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कोरोना महामारी से बचाव को लेकर सतर्कता बरत रहे पुस्तक विक्रेता
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कैथल। शहर में पुस्तक विक्रेता कोविड-19 से बचाव के लिए दिशा निर्देशों का पालन कर रहे हैं। ग्राहकों को दो गज की दूरी व मास्क पहनने और सैनिटाइजर का प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ग्राहकों को सीधे दुकान में अंदर आने की अनुमति नहीं है। दुकानदारों के साथ उनके कर्मचारी सुरक्षा के लिए मास्क व गलब्स पहनते हैं। ग्राहक भी समझदार हो चुके हैं वे खुद ही सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे हैं।
पुस्तक विक्रेता नवीन कुमार ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। दुकान से बाहर बरामदे में आठ फुट की दूरी पर रस्सी बांधी गई है। ग्राहक के सैनिटाइजर से हाथ धुलाए जाते हैं। ग्राहक कम होने की वजह से दुकान के खर्चे भी पूरे नहीं हो रहे हैं।
स्कूल ड्रेस विक्रेता विजय गुप्ता ने बताया कि स्कूल बंद होने से उसकी दुकान का काम ही खत्म होने के कगार पर है। मार्च माह में बिक्री का समय होता है तभी लॉकडाउन होने से दुकानें बंद रही। दुकानें खुली तो स्कूल बंद हैं और बच्चे ऑनलाइन पढ़ रहे हैं।
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पुस्तक विक्रेता बलदेव कुमार ने कहा कि जब तक शिक्षण संस्थान नहीं खुल जाते तब तक उनका काम मंदा रहेगा। काम मंदा होने के कारण कुछ ही ग्राहक आते है। इनके लिए सोशल डिस्टेंस और मास्क लगाना जरूरी है। पहले ग्राहक को मास्क लेने के लिए समझाया जाता है।
पुस्तक विक्रेता मुकेश भल्ला ने बताया कि शिक्षण संस्थान बंद होने से एकाध ग्राहक ही दुकान पर आ रहा है। दुकान पर आने वाले ग्राहकों के महामारी से बचाव के लिए पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं। दुकान के बाहर काउंटर पर प्लास्टिक की लेयर लगाई हुए है, ताकि ग्राहक से दो मीटर की दूरी रहे।
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पुस्तक विक्रेता नवीन कुमार ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। दुकान से बाहर बरामदे में आठ फुट की दूरी पर रस्सी बांधी गई है। ग्राहक के सैनिटाइजर से हाथ धुलाए जाते हैं। ग्राहक कम होने की वजह से दुकान के खर्चे भी पूरे नहीं हो रहे हैं।
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स्कूल ड्रेस विक्रेता विजय गुप्ता ने बताया कि स्कूल बंद होने से उसकी दुकान का काम ही खत्म होने के कगार पर है। मार्च माह में बिक्री का समय होता है तभी लॉकडाउन होने से दुकानें बंद रही। दुकानें खुली तो स्कूल बंद हैं और बच्चे ऑनलाइन पढ़ रहे हैं।
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पुस्तक विक्रेता बलदेव कुमार ने कहा कि जब तक शिक्षण संस्थान नहीं खुल जाते तब तक उनका काम मंदा रहेगा। काम मंदा होने के कारण कुछ ही ग्राहक आते है। इनके लिए सोशल डिस्टेंस और मास्क लगाना जरूरी है। पहले ग्राहक को मास्क लेने के लिए समझाया जाता है।
पुस्तक विक्रेता मुकेश भल्ला ने बताया कि शिक्षण संस्थान बंद होने से एकाध ग्राहक ही दुकान पर आ रहा है। दुकान पर आने वाले ग्राहकों के महामारी से बचाव के लिए पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं। दुकान के बाहर काउंटर पर प्लास्टिक की लेयर लगाई हुए है, ताकि ग्राहक से दो मीटर की दूरी रहे।