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Kaithal News: बदलता मौसम बच्चों की सेहत पर भारी, बढ़ी ओपीडी

Sun, 22 Sep 2024 03:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 22 Sep 2024 03:48 AM IST
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Changing weather takes a toll on children's health, OPD increased
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। अब जिले में पल-पल मौसम में हो रहे बदलाव के बीच अब जिला नागरिक अस्पताल में बच्चों के वार्ड में ओपीडी बढ़ने लगी है। इस समय बच्चों में निमोनिया सहित खांसी व जुकाम और वायरल की शिकायत बढ़ी है।

अब कभी मौसम में बदलाव के तहत ठंडक हो रही है तो कभी गर्मी का एहसास हो रहा है। इस कारण के अब प्रतिदिन 50 की बजाय 100 से 120 तक अधिक ओपीडी हो रही है। इस समय करीब चार संक्रमित केस निमोनिया के आ चुके हैं। इसके साथ ही खांसी जुकाम सहित वायरल बुखार अधिक हो रहा है। इस समस्या के बीच अब चिकित्सक बदलते मौसम में छोटे बच्चों का ख्याल रखने की अभिभावकों को सलाह दे रहे हैं। यही नहीं अब पीलिया व टाइफाइड भी बच्चों की सेहत बिगाड़ रहा है। अस्पताल में बनाए गए बला रोग केंद्र में भी 15-20 मरीज दाखिल हैं। दिन में तेज धूप और रात की सर्दी का मौसम शरीर का तापमान बिगाड़ रहा है। इसके साथ ही कई जगहों पर दूषित पानी पीने के कारण बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। चार दिन पहले ही मौसम में बदलाव के तहत बारिश हुई थी, लेकिन अब अचानक मौसम में गर्माहट आ गई है। चिकित्सकों के अनुसार अभी पिछले 10 दिन की अपेक्षा 20 से 25 प्रतिशत तक की ओपीड़ी बढ़ी है। इस समय दो साल से लेकर पांच साल तक के बच्चे बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बता दें कि कभी दिन में गर्मी हो जाती और कभी बारिश का मौसम होता है।
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रात में सर्दी और दिन में गर्माहट के कारण बच्चों के साथ ही अन्य लोगों में भी सर्दी, बुखार, खांसी की समस्या बढ़ गई है। चिकित्सकों का मानना है कि प्रदूषित पानी पीने के कारण बच्चों को यह परेशानी आ रही है।
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स्वास्थ्य में अगर कोई भी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। ज्यादा हल्के कपड़े पहनने के साथ ही अभी पंखा या कूलर चलाना बेहद नुकसानदायक हो सकता है। ऐसा करने से बचें। खासकर छोटे बच्चों का ध्यान रखना जरूरी है। बच्चों में टायफाइड, निमोनिया हो रहा है। जैसे ही बच्चों में कुछ अधिक बीमारी के लक्षण दिखते हैं तो उनका प्रमुखता से इलाज किया जाता है। अस्पताल में आने वाले मरीजों की बेहतर ढंग से देखभाल की जा रही है। -डॉ. अनिल अग्रवाल, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।
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