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Kaithal News: कुलतारन गांव के मुक्केबाज कार्तिक नाम कर रहे रोशन
Sat, 25 Apr 2026 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:00 AM IST
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खिलाड़ी कार्तिक
- फोटो : विद्यालय में सचिन शुक्ला को मिठाई खिलाते प्रबंधक व अन्य।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कुलतारन गांव के युवा बॉक्सर कार्तिक ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर खेल जगत में खास पहचान बनानी शुरू कर दी है। राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में उन्होंने 2 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य पदक जीतकर अपने प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वर्तमान में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत कार्तिक बचपन से ही खेलों के प्रति समर्पित रहे हैं।
मात्र 9 वर्ष की आयु से बॉक्सिंग की शुरुआत करने वाले कार्तिक ने 17 वर्ष की उम्र में ही कई उपलब्धियां अपने नाम कर ली हैं। पिता महाबीर के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने खेल को नहीं छोड़ा। उनकी बड़ी बहन लगातार उनका हौसला बढ़ाती रही हैं।
सीमित संसाधनों के बीच भी कार्तिक ने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहे। वर्तमान में कार्तिक पंचकूला स्थित ‘खेलो इंडिया स्टेट ऑफ एक्सीलेंस’ में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जहां उन्हें बेहतर सुविधाएं और मार्गदर्शन मिल रहा है। कोच अमरजीत सिंह के निर्देशन में वह प्रतिदिन सुबह और शाम तीन-तीन घंटे कड़ी मेहनत करते हैं। उनकी इसी मेहनत का परिणाम है कि वह राज्य स्तर पर कई पदक जीत चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
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कार्तिक का सपना देश के लिए खेलना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और परिवार के सहयोग को देते हैं।
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कैथल। कुलतारन गांव के युवा बॉक्सर कार्तिक ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर खेल जगत में खास पहचान बनानी शुरू कर दी है। राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में उन्होंने 2 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य पदक जीतकर अपने प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वर्तमान में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत कार्तिक बचपन से ही खेलों के प्रति समर्पित रहे हैं।
मात्र 9 वर्ष की आयु से बॉक्सिंग की शुरुआत करने वाले कार्तिक ने 17 वर्ष की उम्र में ही कई उपलब्धियां अपने नाम कर ली हैं। पिता महाबीर के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने खेल को नहीं छोड़ा। उनकी बड़ी बहन लगातार उनका हौसला बढ़ाती रही हैं।
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सीमित संसाधनों के बीच भी कार्तिक ने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहे। वर्तमान में कार्तिक पंचकूला स्थित ‘खेलो इंडिया स्टेट ऑफ एक्सीलेंस’ में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जहां उन्हें बेहतर सुविधाएं और मार्गदर्शन मिल रहा है। कोच अमरजीत सिंह के निर्देशन में वह प्रतिदिन सुबह और शाम तीन-तीन घंटे कड़ी मेहनत करते हैं। उनकी इसी मेहनत का परिणाम है कि वह राज्य स्तर पर कई पदक जीत चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
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कार्तिक का सपना देश के लिए खेलना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और परिवार के सहयोग को देते हैं।