{"_id":"6a51333d6bb471abd902d230","slug":"call-for-relief-to-private-school-operators-in-case-of-closure-of-mis-kaithal-news-c-245-1-kht1014-152129-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: एमआईएस बंद होने के मामले में निजी स्कूल संचालकों को राहत की उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: एमआईएस बंद होने के मामले में निजी स्कूल संचालकों को राहत की उम्मीद
विज्ञापन
उप जिला शिक्षा अधिकारी के साथ बैठक में करते हुए प्राइवेट स्कूल संचालक।
कैथल। जिले के 160 से अधिक निजी स्कूलों के एमआईएस यानी मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम पोर्टल बंद होने के मामले में शुक्रवार को निजी स्कूल संचालकों ने उप जिला शिक्षा अधिकारी जयभगवान के साथ बैठक की। बैठक में निजी स्कूल संचालक संघ के पदाधिकारियों ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। संघ के प्रधान कुलदीप बिढ़ाण ने बताया कि उप जिला शिक्षा अधिकारी ने उनकी बात सुनी और सोमवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के साथ बैठक करवाने का आश्वासन दिया है, ताकि इस पूरे मामले का जल्द समाधान निकल सके।
उन्होंने कहा कि एमआईएस बंद होने से स्कूलों में दाखिले, स्कूल छोड़ने के प्रमाणपत्र (एसएलसी) जारी करने सहित कई ऑनलाइन कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार की बैठक में कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने हाल ही में जिले के 160 से अधिक निजी स्कूलों के एमआईएस पोर्टल बंद कर दिए थे। उप जिला शिक्षा अधिकारी जयभगवान के अनुसार यह कार्रवाई उन स्कूलों पर की गई है जिन्होंने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। इसके अलावा जिन स्कूलों की मान्यता का 10 वर्ष बाद होने वाला अनिवार्य रिव्यू लंबित है या जिन्होंने भवन, स्टाफ, सुरक्षा और अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा नहीं कराए, वे भी कार्रवाई की जद में आए हैं।
वहीं निजी स्कूल संचालक संघ का कहना है कि कई स्कूल तकनीकी कारणों से समय पर जानकारी अपलोड नहीं कर सके थे। बिना पूर्व सूचना एमआईएस बंद करने से विद्यार्थियों और अभिभावकों से जुड़े जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संघ ने मांग की है कि स्कूलों को दस्तावेज पूरे करने का अवसर देते हुए पोर्टल दोबारा शुरू किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एमआईएस बंद होने से स्कूलों में दाखिले, स्कूल छोड़ने के प्रमाणपत्र (एसएलसी) जारी करने सहित कई ऑनलाइन कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार की बैठक में कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने हाल ही में जिले के 160 से अधिक निजी स्कूलों के एमआईएस पोर्टल बंद कर दिए थे। उप जिला शिक्षा अधिकारी जयभगवान के अनुसार यह कार्रवाई उन स्कूलों पर की गई है जिन्होंने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। इसके अलावा जिन स्कूलों की मान्यता का 10 वर्ष बाद होने वाला अनिवार्य रिव्यू लंबित है या जिन्होंने भवन, स्टाफ, सुरक्षा और अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा नहीं कराए, वे भी कार्रवाई की जद में आए हैं।
विज्ञापन
वहीं निजी स्कूल संचालक संघ का कहना है कि कई स्कूल तकनीकी कारणों से समय पर जानकारी अपलोड नहीं कर सके थे। बिना पूर्व सूचना एमआईएस बंद करने से विद्यार्थियों और अभिभावकों से जुड़े जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संघ ने मांग की है कि स्कूलों को दस्तावेज पूरे करने का अवसर देते हुए पोर्टल दोबारा शुरू किया जाए।

उप जिला शिक्षा अधिकारी के साथ बैठक में करते हुए प्राइवेट स्कूल संचालक।
विज्ञापन