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Kaithal News: दोपहर बाद निजी बस संचालकों की दिखी मनमानी
Mon, 19 Aug 2024 07:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 19 Aug 2024 07:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रक्षा बंधन पर्व पर रोडवेज विभाग की ओर से महिलाओं सहित 15 साल तक के बच्चों के लिए 36 घंटे के लिए निशुल्क बस सेवा शुरू की गई। निजी बस संचालकों को भी निशुल्क सुविधा देने के आदेश थे, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद से ही निजी बस संचालकों की मनमानी दिखी। इस दौरान दोपहर बाद ही निजी बस संचालकों ने रूटों पर बसों की संख्या कम कर ली।
दरअसल, दोपहर 12 बजे के बाद बस अड्डे पर महिला यात्रियों की हुजूम उमड़ पड़ा और बस अड्डे पर मेले जैसा माहौल बन गया। हालांकि लोगों को बसें समय पर नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि इस बार भी महिलाओं के साथ 15 साल तक के बच्चों को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। जिले में करीब आठ लाख महिलाएं व 15 साल तक की आयु के बच्चे हैं, जो 36 घंटे तक यात्रा का लाभ ले सकते हैं। इस सुविधा के तहत रोडवेज विभाग ने नए बस स्टैंड पर 40 अतिरिक्त बसों को लगाया था। जबकि करीब 30 रोडवेज कर्मियों की भी अतिरिक्त ड्यूटी लगाई। वहीं, कर्मचारियों की एक दिन के लिए छुट्टी बंद की गई। अब सोमवार को पर्व के दिन भी पूरा दिन निशुल्क बस सेवा जारी रहेगी।
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एक तरफ जहां दोपहर 12 बजे के बाद नए बस स्टैंड पर महिलाओं की काफी भीड़ जुटी। वहीं, शाम तक महिलाओं की बसों में यात्रा करने को लेकर काफी जल्दबाजी दिखाई दी। ऐसे में शाम तक नए बस स्टैंड पर भारी भीड़ का आलम रहा। दोपहर बाद महिलाओं की अधिक होने के कारण परिवहन समिति की बसों ने चक्कर कम कर दिए। कई बसों के चालक बस स्टैंड व आरटीए विभाग कार्यालय में खड़ा कर घर लौट गए। इस कारण निजी रूटों पर जाने वाले चीका, नरवाना, नंगूरा व पूंडरी रूट पर यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बता दें कि कि रोडवेज ने दोपहर को करीब 140 बसों का संचालन सभी रूटों पर करवा दिया था। इसके बाद रिजर्व बसों को यात्रियों की संख्या के हिसाब से रूटों पर चलाया गया। जहां यात्रियों की संख्या ज्यादा हुई वहां पर बसें डिपो की ओर से भेज दी गई। रोडवेज डिपो कैथल की तरफ से 192 बसों को चलाया गया, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। इसके लिए स्वयं रोडवेज महाप्रबंधक कमलजीत ने स्थिति संभाला और बस स्टैंड की स्थिति का जायजा लिया। यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए बस अड्डे पर रोडवेज इंस्पेक्टरों की ड्यूटी भी लगाई थी। सहकारी समिति की बसों की इंट्री रजिस्ट्रर में भी हुई हैं। वहीं निजी बसों के काफी कम संख्या में चलने की रिपोर्ट रोडवेज विभाग की ओर से आरटीए विभाग को सौंपी जाएगी और बसों पर विभागीय कार्रवाई की मांग की जाएगी।
अतिरिक्त जवान तैनात रहे
सुरक्षा के दृष्टिगत अतिरिक्त पुलिस जवानों को भी तैनात किया गया था, जो पूरे बस अड्डा परिसर में घूमकर शरारती तत्वों पर नजर रखे हुए थे। उधर, डिपो की तरफ से 40 बसों को रिजर्व रखा हुआ था। जिनमें से 20 बसें रात के लिए स्पेशल लगाया गया। वहीं रोडवेज कर्मचारियों की दो दिन की छुट्टिया भी रद्द कर दी गई हैं।
यहां चलीं अतिरिक्त बसें ः रोडवेज ने जींद, नरवाना, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, गुहला चीका रूट पर अतिरिक्त बसों को चलाया। क्योंकि यहां पर यात्रियों की संख्या पहले के दिनों की अपेक्षा अधिक रही। सुबह से लेकर शाम तक करीब 16 हजार महिला यात्रियों ने रोडवेज बसों में सफर तय किया। 241 चालक व 292 परिचालक ड्यूटी पर रहे। कार्यालय में किसी को नहीं बैठने नहीं दिया गया।
अपने घर असंध जा रही हूं। निजी बस का समय है, लेकिन बस नहीं मिली है। बस चालक फ्री के कारण बस काउंटर पर नहीं लगा रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। -रीटा रानी
देबवन अपने घर पर जाना था। दोपहर करीब दो बजे प्राइवेट बस का समय था, लेकिन बस नहीं लग रही है। काफी परेशानी हुई। -रमनदीप कौर, सीवन
सोमवार आधी रात्रि तक निशुल्क बस सेवा की सुविधा मिलेगी। यात्रियों की संख्या के हिसाब से रोडवेज ने रूटों पर बसें भेजी। निजी बस संचालकों से बैठक करके उन्हें चेताया गया था कि वे सभी बसें चलाएं। यदि फिर भी कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सुनील कुमार, संस्थान प्रबंधक, कैथल डिपो।
