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Kaithal News: शाम 7 बजे के बाद जींद रूट पर लोकल बसें बंद
Sun, 23 Aug 2026 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:35 AM IST
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शाम के समय जींद रूट पर बसों के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कैथल से जींद रूट पर आने-जाने वाले यात्रियों को शाम होते ही बसें नहीं मिलती। इस रूट पर 7 बजे के बाद लोकल बस सेवा नहीं है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र से शहर आने-जाने वाले यात्रियो, खासकर महिलाओं और बच्चों को रात के समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बस न मिलने से मजबूरी में यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
कामकाज खत्म होने के बाद घर लौटने के समय यात्रियों को बसों के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं, लंबी दूरी की बसों में सफर करने के दौरान गांवों में उतरने के लिए यात्रियों और परिचालकों के बीच कई बार बहस की स्थिति बन जाती है।
मजबूरी में लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। निजी वाहन चालक शाम के समय का फायदा उठाकर मनमर्जी का यात्रियों से किराया वसूलते हैं।
यात्री राजबीर, राजेंद्र, मनबीर का कहना है कि तितरम, देवबन, तारागढ़, सौंगरी और गुलियाणा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना रोजगार, कारोबार, खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए कैथल आते हैं। सुबह के समय इन यात्रियों को शहर पहुंचने में अपेक्षाकृत सुविधा रहती है, लेकिन शाम को वापस गांव जाने के लिए पर्याप्त लोकल बसें नहीं मिलती।
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यात्रियों के अनुसार, चंडीगढ़ से आने वाली जींद की ओर जाने वाली लंबी दूरी की बसें गांवों में नहीं रुकतीं। इससे यात्रियों का समय बर्बाद हो रहा है। यात्रियों का कहना है कि शाम करीब 8 बजे कैथल से जींद के लिए एक लोकल बस चलाई जानी चाहिए। इससे शहर में काम करने वाले ग्रामीणों को अपने गांव लौटने में सुविधा मिलेगी और रात के समय परेशानी भी नहीं होगी।
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कैथल। कैथल से जींद रूट पर आने-जाने वाले यात्रियों को शाम होते ही बसें नहीं मिलती। इस रूट पर 7 बजे के बाद लोकल बस सेवा नहीं है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र से शहर आने-जाने वाले यात्रियो, खासकर महिलाओं और बच्चों को रात के समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बस न मिलने से मजबूरी में यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
कामकाज खत्म होने के बाद घर लौटने के समय यात्रियों को बसों के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं, लंबी दूरी की बसों में सफर करने के दौरान गांवों में उतरने के लिए यात्रियों और परिचालकों के बीच कई बार बहस की स्थिति बन जाती है।
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मजबूरी में लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। निजी वाहन चालक शाम के समय का फायदा उठाकर मनमर्जी का यात्रियों से किराया वसूलते हैं।
यात्री राजबीर, राजेंद्र, मनबीर का कहना है कि तितरम, देवबन, तारागढ़, सौंगरी और गुलियाणा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना रोजगार, कारोबार, खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए कैथल आते हैं। सुबह के समय इन यात्रियों को शहर पहुंचने में अपेक्षाकृत सुविधा रहती है, लेकिन शाम को वापस गांव जाने के लिए पर्याप्त लोकल बसें नहीं मिलती।
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यात्रियों के अनुसार, चंडीगढ़ से आने वाली जींद की ओर जाने वाली लंबी दूरी की बसें गांवों में नहीं रुकतीं। इससे यात्रियों का समय बर्बाद हो रहा है। यात्रियों का कहना है कि शाम करीब 8 बजे कैथल से जींद के लिए एक लोकल बस चलाई जानी चाहिए। इससे शहर में काम करने वाले ग्रामीणों को अपने गांव लौटने में सुविधा मिलेगी और रात के समय परेशानी भी नहीं होगी।