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Kaithal News: कोटिकूट में मछली पालन की बोली 63 लाख में छूटी
Fri, 29 Aug 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 29 Aug 2025 01:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। क्योड़क गांव स्थित करीब 25 से 30 एकड़ में फैले कोटिकूट तीर्थ तालाब की मछली पालन के लिए वीरवार को हुई बोली 63.11 लाख रुपये में सुनीता पत्नी रामपाल के नाम पर छूटी।
इस प्रक्रिया में कुल 141 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक प्रतिभागी से 2-2 लाख रुपये सिक्योरिटी राशि के तौर पर मौके पर जमा करवाई गई। इससे कुल 2.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्रित हो गई। इतनी भारी राशि जमा होने पर पंचायत ने एहतियातन क्योड़क चौकी से पुलिस बल बुलाया, ताकि प्रक्रिया में किसी तरह का व्यवधान न हो।
बोली प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चली। इस दौरान मत्स्य अधिकारी सूर्य प्रकाश, सरपंच जसबीर सिंह, पंचायत सचिव अमित कुमार और एससीपीओ अनुराग दत्त की मौजूदगी में कार्यवाही की गई। सरपंच जसबीर सिंह ने बताया कि बोली की बाकायदा वीडियोग्राफी करवाई गई है, ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।
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कोटिकूट तीर्थ का तालाब पिछले दो वर्षों से खाली पड़ा था, जिसमें जलखुंभी पनप रही थी। इस बार बोली 8 वर्षों के लिए दी गई है। विजेता को पहले वर्ष की पूरी राशि जमा करनी होगी, जबकि दूसरे वर्ष कोई भुगतान नहीं करना होगा, ताकि उस राशि से तालाब की सफाई करवाई जा सके। इससे पहले यह तालाब करीब 30 लाख रुपये वार्षिक बोली पर दिया जाता था। इसी के साथ काला माता वाला तालाब, जो करीब 4 एकड़ में फैला है, उसे भी 1.50 लाख रुपये वार्षिक बोली पर मछली पालन के लिए दिया गया।
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कैथल। क्योड़क गांव स्थित करीब 25 से 30 एकड़ में फैले कोटिकूट तीर्थ तालाब की मछली पालन के लिए वीरवार को हुई बोली 63.11 लाख रुपये में सुनीता पत्नी रामपाल के नाम पर छूटी।
इस प्रक्रिया में कुल 141 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक प्रतिभागी से 2-2 लाख रुपये सिक्योरिटी राशि के तौर पर मौके पर जमा करवाई गई। इससे कुल 2.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्रित हो गई। इतनी भारी राशि जमा होने पर पंचायत ने एहतियातन क्योड़क चौकी से पुलिस बल बुलाया, ताकि प्रक्रिया में किसी तरह का व्यवधान न हो।
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बोली प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चली। इस दौरान मत्स्य अधिकारी सूर्य प्रकाश, सरपंच जसबीर सिंह, पंचायत सचिव अमित कुमार और एससीपीओ अनुराग दत्त की मौजूदगी में कार्यवाही की गई। सरपंच जसबीर सिंह ने बताया कि बोली की बाकायदा वीडियोग्राफी करवाई गई है, ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।
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कोटिकूट तीर्थ का तालाब पिछले दो वर्षों से खाली पड़ा था, जिसमें जलखुंभी पनप रही थी। इस बार बोली 8 वर्षों के लिए दी गई है। विजेता को पहले वर्ष की पूरी राशि जमा करनी होगी, जबकि दूसरे वर्ष कोई भुगतान नहीं करना होगा, ताकि उस राशि से तालाब की सफाई करवाई जा सके। इससे पहले यह तालाब करीब 30 लाख रुपये वार्षिक बोली पर दिया जाता था। इसी के साथ काला माता वाला तालाब, जो करीब 4 एकड़ में फैला है, उसे भी 1.50 लाख रुपये वार्षिक बोली पर मछली पालन के लिए दिया गया।