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ब्यूरोक्रेसी निरंकुश हो गई थी :राणा
अमर उजाला ब्यूरो/कलायत
Updated Sun, 28 Feb 2016 11:25 PM IST
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मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क ने कहा कि हाल ही में घटित हुई घटना में प्रदेश में भारी जानमाल का नुकसान तो हुआ ही पर उसके साथ साथ प्रदेश के आपसी भाईचारे व सौहार्द का भी खून हुआ है। ये घटना 1947 के विभाजन की घटना से भी बड़ी व दुखदायी है। विर्क कलायत की राजपूत बड़ी चौपाल ने लोगों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चार दिनों तक जो कहर बरपा वे उसकी समीक्षा करने आए हैं। लोगों ने जो भी बातें उनसे कहीं व स्थिति का जो जायजा उन्होंने लिया वे उसको 29 फरवरी को दिल्ली में होने वाली विधायक दल की बैठक में रखेंगे।
लोगों ने उनके सामने पूरी स्थिति को रखते हुए बताया कि एक वर्ग के लोगों ने हिंसा, लूटपाट व आगजनी का खुला खेल खेला। हिंसक घटना में जिस व्यक्ति की मौत हुई है वह यहां रिश्तेदारी में मिलने आया था। उन्होंने मांग की कि मृतक पूर्ण सिंह उर्फ मौजी राम को शहीद का दर्जा देते हुए सरकार एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे। हिंसा की घटना में घायल लोगों को दस लाख तथा पीड़ित दुकानदारों को पूरा मुआवजा मिले। मुआवजा मिलने से पूर्व उनकी आर्थिक सहायता की जाए ताकि वे लोग शीघ्रता से अपने कारोबार को चला सकें। कलायत के किसी भी व्यक्ति पर पुलिस झूठा मुकदमा न बनाए तथा कलायत पुलिस स्टेशन का पूरा स्टाफ बदला जाए। लोगों की बातें सुनने के बाद सीपीएस ने कहा कि हम पर विश्वास रखें आपकी लड़ाई को हम लड़ेंगे तथा किसी भी निर्दोष पर कोई परचा दर्ज न हो तथा कोई भी दोषी बचे नही।
मुख्य संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा ने कहा कि जब से उत्तरी हरियाणा में चौधर आई है तथा मनोहर लाल मुख्यमंत्री बने हैं तभी से ही यह तबाही का षड्यंत्र बन रहा था। उन्होंने माना की सरकार का प्रशासन पर कंट्रोल सही नही हो पाया जिसके कारण से घटना हुई। मुख्यमंत्री ने स्थिति को संभालने के सारे आदेश दिए हुए थे पर ब्यूरोक्रेसी निरंकुश हो गई थी। लेकिन अब कोई भी नेता, छोटा बड़ा अधिकारी या कर्मचारी अथवा आम आदमी हिंसा के तांडव में संलिप्त पाया गया तो उसे बख्शा नही जाएगा। कलायत में निर्दोष लोगों के खिलाफ यदि कोई परचा दर्ज कर भी दिया गया है तो उसे निरस्त करवाया जाएगा तथा ऐसा करने वाले अधिकारी को दोषी मानते हुए उस पर मामला दर्ज करवाया जाएगा।
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भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना ने कहा कि गत दिनों प्रदेश में फैला अशांति का माहौल चिंता का विषय है। असामाजिक तत्वों द्वारा पूंडरी एवं कलायत ने सरकारी तथा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, जो निंदनीय है। इस मौके पर एसडीएम बीर सिंह, उप पुलिस अधीक्षक टेकन राज शर्मा, जोगी राम निर्मल, प्रदीप राणा, शकुंतला वजीरखेड़ा, राममेहर कुराड़, राजु कौशिक, मारूति शर्मा, शेर सिंह राणा, राजबीर राणा, रविंद्र राणा, वीर पाल राणा, सुभाष सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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लोगों ने उनके सामने पूरी स्थिति को रखते हुए बताया कि एक वर्ग के लोगों ने हिंसा, लूटपाट व आगजनी का खुला खेल खेला। हिंसक घटना में जिस व्यक्ति की मौत हुई है वह यहां रिश्तेदारी में मिलने आया था। उन्होंने मांग की कि मृतक पूर्ण सिंह उर्फ मौजी राम को शहीद का दर्जा देते हुए सरकार एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे। हिंसा की घटना में घायल लोगों को दस लाख तथा पीड़ित दुकानदारों को पूरा मुआवजा मिले। मुआवजा मिलने से पूर्व उनकी आर्थिक सहायता की जाए ताकि वे लोग शीघ्रता से अपने कारोबार को चला सकें। कलायत के किसी भी व्यक्ति पर पुलिस झूठा मुकदमा न बनाए तथा कलायत पुलिस स्टेशन का पूरा स्टाफ बदला जाए। लोगों की बातें सुनने के बाद सीपीएस ने कहा कि हम पर विश्वास रखें आपकी लड़ाई को हम लड़ेंगे तथा किसी भी निर्दोष पर कोई परचा दर्ज न हो तथा कोई भी दोषी बचे नही।
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मुख्य संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा ने कहा कि जब से उत्तरी हरियाणा में चौधर आई है तथा मनोहर लाल मुख्यमंत्री बने हैं तभी से ही यह तबाही का षड्यंत्र बन रहा था। उन्होंने माना की सरकार का प्रशासन पर कंट्रोल सही नही हो पाया जिसके कारण से घटना हुई। मुख्यमंत्री ने स्थिति को संभालने के सारे आदेश दिए हुए थे पर ब्यूरोक्रेसी निरंकुश हो गई थी। लेकिन अब कोई भी नेता, छोटा बड़ा अधिकारी या कर्मचारी अथवा आम आदमी हिंसा के तांडव में संलिप्त पाया गया तो उसे बख्शा नही जाएगा। कलायत में निर्दोष लोगों के खिलाफ यदि कोई परचा दर्ज कर भी दिया गया है तो उसे निरस्त करवाया जाएगा तथा ऐसा करने वाले अधिकारी को दोषी मानते हुए उस पर मामला दर्ज करवाया जाएगा।
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भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना ने कहा कि गत दिनों प्रदेश में फैला अशांति का माहौल चिंता का विषय है। असामाजिक तत्वों द्वारा पूंडरी एवं कलायत ने सरकारी तथा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, जो निंदनीय है। इस मौके पर एसडीएम बीर सिंह, उप पुलिस अधीक्षक टेकन राज शर्मा, जोगी राम निर्मल, प्रदीप राणा, शकुंतला वजीरखेड़ा, राममेहर कुराड़, राजु कौशिक, मारूति शर्मा, शेर सिंह राणा, राजबीर राणा, रविंद्र राणा, वीर पाल राणा, सुभाष सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।