फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Angry farmers blocked the purchase of paddy by Cheeka Millers

चीका मिलर्स के धान खरीदने पर रोक से नाराज किसानों ने लगाया जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Oct 2021 01:03 AM IST
विज्ञापन
Angry farmers blocked the purchase of paddy by Cheeka Millers
Angry farmers blocked the purchase of paddy by Cheeka Millers - फोटो : Kaithal
जिला मिलिंग कमेटी ने कैथल अनाज मंडी से चीका के मिलर्स के धान खरीद पर रोक लगा दी। जिससे धान की गिरी कीमतों के कारण किसानों में रोष फैल गया। किसानों ने मिलर्स और प्रशासनिक अधिकारियों पर मिलीभगत कर आरोप लगाते हुए विस्तार अनाज मंडी के बाहर जींद रोड पर जाम लगा दिया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में वाहन फंस गए और उन्हें वेकल्पिक मार्गों से निकाला गया। चार घंटे बाद एसडीएम ने पूरा एमएसपी दिलवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। किसानों ने पूरा एमएसपी न मिलने पर तितरम मोड पर जाम लगाने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

इस सीजन में डीसी प्रदीप दहिया द्वारा मिलिंग कमेटी की बैठक में सप्ताह भर पहले चीका के मिलर्स को खरीद की अनुमति दे दी थी। इसके बाद से ही एमएसपी पर खरीद का विवाद जैसे थम सा गया था और किसानों की एमएसपी पर बिकने वाली धान की कई ट्रालियों को तो एमएसपी से भी ज्यादा कीमत मिली थी। लेकिन बुधवार को चीका मिलर्स के कैथल मंडी से खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
विज्ञापन

इसके बाद मंडी में मंगलवार की तुलना में कथित तौर पर एमएसपी से 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल तक धान बिकना शुरू हो गई। कीमतों में गिरावट की बात की जानकारी मिलते ही भाकियू जिला अध्यक्ष होशियार सिंह प्यौदा, महावीर नरड़ सहित अन्य किसान एकत्रित हो गए और रोष प्रकट करते हुए पहले डीएफएससी कार्यालय पहुंचे। जहां डीएफएससी उन्हें नहीं मिले। काफी देर इंतजार के बाद किसानों ने विस्तार अनाज मंडी के बाहर जाम लगा दिया। करीब एक बजे लगाया गया जाम सायं 4 बजे तक जारी रहा। यहां भाकियू नेता होशियार सिंह ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलीभगत करते हुए चीका के मिलर्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिस कारण एक ही दिन में एमएसपी 1800 से 1900 रुपये तक दिया जाने लगा है। जो 100 व इससे भी अधिक रुपये प्रति क्विंटल कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कहने को किसान के खाते में पूरी रकम दी जाती है। लेकिन मिलर्स एमएसपी से जितना धान कम बिकेगा, उतनी ही राशि आढ़ती से और आढ़ती बाद में जमींदार से वसूल कर लेता है। जिस कारण किसान परेशान हैं। उनकी मांग है कि चीका के मिलर्स को यहां खरीद की अनुमति दी जाए। किसान महावीर नरड़, मनोज कुमार, सतबीर जागलान सहित अनेकों किसानों ने यहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब 4 बजे एसडीएम संजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को पूरा एमएसपी दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया। भाकियू नेता होशियार प्यौदा ने कहा कि यदि एमएसपी पूरा नहीं मिला तो किसान तितरम मोड पर जाम लगाएंगे। डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने कहा कि मिलिंग कमेटी ने कैथल के मिलर्स का कोटा पूरा करवाने के लिए चीका के मिलर्स की खरीद पर प्रतिबंध लगाया है। वे अकेले इसमें कुछ नहीं कर सकते। किसानों के खाते में पूरा एमएसपी दिया जा रहा है।

जाम के चलते हरियाणा रोडवेज की एक बस व एक कार की टक्कर में कार क्षतिग्रस्त हो गई। जिसकी सूचना कार चालक ने डायल 112 पर दी। इसके बाद तितरम थाना व सिविल लाइन थाना से दो पुलिस की गाड़ियां पहुंचीं। बाद में मामले को किसी तरह से सुलझा लिया गया। जाम के कारण वाहनों को चंदाना व अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed