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16 साल के हर्ष ने शब्दों में पिरोईं भावनाएं
ब्यूरो कैथल
Updated Sun, 12 Feb 2017 11:31 PM IST
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अनस्पोकन वर्ड्स पुस्तक का हुआ विमोचन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बारहवीं के विद्यार्थी 16 साल के हर्ष ने अपने बाल मन सहित बढ़ती उम्र के बच्चों की भावनाओं, उनके अनुभव सहित रिश्तों की नई परिभाषा गढ़ दी। उसने इन सभी विषयों पर अंग्रेजी में कविताएं लिखीं और उसे अनस्पोकन वर्ड्स पुस्तक का रूप दे दिया। गांव तितरम के संभव प्रकाशन ने उसकी पुस्तक प्रकाशित की। रविवार को यहां हरियाणा ग्रंथ अकादमी के पुस्तक मेले में अकादमी के डायरेक्टर प्रो. बीडी शर्मा ने पुस्तक का विमोचन किया।
हर्ष ने बताया कि पुस्तक में उसने अपने अनुभव, बाल मन की भावनाओं, बढ़ते बच्चे के समझ, आपसी रिश्तों व प्रेम के विषय पर कविताएं लिखीं थीं। जिन्हें उसने पुस्तक का रूप दिया। संभव केे डायरेक्टर कुमार मुकेश, नवोदय विद्यालय में प्राध्यापिका उनकी मां गुरप्रीत ने प्रेरित किया तो अपने कविता संग्रह की पुस्तक प्रकाशित करवाई। इस समय वह बारहवीं कक्षा में पढ़ रहा है। पुस्तक का विमोचन करते हुए डॉ. बीडी शर्मा ने कहा कि साहित्य एक साधना है।
बचपन में यदि इस तरह से कविताएं लिख रह रहा है तो हर्ष निश्चित रूप से काफी बड़ा साहित्यकार बनेगा। यह और भी सराहनीय है कि उसकी इतनी कम उम्र में पुस्तक भी आ गई है। संभव के डायरेक्टर कुमार मुकेश ने भी हर्ष को बधाई व शुभकामनाएं दीं।
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हर्ष ने बताया कि पुस्तक में उसने अपने अनुभव, बाल मन की भावनाओं, बढ़ते बच्चे के समझ, आपसी रिश्तों व प्रेम के विषय पर कविताएं लिखीं थीं। जिन्हें उसने पुस्तक का रूप दिया। संभव केे डायरेक्टर कुमार मुकेश, नवोदय विद्यालय में प्राध्यापिका उनकी मां गुरप्रीत ने प्रेरित किया तो अपने कविता संग्रह की पुस्तक प्रकाशित करवाई। इस समय वह बारहवीं कक्षा में पढ़ रहा है। पुस्तक का विमोचन करते हुए डॉ. बीडी शर्मा ने कहा कि साहित्य एक साधना है।
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बचपन में यदि इस तरह से कविताएं लिख रह रहा है तो हर्ष निश्चित रूप से काफी बड़ा साहित्यकार बनेगा। यह और भी सराहनीय है कि उसकी इतनी कम उम्र में पुस्तक भी आ गई है। संभव के डायरेक्टर कुमार मुकेश ने भी हर्ष को बधाई व शुभकामनाएं दीं।
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