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Kaithal News: मिट्टी की तरह चटक रहे ब्लॉक्स
Sat, 06 Apr 2024 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 06 Apr 2024 02:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। अनुसूचित वर्ग की आवासीय कालोनियों में विभिन्न गलियों के नव निर्माण के लिए जारी करीब ढाई करोड़ के टेंडर कार्य की आड़ में बड़े पैमाने पर पुराने इंटरलाक पेवर ब्लॉक्स को खुर्दबुर्द करने के मामले में नया मोड़ आ गया है।
इसमें गलियों में लगाए गए ब्लॉक्स की गुणवत्ता पर लोग सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इंटरलाक पेवर ब्लॉक्स न केवल गिले हैं बल्कि एक-दूसरे के साथ मामूली रगड़ से टूट रहे हैं। इनके साइज के साथ-साथ टेस्टिंग की मांग लोग उठा रहे हैं।
आवासीय क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जिन पुराने ब्लॉक्स को गलियों से उखाड़ा गया है उनकी गुणवत्ता नए की तुलना में बेहतर रही है। समझ नहीं आ रहा कि बेहतर ब्लॉक्स को बेवजह उखाड़ कर इधर-उधर खुर्दबुर्द किया जा रहा है। जबकि निम्न दर्जे के नए ब्लाक्स के नाम पर सरकार को चूना लगाने की योजना बुनी जा रही है।
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समाज सेवी संगठन और आम लोग पहले एक-एक ब्लाक्स का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग पर अड़ गए हैं। कहा कि जिस प्रकार रातों-रात ब्लॉक्स का गलियों से उठान करवाया गया, वह जांच का विषय है। नगर पालिका प्रशासन सर्व प्रथम पुराने ब्लॉक्स की गुणवत्ता के आधार पर छंटनी कर विवरण दे। उपरांत अगला कार्य शुरू हो।
उन्होंने इस प्रकार की कार्रवाई को लोकसभा चुनाव आचार संहिता की आड़ में बड़ा गोलमाल करार दिया। सरकार ने अनुसूचित वर्ग के आवासीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने को चार करोड़ 77 लाख रुपये का बजट जारी किया है।
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कलायत। अनुसूचित वर्ग की आवासीय कालोनियों में विभिन्न गलियों के नव निर्माण के लिए जारी करीब ढाई करोड़ के टेंडर कार्य की आड़ में बड़े पैमाने पर पुराने इंटरलाक पेवर ब्लॉक्स को खुर्दबुर्द करने के मामले में नया मोड़ आ गया है।
इसमें गलियों में लगाए गए ब्लॉक्स की गुणवत्ता पर लोग सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इंटरलाक पेवर ब्लॉक्स न केवल गिले हैं बल्कि एक-दूसरे के साथ मामूली रगड़ से टूट रहे हैं। इनके साइज के साथ-साथ टेस्टिंग की मांग लोग उठा रहे हैं।
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आवासीय क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जिन पुराने ब्लॉक्स को गलियों से उखाड़ा गया है उनकी गुणवत्ता नए की तुलना में बेहतर रही है। समझ नहीं आ रहा कि बेहतर ब्लॉक्स को बेवजह उखाड़ कर इधर-उधर खुर्दबुर्द किया जा रहा है। जबकि निम्न दर्जे के नए ब्लाक्स के नाम पर सरकार को चूना लगाने की योजना बुनी जा रही है।
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समाज सेवी संगठन और आम लोग पहले एक-एक ब्लाक्स का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग पर अड़ गए हैं। कहा कि जिस प्रकार रातों-रात ब्लॉक्स का गलियों से उठान करवाया गया, वह जांच का विषय है। नगर पालिका प्रशासन सर्व प्रथम पुराने ब्लॉक्स की गुणवत्ता के आधार पर छंटनी कर विवरण दे। उपरांत अगला कार्य शुरू हो।
उन्होंने इस प्रकार की कार्रवाई को लोकसभा चुनाव आचार संहिता की आड़ में बड़ा गोलमाल करार दिया। सरकार ने अनुसूचित वर्ग के आवासीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने को चार करोड़ 77 लाख रुपये का बजट जारी किया है।