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Kaithal News: सिटी स्क्वेयर के ठप कार्य पर जवाब तलब
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कैथल। शहर के बीचों-बीच स्थित पुराने बस अड्डे की जगह में बनाए जा रहे सिटी स्क्वेयर के काम के बंद होने पर इसके निर्माण का ठेका लेने वाली एजेंसी को दूसरी बार नगर परिषद ने नोटिस जारी किया है। इसमें सात दिन का समय देते हुए जवाब मांगा है। यदि जवाब नहीं दिया गया तो उस पर पांच करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना किया जा सकता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में इसका शिलान्यास तत्कालीन मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैथल में आयोजित रैली में इसका निर्माण कार्य पूरा करने की घोषणा की थी। तब किसी तरह से सिटी स्क्वेयर का काम शुरू हो सका लेकिन बाद में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते काम फिर रुक गया। इसके बाद विधायक लीला राम की पैरवी के बाद पिछले साल किसी तरह इसका काम शुरू किया गया लेकिन दो माह से फिर से यह बंद है।
नगर परिषद ने अप्रैल की शुरुआत में एक नोटिस जारी किया था। इसमें एजेंसी ने समय अवधि निकलने के बाद तीन दिन का समय मांगा था। तीन दिन में भी जब कोई जवाब नहीं आया तो नगर परिषद की ओर से अब दूसरा नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब देने को कहा है। यदि तय अवधि में जवाब नहीं दिया गया तो पांच करोड़ 23 लाख रुपये का जुर्माना किया जाएगा। अब देखना होगा कि एजेंसी जवाब देती है या नहीं।
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दूसरी ओर नगर परिषद ईओ कुलदीप मलिक ने बताया कि बिना बताए काम बंद करने पर संबंधित एजेंसी को दूसरी बार नोटिस जारी किया है। यदि समय अवधि में जवाब नहीं दिया तो कुल टेंडर के दस प्रतिशत तक का जुर्माना किया जाएगा। इसके लिए नोटिस में राशि बता दी गई है।
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गौरतलब है कि वर्ष 2015 में इसका शिलान्यास तत्कालीन मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैथल में आयोजित रैली में इसका निर्माण कार्य पूरा करने की घोषणा की थी। तब किसी तरह से सिटी स्क्वेयर का काम शुरू हो सका लेकिन बाद में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते काम फिर रुक गया। इसके बाद विधायक लीला राम की पैरवी के बाद पिछले साल किसी तरह इसका काम शुरू किया गया लेकिन दो माह से फिर से यह बंद है।
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नगर परिषद ने अप्रैल की शुरुआत में एक नोटिस जारी किया था। इसमें एजेंसी ने समय अवधि निकलने के बाद तीन दिन का समय मांगा था। तीन दिन में भी जब कोई जवाब नहीं आया तो नगर परिषद की ओर से अब दूसरा नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब देने को कहा है। यदि तय अवधि में जवाब नहीं दिया गया तो पांच करोड़ 23 लाख रुपये का जुर्माना किया जाएगा। अब देखना होगा कि एजेंसी जवाब देती है या नहीं।
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दूसरी ओर नगर परिषद ईओ कुलदीप मलिक ने बताया कि बिना बताए काम बंद करने पर संबंधित एजेंसी को दूसरी बार नोटिस जारी किया है। यदि समय अवधि में जवाब नहीं दिया तो कुल टेंडर के दस प्रतिशत तक का जुर्माना किया जाएगा। इसके लिए नोटिस में राशि बता दी गई है।