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Kaithal News: अंतरजीत ने उगाया साढ़े तीन किलो का खरबूजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 May 2025 01:54 AM IST
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Antarjit grew a melon weighing three and a half kilos
07 कैथल। सीवन के खेतों में 3.5 किलोग्राम का खरबूजा दिखाते अंतरजीत सिंह
सीवन। हरियाणा के सीवन क्षेत्र के प्रगतिशील किसान अंतरजीत सिंह ने वैज्ञानिक तकनीकों और अपनी मेहनत के बल पर अब अपने खेत में साढ़े तीन किलो वजन का गोल्डन ग्लोरी किस्म का खरबूजा उगाया है। यह उपलब्धि उनके निरंतर प्रयोगों का परिणाम है। अंतरजीत सिंह ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने अपने खेत की 28 एकड़ भूमि पर गोल्डन ग्लोरी खरबूजे की खेती की है, जो आकार, स्वाद और गुणवत्ता में बे-जोड़ है। हालांकि, इस बार मौसम की बेरुखी, खासकर बिजाई के समय और बाद में हुई भारी बारिश ने फसल को काफी प्रभावित किया। उत्पादन में आई गिरावट से उन्हें प्रति एकड़ 200 से 250 बैग कम पैदावार मिली है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
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बढ़ती लागत बनी चिंता : खेती अब आसान नहीं रही। अंतरजीत सिंह ने बताया कि गोल्डन ग्लोरी किस्म के बीज की कीमत 30,000 रुपये प्रति किलोग्राम है और यह बीज केवल तीन एकड़ में ही लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मल्चिंग, खाद, कीटनाशक, स्प्रे और अन्य कृषि आवश्यकताओं पर प्रति एकड़ 60,000 रुपये तक खर्च आता है। लगातार बढ़ती लागत और प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेती अब जोखिम भरा पेशा बनता जा रहा है।
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सब्सिडी और एमएसपी की गुहार : अंतरजीत सिंह ने सरकार से अपील की है कि मल्चिंग, बीज, खाद और अन्य कृषि संसाधनों पर सब्सिडी दी जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने खरबूजे पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने की भी मांग की है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
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