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Kaithal News: शोषण के विरोध में फूटा गुस्सा, आयुक्त को ज्ञापन
Sun, 10 May 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 10 May 2026 12:44 AM IST
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जिला नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते कर्मचारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। 165 कर्मचारियों के कथित शोषण के विरोध में कर्मचारियों ने जिला नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें बेहद कम वेतन दिया जा रहा है, जिससे उनके परिवारों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों को मात्र 2500 रुपये, 4000 रुपये, 5000 रुपये और अधिकतम 7200 रुपये तक वेतन दिया जा रहा है, जो न्यूनतम वेतन नियमों के खिलाफ है।
कर्मचारियों ने बताया कि नियमानुसार प्रत्येक कर्मचारी का न्यूनतम वेतन 10924 रुपये बनता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निर्धारित वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों को कार्य के लिए आवश्यक झाड़ू तक उपलब्ध नहीं करवाई गई, जबकि यह उसकी जिम्मेदारी थी।
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ठेकेदार और यूनियन पर मिलीभगत के आरोप : कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और यूनियन प्रधान महेंद्र बिडलान की मिलीभगत से उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वेतन में गड़बड़ी की गई है। इससे उनमें भारी रोष है।
ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनके साथ अन्याय हो रहा है।
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कैथल। 165 कर्मचारियों के कथित शोषण के विरोध में कर्मचारियों ने जिला नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें बेहद कम वेतन दिया जा रहा है, जिससे उनके परिवारों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों को मात्र 2500 रुपये, 4000 रुपये, 5000 रुपये और अधिकतम 7200 रुपये तक वेतन दिया जा रहा है, जो न्यूनतम वेतन नियमों के खिलाफ है।
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कर्मचारियों ने बताया कि नियमानुसार प्रत्येक कर्मचारी का न्यूनतम वेतन 10924 रुपये बनता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निर्धारित वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों को कार्य के लिए आवश्यक झाड़ू तक उपलब्ध नहीं करवाई गई, जबकि यह उसकी जिम्मेदारी थी।
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ठेकेदार और यूनियन पर मिलीभगत के आरोप : कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और यूनियन प्रधान महेंद्र बिडलान की मिलीभगत से उनका शोषण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वेतन में गड़बड़ी की गई है। इससे उनमें भारी रोष है।
ज्ञापन सौंपते हुए कर्मचारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनके साथ अन्याय हो रहा है।