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Kaithal News: मंडियों में कल से गेहूं की आवक संभव
Mon, 08 Apr 2024 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 08 Apr 2024 01:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकार की ओर से गत एक अप्रैल से गेहूं की खरीद प्रक्रिया तो शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी तक जिले की किसी भी मंडी में गेहूं की आवक नहीं हो पाई है। वहीं, अब चैत्र नवरात्र पर मंगलवार से गेहूं की आवक होने की उम्मीद है।
आढ़तियों ने नौ या 10 अप्रैल से मंडियों में गेहूं की आवक होने की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि अब जल्द ही हाथ और कंबाइन से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। वहीं, खरीद एजेंसियों की ओर से भी गेहूं की खरीद को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बारदाना सहित गेहूं की खरीद को लेकर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है।
इसके साथ ही इस बार सीजन में जिले में सरसों की आवक को लेकर राजौंद, कैथल, पूंडरी व कलायत की अनाज मंडी को खरीद केंद्र बनाया है। सरसों की आवक इन मंडियों में जारी है। हालांकि नमी की मात्रा ज्यादा होने के कारण खरीद में परेशानी भी आ रही है। किसानों से भी फसल को सुखाकर लाने की सलाह दी जा रही है।
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गेहूं की आवक को लेकर नई अनाज मंडी एसोसिएशन के चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ ने कहा कि कुछ किसानों ने अगले एक से दो दिन तक गेहूं मंडी में लाने की बात कही है। उम्मीद है कि पहले या दूसरे नवरात्र में गेहूं की आवक शुरू हो जाएगी।
अब तक एक हजार एमटी टन की सरसों की हुई खरीद ः इस बार सीजन की शुरुआत से आढ़तियों की ओर से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। यह प्रदर्शन ढाई प्रतिशत तक की आढ़त न देने को लेकर जारी है। ऐसे में अभी तक आढ़ती सरसों की खरीद प्रक्रिया में हिस्सा नहीं बन पाए हैं। इस स्थिति सरसों की खरीद सोसायटी के माध्यम से हैफेड की ओर से की जा रही है। अभी तक पूरे जिले में करीब एक हजार एमटी टन सरसों की सरकारी खरीद की जा चुकी है। यह जानकारी हैफेड के जिला प्रबंधक कृष्ण श्योरण ने दी है।
राजौंद में सरसों खरीद जारी
राजौंद। अनाज मंडी में सरसों की खरीद जारी रही। इस दौरान शनिवार तक 151 क्विंटल ने सरसों की फसल वेयर
हाउस ने खरीकी है। जबकि गेहूं की अभी तक कोई ढेरी मंडी में नहीं आई है। हैफेड की ओर से 443 क्विंटल सरसों की खरीद की है।
मार्केट कमेटी के सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि सातवें दिन भी गेहूं की फसल नहीं आई। बताया कि सरसों खरीद निरंतर जारी है। खरीद एजेंसी द्वारा सरकारी रेट 5650 प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों की खरीद की जा रही है। उस डेरी की खरीद साथ की साथ की जा रही है। किसानों से आह्वान किया है कि वे सरसों को सुखाकर लाएं ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। इसके अलावा सचिव ने बताया कि यहां गेहूं खरीद के के लिए खरीद एजेंसी खाद्य आपूर्ति व हैफेड दो खरीद एजेंसी नियुक्त की हैं। संवाद
ढांड मंडी में बारदाना न देना सरकार की सोची समझी चाल : सुरजेवाला
ढांड। भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसानों व आढ़तियों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। इसका जीता जागता उदाहरण ढांड मंडी में देखने को मिलता है। ये आरोप कांग्रेसी नेता रणदीप सुरजेवाला ने नई अनाज मंडी ढांड में सरपंच ढांड जंगशेर नंबरदार के प्रतिष्ठान पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान आढ़तियों, मजदूरों तथा किसानों को संबोधित करते हुए लगाए। उन्होंने कहा कि ढांड मंडी में बारदाना न देना सरकार की सोची समझी चाल है।
कार्यक्रम के दौरान सरपंच जंगशेर नंबरदार सहित 12 पंचों ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सतबीर भाणा व सुरजेवाला ने कहा कि ढांड मंडी में बारदाना न देना सरकार की सोची समझी चाल है। मजदूर तो यहां से पहले से ही पलायन कर चुके है, अब आढ़तियों के पलायन की बारी है। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि अदानी साइलो को केवल गेहूं भंडारण के लिए गोदाम के तौर पर प्रयोग करने के लिए बनाया गया था, लेकिन भाजपा की सरकार ने मंडियों को बंद करके साइलो को खरीद केंद्र बनाकर किसान व व्यापारी विरोधी होने का असली चेहरा जनता को दिखाने का काम किया है। संवाद
