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Kaithal News: पूर्व डिप्टी सिविल सर्जन और एसएमओ पर तय किए आरोप
Fri, 24 Apr 2026 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 24 Apr 2026 12:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कैथल माधव मित्तल की अदालत ने पूर्व डिप्टी सीएमओ और एसएमओ पर आरोप टीएडीए क्लेम के लिए जज के फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस चालान के आधार पर पूर्व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीलम कक्कड़ और उनके पति डॉ. भारत भूषण के खिलाफ कार्यवाही की है।
डॉ. नीलम कक्कड़ कैथल में डिप्टी सिविल सर्जन के पद पर रह चुकी हैं, जबकि उनके पति डॉ. भारत भूषण कक्कड़
नागरिक अस्पताल में सीनियर मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत रहे हैं। आरोप है कि दोनों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनसे आर्थिक लाभ उठाया।
मामले का खुलासा गांव रसूलपुर निवासी शिकायतकर्ता जयपाल नामक व्यक्ति ने आरटीआई के माध्यम से किया था। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पूरे प्रकरण की जानकारी सामने आई,
जिसके बाद पुलिस ने जांच कर मामला दर्ज किया था, फिलहाल दोनों आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर हैं।
पुलिस ने अपनी जांच के बाद जिला अदालत में दोनों के खिलाफ चालान पेश किया। अदालत में दोनों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया और ट्रायल की मांग की।
इसके बाद न्यायालय ने मामले को आगे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
अब इस केस में अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें अभियोजन पक्ष अपने गवाह पेश करेगा।
2003 के तबादले
से जुड़ा मामला
मामला वर्ष 2003 में कैथल से गुरुग्राम तबादले से जुड़ा है। आरोप है कि तबादले के बाद आरोपियों ने जॉइन करने के बजाय फर्जी कोर्ट सर्टिफिकेट्स का सहारा लिया। वर्ष 2020 में शिकायत मिलने पर जांच शुरू हुई, जिसमें पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि 2017 और 2021 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी दोनों आरोपी कैथल के सरकारी अस्पताल में कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत रहे।
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कैथल। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कैथल माधव मित्तल की अदालत ने पूर्व डिप्टी सीएमओ और एसएमओ पर आरोप टीएडीए क्लेम के लिए जज के फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले में आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने पुलिस चालान के आधार पर पूर्व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. नीलम कक्कड़ और उनके पति डॉ. भारत भूषण के खिलाफ कार्यवाही की है।
डॉ. नीलम कक्कड़ कैथल में डिप्टी सिविल सर्जन के पद पर रह चुकी हैं, जबकि उनके पति डॉ. भारत भूषण कक्कड़
नागरिक अस्पताल में सीनियर मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत रहे हैं। आरोप है कि दोनों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनसे आर्थिक लाभ उठाया।
मामले का खुलासा गांव रसूलपुर निवासी शिकायतकर्ता जयपाल नामक व्यक्ति ने आरटीआई के माध्यम से किया था। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पूरे प्रकरण की जानकारी सामने आई,
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जिसके बाद पुलिस ने जांच कर मामला दर्ज किया था, फिलहाल दोनों आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर हैं।
पुलिस ने अपनी जांच के बाद जिला अदालत में दोनों के खिलाफ चालान पेश किया। अदालत में दोनों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया और ट्रायल की मांग की।
इसके बाद न्यायालय ने मामले को आगे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
अब इस केस में अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें अभियोजन पक्ष अपने गवाह पेश करेगा।
2003 के तबादले
से जुड़ा मामला
मामला वर्ष 2003 में कैथल से गुरुग्राम तबादले से जुड़ा है। आरोप है कि तबादले के बाद आरोपियों ने जॉइन करने के बजाय फर्जी कोर्ट सर्टिफिकेट्स का सहारा लिया। वर्ष 2020 में शिकायत मिलने पर जांच शुरू हुई, जिसमें पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि 2017 और 2021 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी दोनों आरोपी कैथल के सरकारी अस्पताल में कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत रहे।
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