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Kaithal News: एड्स से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
Wed, 10 Sep 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:21 AM IST
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05 कैथल। राजकीय कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राएं। संस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राजकीय कॉलेज आंबेडकर जगदीशपुरा में मंगलवार को रेडक्रॉस क्लब की ओर से एड्स नियंत्रण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एचआईवी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1097 जारी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता और प्रो. अनुराधा ने किया। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. मनोज भांबू ने विद्यार्थियों को एड्स से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एड्स और एचआईवी से सुरक्षित रहने का सबसे बड़ा साधन जागरूकता और सावधानी है।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने आस-पड़ोस और समाज में जागरूकता पर्चे वितरित करें और लोगों को टोल फ्री नंबर का उपयोग कर जानकारी लेने के लिए प्रेरित करें। प्रो. अनुराधा ने विद्यार्थियों को बताया कि वे समुदाय में एड्स जागरूकता के प्रचारक बनकर दूसरों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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उन्होंने अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को संवेदनशील और जागरूक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में एड्स व एचआईवी के प्रति सही जानकारी देना और उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करना था। विद्यार्थियों ने एड्स व एचआईवी के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
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कैथल। राजकीय कॉलेज आंबेडकर जगदीशपुरा में मंगलवार को रेडक्रॉस क्लब की ओर से एड्स नियंत्रण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एचआईवी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1097 जारी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता और प्रो. अनुराधा ने किया। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. मनोज भांबू ने विद्यार्थियों को एड्स से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एड्स और एचआईवी से सुरक्षित रहने का सबसे बड़ा साधन जागरूकता और सावधानी है।
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प्राचार्य ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने आस-पड़ोस और समाज में जागरूकता पर्चे वितरित करें और लोगों को टोल फ्री नंबर का उपयोग कर जानकारी लेने के लिए प्रेरित करें। प्रो. अनुराधा ने विद्यार्थियों को बताया कि वे समुदाय में एड्स जागरूकता के प्रचारक बनकर दूसरों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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उन्होंने अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को संवेदनशील और जागरूक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में एड्स व एचआईवी के प्रति सही जानकारी देना और उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करना था। विद्यार्थियों ने एड्स व एचआईवी के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।