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कैथल। रक्षा बंधन पर्व पर रोडवेज विभाग की ओर से महिलाओं सहित 15 साल तक के बच्चों के लिए 36 घंटे के लिए निशुल्क बस सेवा शुरू की गई। निजी बस संचालकों को भी निशुल्क सुविधा देने के आदेश थे, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद से ही निजी बस संचालकों की मनमानी दिखी। इस दौरान दोपहर बाद ही निजी बस संचालकों ने रूटों पर बसों की संख्या कम कर ली।
दरअसल, दोपहर 12 बजे के बाद बस अड्डे पर महिला यात्रियों की हुजूम उमड़ पड़ा और बस अड्डे पर मेले जैसा माहौल बन गया। हालांकि लोगों को बसें समय पर नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
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गौरतलब है कि इस बार भी महिलाओं के साथ 15 साल तक के बच्चों को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। जिले में करीब आठ लाख महिलाएं व 15 साल तक की आयु के बच्चे हैं, जो 36 घंटे तक यात्रा का लाभ ले सकते हैं। इस सुविधा के तहत रोडवेज विभाग ने नए बस स्टैंड पर 40 अतिरिक्त बसों को लगाया था। जबकि करीब 30 रोडवेज कर्मियों की भी अतिरिक्त ड्यूटी लगाई। वहीं, कर्मचारियों की एक दिन के लिए छुट्टी बंद की गई। अब सोमवार को पर्व के दिन भी पूरा दिन निशुल्क बस सेवा जारी रहेगी।
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एक तरफ जहां दोपहर 12 बजे के बाद नए बस स्टैंड पर महिलाओं की काफी भीड़ जुटी। वहीं, शाम तक महिलाओं की बसों में यात्रा करने को लेकर काफी जल्दबाजी दिखाई दी। ऐसे में शाम तक नए बस स्टैंड पर भारी भीड़ का आलम रहा। दोपहर बाद महिलाओं की अधिक होने के कारण परिवहन समिति की बसों ने चक्कर कम कर दिए। कई बसों के चालक बस स्टैंड व आरटीए विभाग कार्यालय में खड़ा कर घर लौट गए। इस कारण निजी रूटों पर जाने वाले चीका, नरवाना, नंगूरा व पूंडरी रूट पर यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बता दें कि कि रोडवेज ने दोपहर को करीब 140 बसों का संचालन सभी रूटों पर करवा दिया था। इसके बाद रिजर्व बसों को यात्रियों की संख्या के हिसाब से रूटों पर चलाया गया। जहां यात्रियों की संख्या ज्यादा हुई वहां पर बसें डिपो की ओर से भेज दी गई। रोडवेज डिपो कैथल की तरफ से 192 बसों को चलाया गया, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। इसके लिए स्वयं रोडवेज महाप्रबंधक कमलजीत ने स्थिति संभाला और बस स्टैंड की स्थिति का जायजा लिया। यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए बस अड्डे पर रोडवेज इंस्पेक्टरों की ड्यूटी भी लगाई थी। सहकारी समिति की बसों की इंट्री रजिस्ट्रर में भी हुई हैं। वहीं निजी बसों के काफी कम संख्या में चलने की रिपोर्ट रोडवेज विभाग की ओर से आरटीए विभाग को सौंपी जाएगी और बसों पर विभागीय कार्रवाई की मांग की जाएगी।
अतिरिक्त जवान तैनात रहे
सुरक्षा के दृष्टिगत अतिरिक्त पुलिस जवानों को भी तैनात किया गया था, जो पूरे बस अड्डा परिसर में घूमकर शरारती तत्वों पर नजर रखे हुए थे। उधर, डिपो की तरफ से 40 बसों को रिजर्व रखा हुआ था। जिनमें से 20 बसें रात के लिए स्पेशल लगाया गया। वहीं रोडवेज कर्मचारियों की दो दिन की छुट्टिया भी रद्द कर दी गई हैं।
यहां चलीं अतिरिक्त बसें ः रोडवेज ने जींद, नरवाना, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, गुहला चीका रूट पर अतिरिक्त बसों को चलाया। क्योंकि यहां पर यात्रियों की संख्या पहले के दिनों की अपेक्षा अधिक रही। सुबह से लेकर शाम तक करीब 16 हजार महिला यात्रियों ने रोडवेज बसों में सफर तय किया। 241 चालक व 292 परिचालक ड्यूटी पर रहे। कार्यालय में किसी को नहीं बैठने नहीं दिया गया।
अपने घर असंध जा रही हूं। निजी बस का समय है, लेकिन बस नहीं मिली है। बस चालक फ्री के कारण बस काउंटर पर नहीं लगा रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। -रीटा रानी
देबवन अपने घर पर जाना था। दोपहर करीब दो बजे प्राइवेट बस का समय था, लेकिन बस नहीं लग रही है। काफी परेशानी हुई। -रमनदीप कौर, सीवन
सोमवार आधी रात्रि तक निशुल्क बस सेवा की सुविधा मिलेगी। यात्रियों की संख्या के हिसाब से रोडवेज ने रूटों पर बसें भेजी। निजी बस संचालकों से बैठक करके उन्हें चेताया गया था कि वे सभी बसें चलाएं। यदि फिर भी कोई शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सुनील कुमार, संस्थान प्रबंधक, कैथल डिपो।