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कैथल। सरकार की ओर से गत एक अप्रैल से गेहूं की खरीद प्रक्रिया तो शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी तक जिले की किसी भी मंडी में गेहूं की आवक नहीं हो पाई है। वहीं, अब चैत्र नवरात्र पर मंगलवार से गेहूं की आवक होने की उम्मीद है।
आढ़तियों ने नौ या 10 अप्रैल से मंडियों में गेहूं की आवक होने की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि अब जल्द ही हाथ और कंबाइन से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। वहीं, खरीद एजेंसियों की ओर से भी गेहूं की खरीद को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बारदाना सहित गेहूं की खरीद को लेकर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है।
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इसके साथ ही इस बार सीजन में जिले में सरसों की आवक को लेकर राजौंद, कैथल, पूंडरी व कलायत की अनाज मंडी को खरीद केंद्र बनाया है। सरसों की आवक इन मंडियों में जारी है। हालांकि नमी की मात्रा ज्यादा होने के कारण खरीद में परेशानी भी आ रही है। किसानों से भी फसल को सुखाकर लाने की सलाह दी जा रही है।
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गेहूं की आवक को लेकर नई अनाज मंडी एसोसिएशन के चेयरमैन धर्मपाल कठवाड़ ने कहा कि कुछ किसानों ने अगले एक से दो दिन तक गेहूं मंडी में लाने की बात कही है। उम्मीद है कि पहले या दूसरे नवरात्र में गेहूं की आवक शुरू हो जाएगी।
अब तक एक हजार एमटी टन की सरसों की हुई खरीद ः इस बार सीजन की शुरुआत से आढ़तियों की ओर से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। यह प्रदर्शन ढाई प्रतिशत तक की आढ़त न देने को लेकर जारी है। ऐसे में अभी तक आढ़ती सरसों की खरीद प्रक्रिया में हिस्सा नहीं बन पाए हैं। इस स्थिति सरसों की खरीद सोसायटी के माध्यम से हैफेड की ओर से की जा रही है। अभी तक पूरे जिले में करीब एक हजार एमटी टन सरसों की सरकारी खरीद की जा चुकी है। यह जानकारी हैफेड के जिला प्रबंधक कृष्ण श्योरण ने दी है।
राजौंद में सरसों खरीद जारी
राजौंद। अनाज मंडी में सरसों की खरीद जारी रही। इस दौरान शनिवार तक 151 क्विंटल ने सरसों की फसल वेयर
हाउस ने खरीकी है। जबकि गेहूं की अभी तक कोई ढेरी मंडी में नहीं आई है। हैफेड की ओर से 443 क्विंटल सरसों की खरीद की है।
मार्केट कमेटी के सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि सातवें दिन भी गेहूं की फसल नहीं आई। बताया कि सरसों खरीद निरंतर जारी है। खरीद एजेंसी द्वारा सरकारी रेट 5650 प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों की खरीद की जा रही है। उस डेरी की खरीद साथ की साथ की जा रही है। किसानों से आह्वान किया है कि वे सरसों को सुखाकर लाएं ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। इसके अलावा सचिव ने बताया कि यहां गेहूं खरीद के के लिए खरीद एजेंसी खाद्य आपूर्ति व हैफेड दो खरीद एजेंसी नियुक्त की हैं। संवाद
ढांड मंडी में बारदाना न देना सरकार की सोची समझी चाल : सुरजेवाला
ढांड। भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसानों व आढ़तियों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। इसका जीता जागता उदाहरण ढांड मंडी में देखने को मिलता है। ये आरोप कांग्रेसी नेता रणदीप सुरजेवाला ने नई अनाज मंडी ढांड में सरपंच ढांड जंगशेर नंबरदार के प्रतिष्ठान पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान आढ़तियों, मजदूरों तथा किसानों को संबोधित करते हुए लगाए। उन्होंने कहा कि ढांड मंडी में बारदाना न देना सरकार की सोची समझी चाल है।
कार्यक्रम के दौरान सरपंच जंगशेर नंबरदार सहित 12 पंचों ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सतबीर भाणा व सुरजेवाला ने कहा कि ढांड मंडी में बारदाना न देना सरकार की सोची समझी चाल है। मजदूर तो यहां से पहले से ही पलायन कर चुके है, अब आढ़तियों के पलायन की बारी है। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि अदानी साइलो को केवल गेहूं भंडारण के लिए गोदाम के तौर पर प्रयोग करने के लिए बनाया गया था, लेकिन भाजपा की सरकार ने मंडियों को बंद करके साइलो को खरीद केंद्र बनाकर किसान व व्यापारी विरोधी होने का असली चेहरा जनता को दिखाने का काम किया है। संवाद