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Kaithal News: जच्चा-बच्चा केंद्र के निर्माण पर लगी रोक
Mon, 08 Apr 2024 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 08 Apr 2024 02:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आचार संहिता लगने से पुराना अस्पताल में बनने वाले जच्चा-बच्चा केंद्र का अभी निर्माण नहीं होगा क्योंकि इस परियोजना के तहत अभी निविदा सूचना जारी होना बाकी है, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता में निविदा सूचना जारी नहीं हो पाएगी।
गौरतलब है कि सरकार ने इस अस्पताल के निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये की राशि के बजट का प्रावधान किया है। इस प्रक्रिया के तहत जल्द ही निविदा सूचना जारी की जानी थी, लेकिन अब आचार संहिता के कारण ऐसा नहीं हो पाएगा। ऐसे में अभी इस अस्पताल के लिए जिले के लोगों को थोड़ा और इंतजार करना होगा।
दरअसल, समय इस समय पुराने अस्पताल का भवन इस समय पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। वहीं, इस भवन में स्वास्थ्य विभाग का वेयर हाउस, शहरी स्वास्थ्य केंद्र व प्रसूति केंद्र चल रहा है। यहां पर इस समय सिविल सर्जन कार्यालय बनाया गया है। चुनाव अचार संहिता लगने से काम पर ब्रेक लग गया है।
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गौरतलब है कि इस समय जिला नागरिक अस्पताल 200 बेड का है। इसके अलावा कोरोना महामारी को लेकर 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल भी बनाया गया है। जच्चा-बच्चा अस्पताल के बनने के बाद शहर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के तहत कुल 400 बेड के अस्पताल बन जाएंगे।
यही नहीं इस अस्पताल के साथ-साथ यहां सिविल व डिप्टी सिविल सर्जन कार्यालय व क्वार्टर, आठ डिप्टी सिविल सर्जन के क्वार्टर भी बनाए जाएंगे। बता दें कि इस समय स्वास्थ्य विभाग में बच्चों के के लिए मात्र दो बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक है, जो प्रतिदिन 100 से 120 बच्चों की जांच करते हैं।
इस समय यहां पर स्थापित किए गए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी किराए के भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। परंतु इस समय निविदा सूचना जारी न होने की स्थिति में पुराना भवन भी नहीं गिराया गया है।
अस्पताल बनने के बाद ये मिलनी हैं सुविधाएं
जच्चा-बच्चा केंद्र अस्पताल के निर्माण के बाद यहां पर निकु वार्ड अलग से बनाया जाएगा। इसके साथ ही रोहतक व चंडीगढ़ पीजीआई में बच्चों के किए गए इलाज के बराबर ही यहां पर सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर अलग से बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी होगी। इसके लिए लोगों को न तो निजी अस्पतालों में अधिक खर्च वहन करना पड़ेगा। दूसरा रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई जाने की भी कोई जरूरत नहीं होगी।
पुराना अस्पताल में 100 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाया जाना है। इसके निर्माण के लिए सरकार ने कुछ महीने पहले ही छह करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था। इस बजट के तहत निविदा सूचना जारी की जानी थी, लेकिन अब चुनाव की आदर्श आचार संहिता लगने के कारण अभी निविदा सूचना जारी नहीं होगी। चुनाव संपन्न होने के बाद ही निविदा सूचना जारी हो पाएगी। - डॉ. विकास धवन, डिप्टी सिविल सर्जन व नोडल अधिकारी, भवन निर्माण प्रकोष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, कैथल।
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कैथल। आचार संहिता लगने से पुराना अस्पताल में बनने वाले जच्चा-बच्चा केंद्र का अभी निर्माण नहीं होगा क्योंकि इस परियोजना के तहत अभी निविदा सूचना जारी होना बाकी है, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता में निविदा सूचना जारी नहीं हो पाएगी।
गौरतलब है कि सरकार ने इस अस्पताल के निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये की राशि के बजट का प्रावधान किया है। इस प्रक्रिया के तहत जल्द ही निविदा सूचना जारी की जानी थी, लेकिन अब आचार संहिता के कारण ऐसा नहीं हो पाएगा। ऐसे में अभी इस अस्पताल के लिए जिले के लोगों को थोड़ा और इंतजार करना होगा।
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दरअसल, समय इस समय पुराने अस्पताल का भवन इस समय पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। वहीं, इस भवन में स्वास्थ्य विभाग का वेयर हाउस, शहरी स्वास्थ्य केंद्र व प्रसूति केंद्र चल रहा है। यहां पर इस समय सिविल सर्जन कार्यालय बनाया गया है। चुनाव अचार संहिता लगने से काम पर ब्रेक लग गया है।
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गौरतलब है कि इस समय जिला नागरिक अस्पताल 200 बेड का है। इसके अलावा कोरोना महामारी को लेकर 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल भी बनाया गया है। जच्चा-बच्चा अस्पताल के बनने के बाद शहर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के तहत कुल 400 बेड के अस्पताल बन जाएंगे।
यही नहीं इस अस्पताल के साथ-साथ यहां सिविल व डिप्टी सिविल सर्जन कार्यालय व क्वार्टर, आठ डिप्टी सिविल सर्जन के क्वार्टर भी बनाए जाएंगे। बता दें कि इस समय स्वास्थ्य विभाग में बच्चों के के लिए मात्र दो बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक है, जो प्रतिदिन 100 से 120 बच्चों की जांच करते हैं।
इस समय यहां पर स्थापित किए गए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी किराए के भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। परंतु इस समय निविदा सूचना जारी न होने की स्थिति में पुराना भवन भी नहीं गिराया गया है।
अस्पताल बनने के बाद ये मिलनी हैं सुविधाएं
जच्चा-बच्चा केंद्र अस्पताल के निर्माण के बाद यहां पर निकु वार्ड अलग से बनाया जाएगा। इसके साथ ही रोहतक व चंडीगढ़ पीजीआई में बच्चों के किए गए इलाज के बराबर ही यहां पर सुविधाएं मिलेंगी। यहां पर अलग से बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी होगी। इसके लिए लोगों को न तो निजी अस्पतालों में अधिक खर्च वहन करना पड़ेगा। दूसरा रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई जाने की भी कोई जरूरत नहीं होगी।
पुराना अस्पताल में 100 बेड का जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाया जाना है। इसके निर्माण के लिए सरकार ने कुछ महीने पहले ही छह करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था। इस बजट के तहत निविदा सूचना जारी की जानी थी, लेकिन अब चुनाव की आदर्श आचार संहिता लगने के कारण अभी निविदा सूचना जारी नहीं होगी। चुनाव संपन्न होने के बाद ही निविदा सूचना जारी हो पाएगी। - डॉ. विकास धवन, डिप्टी सिविल सर्जन व नोडल अधिकारी, भवन निर्माण प्रकोष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, कैथल।