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नाराज आढ़तियों की हड़ताल जारी, धान लेकर आ रहे किसान परेशान
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1-कैथल। तिसरे दिन हड़ताल के दौरन बंद पड़ी नई अनाज मंडी।
- फोटो : Kaithal
कैथल। ई-नेम पोर्टल प्रणाली के विरोध में जिलेभर की अनाज मंडियों में बुधवार को तीसरे दिन भी हड़ताल जारी रही। जिलेभर के आढ़ती सीएम आवास के घेराव के कार्यक्रम के शामिल होने करनाल में पहुंचे। उधर, सरकार से कोई जवाब न मिलने से नाराज आढ़तियों ने हड़ताल आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर मंडी में धान लेकर पहुंच रहे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि हड़ताल का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। मौसम भी खराब है। ऐसे में उनका माल बिकने से पहले ही खराब हो सकता है। किसान रामदिया, अशोक व रामरतन ने कहा कि वह पिछले दो दिन से धान मंडी में लेकर पहुंच रहा है, लेकिन उसका धान नहीं बिक रहा काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मंडी एसोसिएशन के प्रधान अश्विनी शोरेवाला ने कहा कि सीजन के समय में सरकार हर बार कोई न कोई नया कानून बनाती है। जिस कारण से उन्हें कठिनाई होती है। जब तक सरकार आढ़तियों के हित में यह फैसला वापस नहीं लेती। यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। अब आढ़तियों ने हड़ताल को बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार के जवाब तक यह हड़ताल जारी रहेगी।
वहीं, धान की सरकारी खरीद सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों ने भी लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि हर वर्ष जब किसानों का धान मंडियों में आने लगता है तो मंडियों में हड़ताल का सिलसिला जारी हो जाता है। हड़ताल के कारण किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। यही हड़ताल लंबी चली तो किसानों को बेबस होकर पंजाब व यूपी की मंडियों में धान बेचना पड़ेगा। किसान नेता सतपाल दिल्लोवाली ने कहा कि किसानों की धान को मिट्टी के भाव खरीदा जाता है। पीआर धान भी पक कर तैयार है। सरकार 25 सितंबर से खरीद शुरू करें। आढ़तियों से बातचीत करके हड़ताल को जल्दी खत्म करवाएं।
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हड़ताल से तीनों मंडियों में धान की ढेरियां लगने का सिलसिला जारी
ढांड। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी एसोसिएशन के आह्वान पर ढांड मंडी एसोसिएशन ने तीसरे दिन भी हड़ताल रखी। हड़ताल के चलते ढांड की तीनों मंडियों में धान की ढेरियां लगने का सिलसिला जारी है। मंडियों में धान के बड़े-बड़े ढेर लग गए। ढांड मंडी में एक भी दाने की खरीद-फरोख्त नहीं हुई है। मंडी प्रधान रमेश कुमार की अध्यक्षता में सुबह के समय आढ़तियों ने बैठक कर करनाल रैली में सीएम आवास घेरने के लिए रवाना हुए। प्रधान रमेश कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से आढ़तियों के साथ बातचीत के लिए कोई पहल नही की गई है। जिससे लगता है कि सरकार आढ़तियों के साथ टकराव की नीति चल रही है।
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जिला मंडी एसोसिएशन के प्रधान अश्विनी शोरेवाला ने कहा कि सीजन के समय में सरकार हर बार कोई न कोई नया कानून बनाती है। जिस कारण से उन्हें कठिनाई होती है। जब तक सरकार आढ़तियों के हित में यह फैसला वापस नहीं लेती। यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। अब आढ़तियों ने हड़ताल को बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार के जवाब तक यह हड़ताल जारी रहेगी।
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वहीं, धान की सरकारी खरीद सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों ने भी लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि हर वर्ष जब किसानों का धान मंडियों में आने लगता है तो मंडियों में हड़ताल का सिलसिला जारी हो जाता है। हड़ताल के कारण किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। यही हड़ताल लंबी चली तो किसानों को बेबस होकर पंजाब व यूपी की मंडियों में धान बेचना पड़ेगा। किसान नेता सतपाल दिल्लोवाली ने कहा कि किसानों की धान को मिट्टी के भाव खरीदा जाता है। पीआर धान भी पक कर तैयार है। सरकार 25 सितंबर से खरीद शुरू करें। आढ़तियों से बातचीत करके हड़ताल को जल्दी खत्म करवाएं।
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हड़ताल से तीनों मंडियों में धान की ढेरियां लगने का सिलसिला जारी
ढांड। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी एसोसिएशन के आह्वान पर ढांड मंडी एसोसिएशन ने तीसरे दिन भी हड़ताल रखी। हड़ताल के चलते ढांड की तीनों मंडियों में धान की ढेरियां लगने का सिलसिला जारी है। मंडियों में धान के बड़े-बड़े ढेर लग गए। ढांड मंडी में एक भी दाने की खरीद-फरोख्त नहीं हुई है। मंडी प्रधान रमेश कुमार की अध्यक्षता में सुबह के समय आढ़तियों ने बैठक कर करनाल रैली में सीएम आवास घेरने के लिए रवाना हुए। प्रधान रमेश कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से आढ़तियों के साथ बातचीत के लिए कोई पहल नही की गई है। जिससे लगता है कि सरकार आढ़तियों के साथ टकराव की नीति चल रही है।