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Kaithal News: मजदूर की बेटी भतेरी ने ताइक्वांडो में बनाई राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 02:31 AM IST
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Bhateri, the daughter of a laborer, has made a name for herself in Taekwondo at the national level.
ताइक्वांडो ​खिलाड़ी भतेरी। कोच - फोटो : samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद अगर हौसले बुलंद हों, तो मंजिल तक पहुंचने का रास्ता निकल ही आता है। इस बात को सच साबित कर रही हैं शक्ति नगर निवासी भतेरी, जिन्होंने ताइक्वांडो में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करने वाले पिता की बेटी भतेरी आज मेहनत और लगन के दम पर खेल के मैदान में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। भतेरी के पिता राजपाल मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाते हैं। परिवार में छह बेटियां हैं। ऐसे में परिवार की जिम्मेदारियां निभाना और सीमित आमदनी में सभी जरूरतें पूरी करना आसान नहीं है। उनकी माता घर संभालने के साथ बेटियों की परवरिश कर रही हैं। इन परिस्थितियों के बीच भतेरी ने अपने खेल के प्रति जुनून को कम नहीं होने दिया। उन्होंने लगातार मेहनत की और ताइक्वांडो में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर परिवार का मान बढ़ाया।
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कठिन परिस्थितियों में भी नहीं छोड़ा खेल का रास्ता...
भतेरी का सफर उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक परेशानियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ने के बारे में सोचती हैं। उनकी उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के सहारे कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ा जा सकता है। भतेरी ने खेल के क्षेत्र में अपनी जगह बनाकर साबित किया है कि बेटियां भी अपने हुनर से परिवार और समाज का गौरव बढ़ा सकती हैं।
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सहयोग मिले तो हासिल कर सकती हैं बड़ी उपलब्धि...
भतेरी की इस उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता का संघर्ष और परिवार का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। पिता राजपाल मेहनत करके परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, वहीं माता का समर्पण बेटियों को आगे बढ़ने की ताकत देता है। अब भतेरी को बेहतर प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन मिलने से वह खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।
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