{"_id":"5f5e5e288ebc3e57ba5572e8","slug":"bus-stand-kaithal-news-knl441091134","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाम को बस स्टैंड के बाहर से ही बसों को ले जाते हैं चालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाम को बस स्टैंड के बाहर से ही बसों को ले जाते हैं चालक
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पंचकुला से हिसार, सिरसा और जींद जाने वाली बसें बस स्टैंड के बाहर से ही चले जाने से यात्रियों को काफी दिक्कते हो रही हैं। बस चालक बसों को बाहर से ही ले जाते हैं। बस अड्डे के अंदर यात्री इंतजार करते रह जाते हैं। यात्री मजबूरन प्राइवेट वाहनों में सफर कर रहे है।
यात्रियों के न होने का बनाया जा रहा बहाना-जानकारी के अनुसार शाम करीब साढे़ पांच बजे के बाद बस स्टैंड पर यात्रियों का जमावड़ा हो जाता है। पंचकूला से हिसार, सिरसा व जींद के जाने के लिए बसें भी पर्याप्त मात्रा मेें नहीं आती है। यात्रियों की संख्या अधिक होने पर चालक बसों को बाहर से ही दौड़ा लेते है। इसके बाद यात्री अन्य वाहनों में अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचते हैं।
कई घंटो तक करना पड़ता है बसों का इंतजार- रोजाना सफर के लिए आ रहे यात्रियों विक्रम, सोनू किठाना, मंदीप, रवि पेगा, राजबीर, मुकेश ने बताया कि शाम को बसों को लेकर काफी समस्या रहती है। घंटों इंतजार के बाद बसें मिलती है। उन्होंने कहा कि करीब सवा सात बजे जींद के लिए बस आती है जो बाहर से ही निकल जाती है। इसके बाद यात्रियों को प्राइवेट साधनों में लटककर कर सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में यात्रियों द्वारा खुद की जान जोखिम में डाली जा रही है।
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अस्थाई समय-सारणी के आधार पर चल रही गाड़ियां-कोविड-19 के चलते विभाग द्वारा स्थाई समय-सारणी तैयार नहीं बनाई गई। कुछ रूटों के संचालन पर अभी भी प्रतिबंध लगा हुआ है, जैसे ही सभी रूटों पर बसों का सही तरह से संचालन होता है तो समय-सारणी में फिर से बदलाव किया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को भी बसों की समस्या से निजात मिल पाएगे। अभी कैथल से सिरसा के लिए साढे़ छह व जींद के लिए सवा सात अंतिम बस बताई जा रही है।
एसएस कार्यालय में दर्ज करवानी होती है उपस्थिति-विभाग के नियमानुसार प्रत्येक बस की एसएस कार्यालय में अनुपस्थिति दर्ज होती है। एसएस जीता राम ने बताया कि कोई भी बस आती है तो कार्यालय से परिचालक के बाउचर पर स्टैंप लगती है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी कोई गाड़ी बाहर से निकल जाती है तो संबंधित चालक से इस बारे में जवाब मांगा जाएगा।
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यात्रियों के न होने का बनाया जा रहा बहाना-जानकारी के अनुसार शाम करीब साढे़ पांच बजे के बाद बस स्टैंड पर यात्रियों का जमावड़ा हो जाता है। पंचकूला से हिसार, सिरसा व जींद के जाने के लिए बसें भी पर्याप्त मात्रा मेें नहीं आती है। यात्रियों की संख्या अधिक होने पर चालक बसों को बाहर से ही दौड़ा लेते है। इसके बाद यात्री अन्य वाहनों में अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचते हैं।
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कई घंटो तक करना पड़ता है बसों का इंतजार- रोजाना सफर के लिए आ रहे यात्रियों विक्रम, सोनू किठाना, मंदीप, रवि पेगा, राजबीर, मुकेश ने बताया कि शाम को बसों को लेकर काफी समस्या रहती है। घंटों इंतजार के बाद बसें मिलती है। उन्होंने कहा कि करीब सवा सात बजे जींद के लिए बस आती है जो बाहर से ही निकल जाती है। इसके बाद यात्रियों को प्राइवेट साधनों में लटककर कर सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में यात्रियों द्वारा खुद की जान जोखिम में डाली जा रही है।
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अस्थाई समय-सारणी के आधार पर चल रही गाड़ियां-कोविड-19 के चलते विभाग द्वारा स्थाई समय-सारणी तैयार नहीं बनाई गई। कुछ रूटों के संचालन पर अभी भी प्रतिबंध लगा हुआ है, जैसे ही सभी रूटों पर बसों का सही तरह से संचालन होता है तो समय-सारणी में फिर से बदलाव किया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को भी बसों की समस्या से निजात मिल पाएगे। अभी कैथल से सिरसा के लिए साढे़ छह व जींद के लिए सवा सात अंतिम बस बताई जा रही है।
एसएस कार्यालय में दर्ज करवानी होती है उपस्थिति-विभाग के नियमानुसार प्रत्येक बस की एसएस कार्यालय में अनुपस्थिति दर्ज होती है। एसएस जीता राम ने बताया कि कोई भी बस आती है तो कार्यालय से परिचालक के बाउचर पर स्टैंप लगती है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी कोई गाड़ी बाहर से निकल जाती है तो संबंधित चालक से इस बारे में जवाब मांगा जाएगा।