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Kaithal News: साहिबजादों के तीन दिवसीय पर्व की शुरुआत
Thu, 26 Dec 2024 09:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 26 Dec 2024 09:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिलेभर में बुधवार को साहिबजादों के तीन दिवसीय पर्व की शुरुआत हुई। इसके तहत जगह-जगह पर साहिबजादों की याद में लंगर लगाए गए। इसी कड़ी में सीवन में भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। इसकी अगुवाई पंच प्यारों ने की। कार्यक्रम की अध्यक्ष सीवन के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि अमरेंद्र खारा ने की। वहीं, नीम साहिब गुरुद्वारा में भी भव्य समागम हुआ। इसके साथ ही अर्जुन नगर में भी सिख समाज की ओर से चाय व रस का लंगर लगाया गया। इसमें राहगीरों को चाय व रस का प्रसाद वितरित किया गया।
शहीद बाबा मोती राम मेहरा के शहीदी दिवस पर बरताया दूध का लंगर ः राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कमेटी चौक पर शहीद बाबा मोती राम मेहरा का शहीदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर दूध का लंगर लगाया। इस मौके पर संगठन के सदस्यों ने दूध और बिस्कुट का प्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम के तहत और उनकी शहादत के बारे में आमजन को बताया गया कि किस तरह बाबा मोतीराम मेहरा ने माता गुजरी और छोटे साहिबजादों को दूध की सेवा देने के अपराध में परिवार सहित शहीदी दी थी।
संगठन के प्रधान ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि छोटे साहिबजादे और माता गुजरी को वजीर खान की जेल में जान जोखिम में डाल ठंडे बुर्ज में प्रवेश किया और माता और दो छोटे साहिबजादों को दूध पिलाने में कामयाब रहे। बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को तीन रातों के लिए सरहिंद के मुगल गवर्नर वजीर खान ने नजरबंद रखा था। इसी अपराध में बाबा मोती राम मेहरा के पूरे परिवार को मौत की सजा सुनाई गई थी। कुलदीप ने बताया कि मोती राम मेहरा जी की माता-पिता भोली और हरिया राम थे। उनके चाचा भाई हिम्मत राय जी, प्रथम पंज प्यारे के सदस्य थे। 27 दिसंबर 1704 को साहिबजादों को शहीद कर दिया गया।
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कैथल। जिलेभर में बुधवार को साहिबजादों के तीन दिवसीय पर्व की शुरुआत हुई। इसके तहत जगह-जगह पर साहिबजादों की याद में लंगर लगाए गए। इसी कड़ी में सीवन में भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। इसकी अगुवाई पंच प्यारों ने की। कार्यक्रम की अध्यक्ष सीवन के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि अमरेंद्र खारा ने की। वहीं, नीम साहिब गुरुद्वारा में भी भव्य समागम हुआ। इसके साथ ही अर्जुन नगर में भी सिख समाज की ओर से चाय व रस का लंगर लगाया गया। इसमें राहगीरों को चाय व रस का प्रसाद वितरित किया गया।
शहीद बाबा मोती राम मेहरा के शहीदी दिवस पर बरताया दूध का लंगर ः राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कमेटी चौक पर शहीद बाबा मोती राम मेहरा का शहीदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर दूध का लंगर लगाया। इस मौके पर संगठन के सदस्यों ने दूध और बिस्कुट का प्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम के तहत और उनकी शहादत के बारे में आमजन को बताया गया कि किस तरह बाबा मोतीराम मेहरा ने माता गुजरी और छोटे साहिबजादों को दूध की सेवा देने के अपराध में परिवार सहित शहीदी दी थी।
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संगठन के प्रधान ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि छोटे साहिबजादे और माता गुजरी को वजीर खान की जेल में जान जोखिम में डाल ठंडे बुर्ज में प्रवेश किया और माता और दो छोटे साहिबजादों को दूध पिलाने में कामयाब रहे। बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को तीन रातों के लिए सरहिंद के मुगल गवर्नर वजीर खान ने नजरबंद रखा था। इसी अपराध में बाबा मोती राम मेहरा के पूरे परिवार को मौत की सजा सुनाई गई थी। कुलदीप ने बताया कि मोती राम मेहरा जी की माता-पिता भोली और हरिया राम थे। उनके चाचा भाई हिम्मत राय जी, प्रथम पंज प्यारे के सदस्य थे। 27 दिसंबर 1704 को साहिबजादों को शहीद कर दिया गया।
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भमोरा। फाईल फोटो अंजली- फोटो : mathura