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स्कूल खुलने के साथ ही स्थानीय मार्गों पर चलेंगी बसें
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बंद स्कूलों के खुल जाने के बाद अब ग्रामीण मार्गों पर जल्द ही बस सेवा बहाल होगी। जल्द ही बसों की समय सारणी तय की जाएगी। सुबह लगभग आठ बजे व शाम को 4-5 बजे गांवों में रवाना होगी बसें।
सरकार ने सभी गतिविधियों के साथ-साथ अब शिक्षण संस्थान खुलने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बाद ग्रामीण रूटों पर जाने वाली रोडवेज की बस सेवा अभी भी बंद पड़ी हैं। जिस कारण विद्यार्थियों को दिक्कतें आएंगी। इसी कारण रोडवेज ने भी तैयारी शुरू कर दी है।
ग्रामीण राजेंद्र, रामकुमार, रणजीत का कहना है कि लोगों को प्राइवेट साधनों में सफर करना पड़ता है। वे अपनी मनमर्जी का किराया वसूलते हैं। वहीं आने जाने में परेशान होती है। अब ग्रामीण रूटों पर बस चलाई जाए, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ विद्यार्थियों को भी शिक्षण संस्थानों में पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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कैथल से ग्रामीण रूट पर कुकर कड़ा, पाई, करोड़ा, बालू, गुहणा, कुराड़, नौच, डीग, गुलियाना इत्यादि इन 20 रूटों पर लॉकडाउन से पहले बसों को भेजा जा रहा था, लेकिन अब बसें बंद हैं। डिपो की ओर से लंबे रूटों पर बसों के फेरे जरूर बढ़ाए हैं, लेकिन ग्रामीण रूट ऐसे हैं, जो लॉकडाउन के बाद से बंद पड़े है। लॉकडाउन से पहले
डिपो महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि डिपो में बसों की संख्या कम है। इसके बावजूद जरूरत अनुसार बसों को ग्रामीण रूटों पर भेजा जाएगा। इसके लिए रोटेशन तैयार की जा रही हैं। जल्द बस सेवा बहाल कर दी जाएगी।
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सरकार ने सभी गतिविधियों के साथ-साथ अब शिक्षण संस्थान खुलने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बाद ग्रामीण रूटों पर जाने वाली रोडवेज की बस सेवा अभी भी बंद पड़ी हैं। जिस कारण विद्यार्थियों को दिक्कतें आएंगी। इसी कारण रोडवेज ने भी तैयारी शुरू कर दी है।
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ग्रामीण राजेंद्र, रामकुमार, रणजीत का कहना है कि लोगों को प्राइवेट साधनों में सफर करना पड़ता है। वे अपनी मनमर्जी का किराया वसूलते हैं। वहीं आने जाने में परेशान होती है। अब ग्रामीण रूटों पर बस चलाई जाए, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ विद्यार्थियों को भी शिक्षण संस्थानों में पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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कैथल से ग्रामीण रूट पर कुकर कड़ा, पाई, करोड़ा, बालू, गुहणा, कुराड़, नौच, डीग, गुलियाना इत्यादि इन 20 रूटों पर लॉकडाउन से पहले बसों को भेजा जा रहा था, लेकिन अब बसें बंद हैं। डिपो की ओर से लंबे रूटों पर बसों के फेरे जरूर बढ़ाए हैं, लेकिन ग्रामीण रूट ऐसे हैं, जो लॉकडाउन के बाद से बंद पड़े है। लॉकडाउन से पहले
डिपो महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि डिपो में बसों की संख्या कम है। इसके बावजूद जरूरत अनुसार बसों को ग्रामीण रूटों पर भेजा जाएगा। इसके लिए रोटेशन तैयार की जा रही हैं। जल्द बस सेवा बहाल कर दी जाएगी।