकिन सरकार ने इस काले कानून को लागू कर सब्जी विक्रेताओं के साथ भेदभाव कर रही है। उनकी सरकार से मांग है कि इस काले कानून को वापस करे। स्टेट कमेटी की सरकार से चंडीगढ़ में बैठक हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसको लेकर सभी सब्जी फल विक्रेताओं में काफी रोष है। इसलिए 10 फरवरी से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल की गई है। इस अवसर पर शेखर खट्टर, प्रदीप प्रजापति, विजय खुराना, ज्ञानचंद, महेंद्र सिंह, केवल खुराना व पुनीत छाबड़ा भी मौजूद रहे।