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आतिशबाजी से एक्यूआई 254 पर पहुंचा, हवा में घुटने लगा दम
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AQI reached 254 due to fireworks, suffocating in the air
- फोटो : Kaithal
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जिला प्रशासन की ओर से दिवाली के उपलक्ष्य में पटाखा बिक्री और जलाने पर लगाई गई रोक दिवाली की रात आतिशबाजी के धुएं में उड़ गई। दिवाली की पूरी रात आतिशबाजी हुई। जिसका असर यह हुआ कि जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स 194 से बढ़कर 254 हो गया। जिससे हवा में दम घुटने सा लगा।
दिवाली के उपलक्ष्य में पिछले साल नवंबर माह के प्रदूषण स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पटाखा बिक्री व पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन छोटी दिवाली व बड़ी दिवाली के दिन जमकर आतिशबाजी हुई। शहर में कई जगहों पर सरेआम पटाखे बेचे गए। हालांकि प्रशासन द्वारा किसी को भी पटाखा बिक्री का लाइसेंस नहीं दिया गया था। फिर भी करीब हर गली मोहल्ले में आतिशबाजी की आवाज सुनाई दीं। मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 171 पर था। बुधवार को इंडेक्स का स्तर बढऩा शुरू हो गया था। इंडेक्स 200 के करीब पहुंच गया था। बड़ी दीपावली के दिन इंडेक्स बढ़ना शुरू हुआ था और रात तक इंडेक्स का स्तर 254 पहुंच चुका था। शुक्रवार को सुबह 11 बजे इंडेक्स 254 दर्ज किया गया। बता दें कि हर घंटे इंडेक्स के स्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि इस बार फसल अवशेष प्रबंधन अच्छा हो रहा है। बहुत ही कम किसान खेतों में फसल अवशेषों को आग लगा रहे है, जो किसान आग लगा रहे है, उनकी एप के माध्यम से जांच की जा रही है। यदि कोई किसान मौके पर आग लगाए पाया जाता है तो उससे नियमानुसार जुर्माना लगाया जा रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि दो दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ गया है। पटाखों के धुएं के कारण इंडेक्स बढ़ा है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसके अलावा धूल के कारण व खेतों में फसल अवशेष जलाने के करण भी इंडेक्स का स्तर बढ़ जाता है। दो से तीन दिन में इंडेक्स का स्तर सामान्य हो सकता है। घरों से निकलते समय मास्क का प्रयोग करना चाहिए।
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दिवाली के उपलक्ष्य में पिछले साल नवंबर माह के प्रदूषण स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पटाखा बिक्री व पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाया था। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन छोटी दिवाली व बड़ी दिवाली के दिन जमकर आतिशबाजी हुई। शहर में कई जगहों पर सरेआम पटाखे बेचे गए। हालांकि प्रशासन द्वारा किसी को भी पटाखा बिक्री का लाइसेंस नहीं दिया गया था। फिर भी करीब हर गली मोहल्ले में आतिशबाजी की आवाज सुनाई दीं। मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 171 पर था। बुधवार को इंडेक्स का स्तर बढऩा शुरू हो गया था। इंडेक्स 200 के करीब पहुंच गया था। बड़ी दीपावली के दिन इंडेक्स बढ़ना शुरू हुआ था और रात तक इंडेक्स का स्तर 254 पहुंच चुका था। शुक्रवार को सुबह 11 बजे इंडेक्स 254 दर्ज किया गया। बता दें कि हर घंटे इंडेक्स के स्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
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कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने कहा कि इस बार फसल अवशेष प्रबंधन अच्छा हो रहा है। बहुत ही कम किसान खेतों में फसल अवशेषों को आग लगा रहे है, जो किसान आग लगा रहे है, उनकी एप के माध्यम से जांच की जा रही है। यदि कोई किसान मौके पर आग लगाए पाया जाता है तो उससे नियमानुसार जुर्माना लगाया जा रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि दो दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ गया है। पटाखों के धुएं के कारण इंडेक्स बढ़ा है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसके अलावा धूल के कारण व खेतों में फसल अवशेष जलाने के करण भी इंडेक्स का स्तर बढ़ जाता है। दो से तीन दिन में इंडेक्स का स्तर सामान्य हो सकता है। घरों से निकलते समय मास्क का प्रयोग करना चाहिए।