{"_id":"69efb039111d49929909d524","slug":"boxer-rani-reaches-international-level-kaithal-news-c-245-1-kn11005-148510-2026-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: अंतरराष्ट्रीय मुकाम तक पहुंची मुक्केबाज रानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: अंतरराष्ट्रीय मुकाम तक पहुंची मुक्केबाज रानी
Tue, 28 Apr 2026 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:21 AM IST
विज्ञापन
मुक्केबाज रानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भागल गांव की रानी देवी ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बॉक्सिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली रानी आज प्रोफेशनल बॉक्सिंग में देश का नाम रोशन कर रही हैं।
रानी देवी ने बताया कि उन्होंने अंबाला से एमए और बीपीएड की पढ़ाई पूरी की है। परिवार में चार भाई-बहन हैं और उनके पिता रमेश कुमार किसान हैं। आर्थिक रूप से साधारण परिवार होने के बावजूद रानी ने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया।
रानी पिछले छह वर्षों से बॉक्सिंग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिस्थितियां काफी कठिन थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं। आज वह प्रोफेशनल बॉक्सिंग में सक्रिय हैं और तीन बार भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके अलावा वह देश स्तर पर दो बार पहला स्थान भी हासिल कर चुकी हैं।
विज्ञापन
वर्तमान में रानी रोहतक में प्रशिक्षण ले रही हैं, जहां वह रोजाना सुबह और शाम तीन-तीन घंटे कड़ी मेहनत करती हैं। उनकी दिनचर्या में अनुशासन और समर्पण स्पष्ट दिखाई देता है। उनकी इस सफलता में कोच अमरजीत और दीपक चिकारा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
रानी का कहना है कि उनके कोच और परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया। यदि उनका सहयोग न मिलता तो शायद वह इस मुकाम तक नहीं पहुंच पातीं।
विज्ञापन
कैथल। भागल गांव की रानी देवी ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बॉक्सिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली रानी आज प्रोफेशनल बॉक्सिंग में देश का नाम रोशन कर रही हैं।
रानी देवी ने बताया कि उन्होंने अंबाला से एमए और बीपीएड की पढ़ाई पूरी की है। परिवार में चार भाई-बहन हैं और उनके पिता रमेश कुमार किसान हैं। आर्थिक रूप से साधारण परिवार होने के बावजूद रानी ने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया।
विज्ञापन
रानी पिछले छह वर्षों से बॉक्सिंग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिस्थितियां काफी कठिन थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं। आज वह प्रोफेशनल बॉक्सिंग में सक्रिय हैं और तीन बार भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। इसके अलावा वह देश स्तर पर दो बार पहला स्थान भी हासिल कर चुकी हैं।
विज्ञापन
वर्तमान में रानी रोहतक में प्रशिक्षण ले रही हैं, जहां वह रोजाना सुबह और शाम तीन-तीन घंटे कड़ी मेहनत करती हैं। उनकी दिनचर्या में अनुशासन और समर्पण स्पष्ट दिखाई देता है। उनकी इस सफलता में कोच अमरजीत और दीपक चिकारा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
रानी का कहना है कि उनके कोच और परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया। यदि उनका सहयोग न मिलता तो शायद वह इस मुकाम तक नहीं पहुंच पातीं।