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आढ़तियों का भुगतान नहीं करने वाली फर्म के सभी कारोबार से करेंगे बहिष्कार
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अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि मंडी के आढ़तियों का बहुमत में समर्थन मिला तो आढ़तियों के करोड़ों रुपये का भुगतान न करने वाली फर्म के पूरे परिवार के शहर में जितने भी व्यवसाय हैं। उन सभी का बहिष्कार किया जाएगा। चाहे व इस परिवार द्वारा किसी अन्य फील्ड का भी काम क्यों ना हो। दुकान-दर-दुकान रजिस्टर भेजकर आढ़तियों के हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। इसके बाद बहुमत अनुसार फैसला लिया जाएगा।
नई अनाज मंडी में स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्रधान कृष्ण मित्तल की अध्यक्षता में आढ़तियों की बैठक हुई। जिसमें दूसरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि रामनिवास मित्तल, जिला आढ़ती एसोसिएशन प्रधान अश्वनी शोरेवाला व अन्य ने भी भाग लिया। जिसमें उन्होंने कहा कि एक फर्म, जिसकी ओर करोड़ों रुपये के भुगतान के लिए आढ़ती संघर्षरत हैं, लेकिन आज तक एक भी रुपया नहीं आया है। तीन सौ से ज्यादा आढ़ती अपने बकाए के लिए भटक रहे हैं, जबकि इस फर्म के मालिकों के पास रुपया होने के बावजूद लौटाया नहीं जा रहा। इस फर्म के परिवार से संबंधित एक और निर्यातक का इस सीजन में बहिष्कार करने का फैसला सीजन शुरू होने से पहले लिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि मंडी में एक-एक दुकान पर जाकर बहिष्कार संबंधी फैसले पर आढ़तियों का समर्थन लिया जाएगा। इसके लिए रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। इसके बाद बहुमत हुआ तो संबंधित निर्यातक परिवार के सभी तरह के व्यवसायों का बहिष्कार होगा, जिसमें चाहे खाद्यान्न से जुड़ा व्यवसाय हो या फिर शहर में अन्य तरह के व्यवसाय। सभी आढ़तियों का समर्थन जुटाने के बाद दस सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। जो इस परिवार के अन्य व्यवसाय चला रहे सदस्यों से भी मुलाकात करेगी और आढ़तियों के करोड़ों रुपये के बकाए को दिलवाने की मांग करेगी। यदि फिर भी सुनवाई नहीं होती है तो शहर के जाने-माने इस पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। जो भी आढ़ती या व्यापारी इस परिवार का सहयोग करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए भी शीघ्र ही फैसला लिया जाएगा।
बैठक में आगामी 10 सितंबर को कुरुक्षेत्र के पिपली में होने वाले किसान आंदोलन में भी बढ़ चढ़ कर भाग लेने का फैसला लिया गया। साथ ही तय किया गया कि खाद्य एजेंसियों द्वारा जो लस्टर लॉस व अन्य के नाम पर उनकी आढ़त काटी जा रही है, उसका विरोध किया जाएगा।
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प्रधान कृष्ण मित्तल ने बताया कि निर्यातक के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज होने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उस निर्यातक के परिवार से कोई अन्य फर्म भी है तो उसका सीजन से पहले बहिष्कार किया जाए। बहिष्कार केवल उस फर्म का नहीं, जिसकी ओर बकाया है, बल्कि बहिष्कार हर उस व्यक्ति का होगा, ऐसे भगौड़ों का साथ दे रहे हैं। साथ ही संबंधित फर्म के बहिष्कार के संबंध में प्रदेश की सभी मंडियों में भी पत्र लिखे जाएंगे।
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नई अनाज मंडी में स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्रधान कृष्ण मित्तल की अध्यक्षता में आढ़तियों की बैठक हुई। जिसमें दूसरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि रामनिवास मित्तल, जिला आढ़ती एसोसिएशन प्रधान अश्वनी शोरेवाला व अन्य ने भी भाग लिया। जिसमें उन्होंने कहा कि एक फर्म, जिसकी ओर करोड़ों रुपये के भुगतान के लिए आढ़ती संघर्षरत हैं, लेकिन आज तक एक भी रुपया नहीं आया है। तीन सौ से ज्यादा आढ़ती अपने बकाए के लिए भटक रहे हैं, जबकि इस फर्म के मालिकों के पास रुपया होने के बावजूद लौटाया नहीं जा रहा। इस फर्म के परिवार से संबंधित एक और निर्यातक का इस सीजन में बहिष्कार करने का फैसला सीजन शुरू होने से पहले लिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि मंडी में एक-एक दुकान पर जाकर बहिष्कार संबंधी फैसले पर आढ़तियों का समर्थन लिया जाएगा। इसके लिए रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। इसके बाद बहुमत हुआ तो संबंधित निर्यातक परिवार के सभी तरह के व्यवसायों का बहिष्कार होगा, जिसमें चाहे खाद्यान्न से जुड़ा व्यवसाय हो या फिर शहर में अन्य तरह के व्यवसाय। सभी आढ़तियों का समर्थन जुटाने के बाद दस सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। जो इस परिवार के अन्य व्यवसाय चला रहे सदस्यों से भी मुलाकात करेगी और आढ़तियों के करोड़ों रुपये के बकाए को दिलवाने की मांग करेगी। यदि फिर भी सुनवाई नहीं होती है तो शहर के जाने-माने इस पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। जो भी आढ़ती या व्यापारी इस परिवार का सहयोग करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए भी शीघ्र ही फैसला लिया जाएगा।
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बैठक में आगामी 10 सितंबर को कुरुक्षेत्र के पिपली में होने वाले किसान आंदोलन में भी बढ़ चढ़ कर भाग लेने का फैसला लिया गया। साथ ही तय किया गया कि खाद्य एजेंसियों द्वारा जो लस्टर लॉस व अन्य के नाम पर उनकी आढ़त काटी जा रही है, उसका विरोध किया जाएगा।
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प्रधान कृष्ण मित्तल ने बताया कि निर्यातक के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज होने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उस निर्यातक के परिवार से कोई अन्य फर्म भी है तो उसका सीजन से पहले बहिष्कार किया जाए। बहिष्कार केवल उस फर्म का नहीं, जिसकी ओर बकाया है, बल्कि बहिष्कार हर उस व्यक्ति का होगा, ऐसे भगौड़ों का साथ दे रहे हैं। साथ ही संबंधित फर्म के बहिष्कार के संबंध में प्रदेश की सभी मंडियों में भी पत्र लिखे जाएंगे।